हमने पश्चिमी तकनीकी विश्लेषण से आरोही त्रिभुज चार्ट पैटर्न के बारे में जाना है।
चार्ट पर आरोही त्रिभुज पैटर्न बनने से ट्रेडर को ऊपर की ओर तेजी से ब्रेकआउट का संकेत मिलता है।
यह पैटर्न कीमत पर ऊपर की ओर दबाव को दर्शाता है। यानी, उच्च स्तर उसी स्तर पर रहता है, जबकि निम्न स्तर बढ़ता है, जिससे कीमत ऊपरी सीमा पर “दबाब” बनाती है। उसके बाद, ऊपर की ओर तेजी से ब्रेकआउट होता है और काउंटर रजिस्टेंस को पार करता है। गति से बाजार प्रतिभागियों को आत्मविश्वास मिलता है और अपट्रेंड लाइन या मंदी के रुझान में उलटफेर होने का संकेत मिलता है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न सुसंगत ट्रेडिंग प्रणाली है, जिसमें विशिष्ट बाजार प्रवेश/निकास बिंदु और स्टॉप लॉस लेवल भी तय किए जाते हैं। नीचे, मैं आरोही त्रिभुज पैटर्न पर ट्रेडिंग करने के बारे में विस्तार से समझाऊंगा।
इस आर्टिकल में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
- आरोही त्रिभुज पैटर्न क्या है?
- बुलिश आरोही त्रिभुज पैटर्न की पहचान कैसे करें
- आरोही त्रिभुज बनाम अवरोही त्रिभुज
- आरोही त्रिभुज बनाम उर्ध्वगामी वेज पैटर्न
- आरोही त्रिभुज बनने का मानसिक दृष्टिकोण
- आरोही त्रिभुज पैटर्न पर ट्रेडिंग करने के बारे में जानकारी
- आरोही त्रिभुज पैटर्न का इस्तेमाल करने के फायदें और सीमाएं
- निष्कर्ष
- आरोही त्रिभुज पैटर्न पर ट्रेडिंग से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आरोही त्रिभुज पैटर्न क्या है?
आरोही त्रिभुज पैटर्न, कीमत में बढ़ोतरी का पैटर्न है। यह ऊर्ध्वगामी त्रिभुज के रूप में बनता है। यानी, कीमत संचयी ऊपर की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसमें रजिस्टेंस लाइन अपरिवर्तित रहती है और सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जिससे एसेट की कीमत के निचले स्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
ट्रेडिंग में, यह मॉडल किसी भी वित्तीय बाज़ार में अपेक्षाकृत अक्सर देखा जा सकता है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार, फ़ॉरेक्स, स्टॉक और कमोडिटी बाज़ार शामिल हैं। इसके अलावा, यह चार्ट पैटर्न सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले पैटर्न में से एक है और इसका इस्तेमाल डे ट्रेडिंग में भी किया जा सकता है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न से आपको क्या पता चलता है
चार्ट में आरोही त्रिभुज से निश्चित सीमा तक एसेट की कीमत में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है। ऊर्ध्वगामी त्रिभुज, डाउनट्रेंड की तुलना में अपट्रेंड में ज्यादा प्रभावी होता है। ऐसा इस तथ्य के कारण है कि अपट्रेंड में, बाजार मजबूत खरीदारी और उच्च मात्रा से प्रेरित होता है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न में बढ़ते निम्न स्तर से ट्रेडर को इस बात का संकेत मिलता है कि खरीद का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है और इससे बाजार में संभावित लंबी प्रविष्टियों का संकेत मिलता है।
