भारत के सबसे धनी लोग देश की अर्थव्यवस्था और दुनिया भर के बिजनेस में अहम योगदान देते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, जिससे नए व्यापारिक साम्राज्य और वित्तीय केंद्र बन रहे हैं। प्रमुख भारतीय अरबपति विविध क्षेत्रों में फैले बड़े समूहों का संचालन करते हैं, बुनियादी ढांचा तैयार करते हैं, दूरसंचार कंपनियों को नियंत्रित करते हैं और फार्मास्यूटिकल और हरित ऊर्जा क्षेत्रों का विकास करते हैं। इन कंपनियों से देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और भारतीय शेयर बाजार के बाज़ार पूंजीकरण को सक्रिय रूप से बढ़ावा मिलता है।

भारत के सबसे अमीर बिज़नेसमैन वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर डालते हैं। उनकी कंपनियां देश और दुनिया दोनों के बाजारों में मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के मामले में आगे रहती हैं। उनकी संपत्ति का आकलन फोर्ब्स की रैंकिंग और फोर्ब्स इंडिया की लिस्ट के आधार पर किया जाता है।

इस आर्टिकल में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:


अहम जानकारी

  • भारत के सबसे अमीर लोगों का बिजनेस सिर्फ एक ही काम तक सीमित नहीं होता। ये लोग लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, बिजली, टेलीकॉम, दवाइयों और स्टील जैसे कई अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं।

  • मुकेश अंबानी लंबे समय से भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में सबसे ऊपर बने हुए हैं।

  • दूसरे स्थान पर रहने वाले गौतम अडानी ने अडानी ग्रुप की स्थापना की। उनकी कंपनी हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) और लॉजिस्टिक्स के काम में लगी है।

  • भारत के शीर्ष 10 सबसे अमीर व्यक्तियों की कुल संपत्ति वास्तव में कई सौ बिलियन डॉलर है। यह दुनिया के कई देशों के बजट से भी ज्यादा है।

  • भारत के प्रभावशाली परिवार ऊर्जा से लेकर वित्तीय क्षेत्र तक प्रमुख उद्योगों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखते हैं।

  • भारतीय अरबपति समाजसेवा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं; उनके योगदान के बिना कई सामाजिक कार्यक्रम संभव ही नहीं हो पाता।

2026 में भारत के सबसे अमीर आदमी कौन हैं?

जाने-माने बिज़नेस पब्लिकेशन के विश्लेषक यह जानना चाहते हैं कि भारत के सबसे अमीर आदमी कौन हैं। ताज़ा फोर्ब्स और फोर्ब्स इंडिया रिच लिस्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी अब भी नंबर 1 पर बने हुए हैं।

अंबानी की कुल संपत्ति लगभग 100 बिलियन डॉलर मानी जाती है। वे Reliance Industries के मालिक हैं। यह एशिया के प्रमुख समूह और दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। Reliance Industries पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलीकॉम जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है और साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तेजी से निवेश कर रही है।

मुकेश अंबानी सिर्फ भारत के ही नहीं, बल्कि कुछ सालों तक एशिया के भी सबसे अमीर व्यक्ति रहे हैं।

भारत की सबसे अमीर महिला कौन हैं?

भारत के सबसे अमीर महिला में सावित्री जिंदल प्रमुख हैं।

भारत की सबसे अमीर महिला OP Jindal Group की प्रमुख हैं। यह ग्रुप ऊर्जा और स्टील के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर काम करने वाला बड़ा औद्योगिक समूह है। अपने पति के निधन के बाद, उन्होंने स्टील और पावर (ऊर्जा) क्षेत्र के इस विशाल औद्योगिक साम्राज्य की कमान संभाली और सफलतापूर्वक इसका नियंत्रण और विकास बनाए रखा है। 