ऊपरी रजिस्टेंस का ब्रेकआउट कीमत में बढ़ोतरी की उच्च संभावना को दर्शाता है, विशेष रूप से जब कीमत में रजिस्टेंस लाइन को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, ऊपर की ओर बढ़ोतरी हो।
आरोही त्रिभुज पैटर्न का उदाहरण
आइए Apple Inc. के स्टॉक के दैनिक चार्ट में आरोही त्रिभुज पैटर्न का उदाहरण देखें।
नीचे की ओर रुझान के बाद, बाजार में दीर्घकालिक तेजी का रुझान शुरू होता है। जैसा कि आप देख सकते हैं, मूल्य चार्ट पर आरोही त्रिभुज बना है, जिससे समतल रजिस्टेंस लेवल और ऊर्ध्वगामी रजिस्टेंस लेवल का पता चलता है।
खरीदारों (बुल्स) ने विक्रेताओं (बियर्स) की ओर से निर्धारित रजिस्टेंस लेवल को पार करने की कई बार कोशिश की, जिससे कीमत धीरे-धीरे निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ती रही। खरीद के दबाव के कारण अचानक कीमत में उछाल आया, जिससे खरीदारों को रजिस्टेंस लेवल पार करने और ऊपर ले जाने की अनुमति मिली।
रजिस्टेंस लेवल को तेजी से पार करने के बाद, एसेट थोड़े समय के लिए उसी स्तर पर रुक जाती है, जिससे खरीदारों को अगले चरण के लिए सपोर्ट लेवल स्थापित करने का मौका मिलता है।
इसके बाद, कीमत स्तर पार होने के बाद, बाजार में तेजी से बढ़ोतरी जारी रही।
पैटर्न के भीतर कीमत में उतार-चढ़ाव उसकी ऊंचाई से निर्धारित होता है। यह सपोर्ट लेवल के न्यूनतम बिंदु से लेकर रजिस्टेंस लेवल के अधिकतम बिंदु तक होता है।
बुलिश आरोही त्रिभुज पैटर्न की पहचान कैसे करें
चार्ट में आरोही त्रिभुज का पता लगाना कठिन नहीं है, क्योंकि क्षैतिज रूप से स्थित समकोण त्रिभुज की रूपरेखा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न बनने की सही ढंग से पहचान करने के लिए, मूल्य चार्ट पैटर्न की इन विशेषताओं की पहचान करना ज़रूरी है:
यह बुलिस पैटर्न है। यह आमतौर पर रुझान जारी रहने वाले पैटर्न के रूप में ऊपर की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन में बनता है। हालांकि, यह पैटर्न डाउनट्रेंड के निचले स्तर पर रिवर्सल पैटर्न के रूप में भी बन सकता है, जिससे बुलिस ट्रेंड में तेजी से बदलाव का संकेत मिलता है;
हॉरिजॉन्टल रजिस्टेंस लाइन लगभग एक ही स्तर पर कम से कम दो बिंदुओं से जुड़ी होनी चाहिए। इन दो बिंदुओं के बीच, कीमत में सुधारात्मक निम्न स्तर बनना चाहिए;
सपोर्ट लेवल कम से कम दो लगातार अलग-अलग बिंदुओं से जुड़ा होना चाहिए। इसके अलावा, हर अगला न्यूनतम बिंदु पिछले से ज्यादा होना चाहिए। अन्यथा, पैटर्न सही नहीं माना जाएगा;
साप्ताहिक या मासिक जैसे लंबी अवधि के टाइमफ्रेम में आरोही त्रिभुज पैटर्न ज्यादा प्रभावी होता है। फिर भी इस संरचना का इस्तेमाल डे ट्रेडिंग या कई दिनों के टाइमफ्रेम में किया जा सकता है;
पैटर्न बनने के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी होती है। रजिस्टेंस लेवल पार होने पर वॉल्यूम बढ़ना सही है, लेकिन यह ज़रूरी शर्त नहीं है;
पैटर्न की पुष्टि ऊपरी हॉरिजॉन्टल लाइन पार होने से होती है। इस समय, रजिस्टेंस लेवल पार होने पर एक नया आधार बन बन गया है, जिसे अब सपोर्ट लेवल माना जा रहा है। इसके बाद, लेवल पार होने पर सुधारात्मक परीक्षण ठीक इसी लेवल तक हो सकता है;
आरोही त्रिभुज पैटर्न में वांछित लाभ संरचना के चौड़े हिस्से की ऊंचाई से निर्धारित की जाती है।
ऊर्ध्वगामी त्रिभुज पैटर्न मापने की पद्धति
अगर पैटर्न पूरी तरह से सभी शर्तों और अपेक्षित फीचर के अनुरूप है, तो खरीदारी वाले ट्रेड में प्रवेश करने से पहले पैटर्न के लिए संभावित लाभ लक्ष्य को मापना ज़रूरी है।
पैटर्न के अनुसार, कीमत में संभावित उतार-चढाव को निर्धारित करने के लिए, आप LiteFinance ऑनलाइन ट्रेडिंग टर्मिनल में निर्मित सामान्य टूल, यानी "प्राइस रेंज" का इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्राइस चार्ट में आरोही त्रिभुज की पहचान करने के बाद, इसे खींचना ज़रूरी है और "प्राइस रेंज" टूल को आरोही निचली ट्रेंड लाइन की शुरुआती बिंदु से लेकर त्रिभुज पैटर्न के सबसे निचले बिंदु से प्रतिरोध रेखा तक खीचना चाहिए। उसके बाद, आपको "क्लोन" फ़ंक्शन का इस्तेमाल करके टूल को डुप्लिकेट करना होगा और इसे रजिस्टेंस लाइन ब्रेकआउट लेवल से अपेक्षित लाभ लक्ष्य तक लागू करना होगा।
इसे नीचे H4 ETHUSD प्राइस चार्ट में दिखाया गया है।
आरोही त्रिभुज बनाम अवरोही त्रिभुज
आरोही और अवरोही त्रिभुज के बीच मुख्य अंतर कीमत में उतार-चढ़ाव की दिशा होती है।
आरोही त्रिभुज एक बुलिस पैटर्न है। खरीदारों के लिए सपोर्ट लाइन ऊपर की ओर झुकी हुई है, जबकि रजिस्टेंस लेवल ऊपरी क्षैतिज रेखा है। इस समय, खरीदार रजिस्टेंस लाइन से ऊपर ब्रेकआउट का लक्ष्य रखते हुए कीमत को ऊपर की ओर ले जाते हैं।
नीचे की ओर इंगित करने वाले मंदी के मूल्य पैटर्न को अवरोही त्रिभुज पैटर्न कहा जाता है।
अवरोही त्रिभुज में ऊपरी रेखा नीचे की ओर निर्देशित होती है, जबकि निचली रेखा क्षैतिज होती है। इस स्थिति में, मंदी के कारण कीमतें नीचे गिरती हैं, जिससे सपोर्ट लेवल से नीचे ब्रेकआउट हो जाता है।
आरोही त्रिभुज बनाम उर्ध्वगामी वेज पैटर्न
आरोही त्रिभुज पैटर्न, आरोही वेज पैटर्न से बहुत मिलता-जुलता है। यही वजह है कि कई ट्रेडर विशेष रूप से नए ट्रेडर उन्हें लेकर भ्रमित होते हैं।
इस बात पर ध्यान देना ज़रूरी है कि आरोही त्रिभुज तेजी वाला पैटर्न है, जिससे आम तौर पर ऊपर की ओर रुझान जारी रहने का संकेत मिलता है। इसके अलावा, उर्ध्वगामी वेज पैटर्न रिवर्सल पैटर्न को दिखाता है। यह अपट्रेंड के उच्च स्तर पर दिखता है और इससे कीमत में नीचे की ओर गिरावट का संकेत मिलता है।
इन दोनों संरचनाओं के बीच अंतर यह है कि त्रिभुजाकार पैटर्न में ऊपर की ओर हॉरिजॉन्टल ट्रेंड लाइन और नीचे की ओर आरोही ट्रेंड लाइन होती है, जबकि वेज पैटर्न, आरोही संकीर्ण चैनल के रूप में बनता है।
आरोही त्रिभुज में, कीमत ऊपर की ओर हॉरिजॉन्टल लाइन को पार करती है, जबकि उर्ध्वगामी वेज पैटर्न में, ऊपरी रेखा के नीचे की ओर तेजी से ब्रेकआउट होता है।
एक और ज़रूरी अंतर ट्रेडिंग वॉल्यूम है। उर्ध्वगामी वेज पैटर्न में, ट्रेडिंग और पैटर्न का बनना वॉल्यूम बढ़ने के कारण होता है। इसके अलावा, आरोही त्रिभुज बनने पर, वॉल्यूम न्यूनतम होता है और सिर्फ़ ऊपरी रजिस्टेंस लेवल पार होने पर बढ़ोतरी हो सकती है।