सावित्री जिंदल की कुल संपत्ति लगभग 38 अरब डॉलर मानी जाती है, जिससे वे भारत की सबसे अमीर महिला बनती हैं। ओपी जिंदल ग्रुप दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के विकास और आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाता है। इस तरह, भारत की सबसे अमीर महिला देश के आधुनिक औद्योगिक ढांचे को नई दिशा दे रही हैं।

भारत के टॉप 10 सबसे अमीर व्यक्ति: नेट वर्थ और रैंकिंग

भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोगों की सूची फोर्ब्स और फोर्ब्स इंडिया की रैंकिंग के आधार पर तैयार की जाती है, जिससे हर साल देश के सबसे धनी उद्यमियों के बारे में जानकारी मिलती है। इन रैंकिंग में संपत्ति की संरचना, कंपनियों में हिस्सेदारी और भारतीय व वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उनके असर को भी ध्यान में रखा जाता है।

1. मुकेश अंबानी — 103.4 अरब डॉलर। Reliance Industries

मुकेश अंबानी भारत के सबसे बड़े निजी समूह के मालिक हैं। उनका जन्म 1957 में यमन के अदन शहर में हुआ था। 1960 के शुरुआती दशक में उनका परिवार भारत लौट आया और मुंबई में बस गया। उनकी कंपनी, Reliance Industries पेट्रोकेमिकल, रिटेल और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में काम करती है। ताज़ा फोर्ब्स रैंकिंग के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 103.4 अरब डॉलर मानी गई है।

लाइटफाइनेंस: 1. मुकेश अंबानी — 103.4 अरब डॉलर। Reliance Industries

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Reliance Industries के मार्केट कैपिटलाइज़ेशन और विविध बिज़नेस संरचना से पूंजी में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित होती है। इसी वजह से अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति और दुनिया के प्रभावशाली बिज़नेस लीडर्स में से एक हैं। हालांकि, उनकी कमाई जेफ बेजोस और एलन मस्क से कम है।

2. गौतम अडानी — 67 अरब डॉलर। Adani Group

गौतम अडानी भारतीय अरबपति और अडानी समूह के संस्थापक हैं, जिसकी स्थापना 1988 में छोटे कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस के रूप में हुई थी।

गौतम अडानी का जन्म 1962 में अहमदाबाद में हुआ था। उन्होंने 16 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी और हीरों की छंटाई का काम शुरू किया। आज अडानी ग्रुप बड़ा और कई तरह के बिजनेस करने वाला समूह है, जिसकी आय लगभग 37 अरब डॉलर है और मार्केट वैल्यू 200 अरब डॉलर से ज्यादा है। इसमें 50 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं और करीब 36,000 लोग काम करते हैं।

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यह कंपनी मुंद्रा में भारत का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह चलाती है, सात हवाई अड्डों का संचालन करती है और थर्मल पावर और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में अग्रणी हैं।

अडानी की कुल संपत्ति लगभग 67 अरब डॉलर आंकी जाती है। अडानी समूह की प्रतिभूतियां NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर ट्रेड की जाती हैं। और इन्हें ब्लू-चिप स्टॉक्स माना जाता है।

3. सावित्री जिंदल — 38.6 बिलियन डॉलर। OP Jindal Group

सावित्री जिंदल देश के सबसे प्रभावशाली व्यावसायिक परिवारों में से हैं। OP Jindal Group मेटल और स्टील इंडस्ट्री में एक प्रमुख कंपनी है।

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सावित्री जिंदल का जन्म 20 मार्च 1950 को असम में हुआ था। अपने पति के निधन के बाद 2005 में उन्होंने ग्रुप की बागडोर संभाली। उनके नेतृत्व में इस ग्रुप की आय चार गुना बढ़ गई। साथ ही, सावित्री हरियाणा में राजनीति में सक्रिय हैं और शिक्षा व ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने वाले चैरिटी प्रोग्राम में योगदान देती हैं।