आरोही त्रिभुज बनने का मानसिक दृष्टिकोण
प्राइस एक्शन बाजार की वर्तमान मानसिक स्थिति, यानी ट्रेडर की मानसिकता को दिखाता है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न की स्थिति में, खरीदार कीमत को निर्मित हॉरिजॉन्टल रजिस्टेंस तक ले जाते हैं। इस समय, बिक्री दबाव बढ़ने पर कीमत बढ़ने लगती है। हालांकि, खरीदार कीमत बढ़ाने पर अड़े रहते हैं। इस कारण, निचली रुझान रेखा ऊपर की ओर बढ़ रही है और प्रत्येक बाद का निचला स्तर पिछले से ज्यादा है। खरीदार और विक्रेता एक दूसरे की ओर बढ़ते हुए रजिस्टेंस लेवल पर मिलते हैं।
सामान्यतः जब कीमत ऊपरी रेखा के पास पहुंचती है, तो वॉल्यूम बढ़ जाता है और यही वह क्षण होता है जब यह तय होता है कि खरीदार और विक्रेता में से कौन ज्यादा है।
रजिस्टेंस लेवल का ऊपर की ओर ब्रेकआउट खरीदार की जीत का संकेत है। हालांकि, एक और स्थिति तब हो सकती है, जब लक्ष्य मूल्य में तेजी से गिरावट शुरू हो जाए और यह सभी पिछले निचले लेवल को पार कर जाए। इसका सिर्फ़ एक ही मतलब हो सकता है: विक्रेता ने नियंत्रण हासिल कर लिया है और वे बिक्री बढाने की योजना बना रहे हैं, जिससे कीमत में गिरावट आएगी।
ट्रेड की जाने वाली एसेट से संबंधित नकारात्मक समाचार और डेटा जारी होने पर विक्रय दबाव आमतौर पर बढ़ जाता है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न पर ट्रेडिंग करने के बारे में जानकारी
तकनीकी विश्लेषण में आरोही त्रिभुज पर ट्रेड करने के कई तरीके हैं। आइए उनमें से कुछ तरीके के बारे में जानें।
विधि संख्या 1
आइए EURUSD दैनिक चार्ट के उदाहरण के माध्यम से आरोही त्रिकोण पैटर्न के निर्माण में क्लासिक ट्रेडिंग पद्धति को समझें।
नीचे, आप बुलिस चार्ट पैटर्न देख सकते हैं। एसेट की कीमत लंबी रजिस्टेंस लाइन से तीन बार ऊपर बढ़ी है। हालांकि, कीमत का निचला स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है, जिससे मजबूत सपोर्ट लेवल के रूप में उर्ध्वाधर निचली ट्रेंडलाइन बनती है। यानी, खरीदार ने अपने इरादे की पुष्टि की है और कीमत रजिस्टेंस लेवल को पार कर गई है।
चौथी कोशिश में, खरीदार सफल होते हैं और कीमत नीचे से ऊपर के दिशा में लेवल को पार कर जाती है। इस समय, लॉन्ग ट्रेड शुरू करना चाहिए। जोखिम प्रबंधन से जुड़े नियमों के अनुसार स्टॉप लॉस त्रिकोण के भीतर थोड़ा नीचे सेट किया जाता है।
लक्षित लाभ को त्रिभुज की ऊंचाई के आधार पर तय किया जाता है। चार्ट पर प्राइस रेंज टूल का इस्तेमाल करें और वह स्तर निर्धारित करें, जिस तक संभावित रूप से कीमत पहुंचने की संभावना हो सकती है। लाइन खींचें और टेक प्रॉफिट सेट करें।
विधि संख्या 2
आप आरोही त्रिभुज पर ट्रेडिंग करने के लिए ज्यादा सुरक्षित ट्रेडिंग रणनीति अपना सकते हैं।
इस पद्धति से ट्रेडिंग करने मतलब है कि इसमें ब्रोकेन-आउट रजिस्टेंस लेवल की फिर से जांच की अपेक्षा की जाती है। आइए Apple Inc. स्टॉक के चार घंटे के चार्ट का अध्ययन करें।
आप नीचे दिए गए चार्ट से देख सकते हैं कि खरीदार रजिस्टेंस लेवल से ऊपर कीमत ले जाते हैं और अब कीमत उस स्तर पर वापस आई है, ताकि ब्रोकेन-आउट लेवल की जांच कर सकें।
इस स्थिति में, इस लेवल की जांच करना ज़रूरी है और यह सुनिश्चित करने के बाद कि खरीदार ने कीमत को ऊपर बनाए रखा है, लॉन्ग ट्रेड में प्रवेश करें।
स्टॉप लॉस को त्रिभुज में थोड़ा नीचे लगाया जाता है। यह रेफरेंस कैंडलस्टिक हो सकता है, जहां से ब्रेकआउट के बाद ऊपर की ओर गति शुरू हुई है। कीमत में संभावित उतार-चढ़ाव त्रिभुज की अधिकतम ऊंचाई से तय होता है।
विधि संख्या 3
आरोही त्रिभुज पैटर्न पर ट्रेडिंग करने की अन्य लाभदायक रणनीति लंबवत रेखा निर्धारित करना और सममित त्रिभुज का निर्माण करना है।
आइए चार घंटे के BTCUSD चार्ट पर नज़र डालें।
नीचे दिए गए चित्र आरोही त्रिभुज बनते हुए दिखाया गया है। इस तरह की स्थिति में, जैसा कि अन्य स्थितियों में भी होता है, रजिस्टेंस लेवल पार होने का इंतजार करना चाहिए है उसके बाद, आप लॉन्ग पोजीशन खोल सकते हैं। साथ ही, स्टॉप लॉस को जोखिम प्रबंधन से जुड़े नियमों के अनुसार त्रिभुज में थोड़ा नीचे सेट किया जाना चाहिए।
टेक-प्रॉफिट लेवल को तय करने के लिए, रजिस्टेंस लेवल की शुरुआत से उर्ध्वगामी सपोर्ट लाइन के विपरीत लंबवत रेखा निर्धारित करना और सममित त्रिभुज बनाना ज़रूरी है।
इस स्थिति में, आप ट्रेडिंग में अपेक्षित प्रॉफिट टार्गेट लेवल निर्धारित कर सकते हैं।
आरोही त्रिभुज पैटर्न का इस्तेमाल करने के फायदें और सीमाएं
अन्य प्राइस पैटर्न की तरह, आरोही त्रिकोण के भी अपने फायदे और नुकसान हैं।
फ़ायदे:
किसी भी वित्तीय साधन की ट्रेडिंग करते समय आरोही त्रिकोण का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पैटर्न शेयर बाजार और फॉरेक्स, क्रिप्टोकरेंसी बाजार और कमोडिटी बाजार दोनों में देखा जा सकता है;
आरोही त्रिभुज पैटर्न दीर्घकालिक और अल्पकालिक किसी भी समय सीमा में दिखाई दे सकता है। इसके अलावा, कई ट्रेडर इस पैटर्न का इस्तेमाल डे ट्रेडिंग में करते हैं;
इसकी पहचान करने और ट्रेडिंग में आसानी के कारण, इस पैटर्न का इस्तेमाल नए ट्रेडर कर सकते हैं, क्योंकि इसमें ट्रेड शुरू करने और बाहर निकलने के लिए स्पष्ट मानदंड दिए गए हैं;
आपको आरोही त्रिभुज पैटर्न पर ट्रेड करने के लिए किसी जटिल इंडीकेटर या अतिरिक्त टूल की ज़रूरत नहीं है। पैटर्न बनने के मूल नियमों और इसकी विशिष्ट फीचर को जानना ही काफी है।
कमियां:
आरोही त्रिभुज पैटर्न से हमेशा सही और सटीक संकेत नहीं मिलता है। यह ख़ास तौर पर डाउनट्रेंड में इसके बनने पर लागू होता है। डाउनट्रेंड में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने के कारण, खरीदार हमेशा कीमत ऊपर की ओर नहीं ले जा सकते। इस तरह, चार्ट में खरीदारों के लिए बुलिस ट्रैप बनता है, जिससे खरीदारी करने के लिए गलत संकेत मिलता है और गलत ब्रेकआउट की स्थिति बनती है;
इसकी संरचना के कारण, पैटर्न के अनुसार अच्छा प्रवेश बिंदु दिखने से पहले त्रिकोण को चार्ट पर बनने में लंबा समय लग सकता है। इसलिए, जब ट्रेडिंग करते हैं, तो खरीदने के लिए पेंडिंग आर्डर का इस्तेमाल करना बेहतर होता है, क्योंकि कीमत के अनुसार उचित रजिस्टेंस के ऊपर की ओर तेजी से ब्रेकआउट के दौरान, उचित प्रवेश बिंदु से चुकने का जोखिम होता है;
आरोही त्रिकोण पैटर्न को गलती से राइजिंग वेज समझ लिया जाता है। यह तेजी से मंदी की ओर जाने वाला रिवर्सल पैटर्न है, क्योंकि प्राइस चार्ट में पूरा त्रिभुज शायद ही कभी बनता है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, मैं इन बातों पर प्रकाश डालना चाहता हूं:
आरोही त्रिकोण से कीमत में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है;
पैटर्न अलग-अलग समय-सीमाओं और वित्तीय साधनों में देखा जा सकता है;
यह पैटर्न ऊपर की ओर रुझान के जारी रहने या नीचे की ओर रुझान के ऊपर की ओर उलटफेर होने का संकेत हो सकता है।
इस संरचना में ट्रेड शुरू करने और बाहर निकलने के लिए स्पष्ट फीचर और नियम दिए गए हैं। साथ ही, स्टॉप-लॉस और टेक-प्रॉफिट भी तय किया गया है;
हालांकि, इस पैटर्न से गलत ब्रेकआउट का संकेत मिल सकता है, जिससे अनुभवी ट्रेडर को भी पैसा गंवाना पड़ सकता है।
इसलिए, वास्तविक खाते पर ट्रेडिंग करने से पहले, आप बिना किसी जोखिम के अपने कौशल का परीक्षण कर सकते हैं और मुफ़्त LiteFinance डेमो अकाउंट पर ट्रेडिंग में अनुभव हासिल कर सकते हैं। इस खाते में वास्तविक समय में जोखिम-मुक्त ट्रेडिंग के लिए अलग-अलग वित्तीय साधन उपलब्ध है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न पर ट्रेडिंग से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आरोही त्रिभुज पैटर्न तेजी वाला कीमत में बढ़ोतरी का पैटर्न है। यह अपट्रेंड में निरंतरता पैटर्न या डाउनट्रेंड में रिवर्सल पैटर्न के रूप में बनता है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न खास तौर पर तेजी वाला होता है और इससे कीमत में बढ़ोतरी का सुझाव मिलता है। यह रुझान जारी रहने का पैटर्न है। जिसका मतलब है कि तेजी का रुझान जारी रहनी चाहिए।
आरोही त्रिकोण में ऊपरी मूल्य प्रतिरोध बनता है, जहां कम से कम दो बिंदु आपस में छोटे अंतराल पर मिलते हैं। साथ ही, इन बिंदुओं के बीच उर्ध्वगामी निम्न स्तर बनता है। ऊर्ध्वाधर सपोर्ट लेवल झुका हुआ होता है।
आरोही त्रिभुज पैटर्न भी गिरावट की स्थिति में दिखता है और रिवर्सल पैटर्न हो सकता है। हालांकि, इस स्थिति में, अन्य तकनीकी इंडीकेटर का इस्तेमाल करके पैटर्न की विश्वसनीयता को सत्यापित करना ज़रूरी है। ज्यादातर स्थिति में, त्रिभुज निरंतरता पैटर्न होते हैं।
सामान्य तौर पर, त्रिकोण निरंतरता पैटर्न होते हैं। आरोही त्रिकोण बाजार में खरीदार की मौजूदा स्थिति और रुचि को दर्शाता है। जिससे बढ़ोतरी जारी रहने या उसकी शुरुआत होने का संकेत मिलता है।
ज़्यादातर स्थिति में, आरोही त्रिभुज ऊपर की ओर जारी रहने का पैटर्न है। हालांकि, इससे नीचे की ओर रुझान के बाद ऊपर की ओर उलटफेर होने का संकेत भी मिल सकता है।
जब आप मूल्य चार्ट में उर्ध्वगामी निम्न स्तर और लगभग समान स्तर पर कम से कम दो उच्च स्तर देखते हैं, तो एक बिंदु पर जोड़ने वाली रेखाएं खींचना ज़रूरी है। इस तरह, आप आरोही निचली रेखा और क्षैतिज ऊपरी रेखा वाला त्रिभुज बना सकते हैं। कभी-कभी यह सममित त्रिभुज हो सकता है।

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