4. शिव नाडर — 35 बिलियन डॉलर। HCL Technologies

शिव नादर स्व-निर्मित अरबपति, उद्यमी और समाजसेवी हैं। उनका जन्म 14 जुलाई 1945 को तमिलनाडु के मुलायपुझी गांव में हुआ था। 1976 में उन्होंने HCL की स्थापना की। यह कंपनी कैलकुलेटर और माइक्रोप्रोसेसर बनाती थी। आज, HCL Technologies दुनिया की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनियों में से एक है, जिसकी आय 14.5 अरब डॉलर है, मार्केट कैपिटलाइजेशन 50 अरब डॉलर से ज्यादा है और 60 देशों में 226,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं।

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शिव नादर की संपत्ति लगभग 30 से 35 बिलियन डॉलर बताई जाती है। उन्हें भारत के पांच सबसे अमीर लोगों में से एक माना जाता है। 2008 में आईटी इंडस्ट्री के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया।

नादर समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। उन्होंने SSN इंजीनियरिंग कॉलेज, शिव नादर यूनिवर्सिटी, और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए विद्याग्यान स्कूल नेटवर्क की स्थापना की है।

5. लक्ष्मी मित्तल — 27.8 बिलियन डॉलर। ArcelorMittal

लक्ष्मी मित्तल भारतीय अरबपति हैं और वैश्विक स्टील इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली बिजनेसमैन में से एक माने जाते हैं। उनका जन्म 15 जून 1950 को राजस्थान के सादुलपुर गांव में एक व्यापारी परिवार में हुआ। 1976 में, अपने पिता के साथ मिलकर, उन्होंने इंडोनेशिया में छोटी स्टील कंपनी की स्थापना की, जो बाद में मित्तल स्टील बन गई। साल 2006 में, लक्ज़मबर्ग स्थित आर्सेलर के साथ विलय के बाद, ArcelorMittal दुनिया की प्रमुख स्टील कंपनियों में से एक बन गई।

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ArcelorMittal 60 से ज्यादा देशों में काम करती है, सालाना लगभग 70 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करती है, करीब 65 से 70 बिलियन डॉलर की आमदनी होती है और 1,50,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है।

लक्ष्मी मित्तल की संपत्ति लगभग 27.8 बिलियन डॉलर अनुमानित है और उन्हें भारत और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक माना जाता है।

6. दिलीप सांघवी — 25.2 बिलियन डॉलर। Sun Pharmaceuticals

दिलीप सांघवी भारतीय अरबपति और दवा उद्योग के दिग्गज हैं, जिनका जन्म 1955 में गुजरात में हुआ था। साल 1983 में, उन्होंने 400 डॉलर की शुरुआती पूंजी के साथ Sun Pharmaceutical की स्थापना की।

आज, Sun Pharma भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी बन चुकी है, जिसकी मार्केट कैप लगभग 35 बिलियन डॉलर है और यह दुनिया की प्रमुख जेनेरिक दवाओं की निर्माता कंपनियों में से एक है। यह कंपनी 100 देशों में काम करती है।

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साल 2014 में Ranbaxy Laboratories को खरीदना कंपनी के लिए बड़ा कदम था, जिसने अमेरिका और यूरोप में इसकी पकड़ को और मजबूत किया। दिलीप शांघवी की संपत्ति लगभग 25.2 बिलियन डॉलर बताई जाती है।

अपनी सरल और शांत प्रबंधन शैली के लिए जाने जाने वाले सांघवी हेल्थकेयर और एजुकेशन प्रोग्राम का समर्थन अपनी चैरिटेबल फाउंडेशन के माध्यम से करते हैं और वैश्विक फ़ार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में प्रमुख शख्सियत बने हुए हैं। Sun Pharmaceutical के शेयर भी दवा कंपनियों के सबसे अच्छे स्टॉक्स में गिने जाते हैं।

7. कुमार मंगलम बिड़ला — 21.5 बिलियन डॉलर। Aditya Birla Group

कुमार मंगलम बिड़ला भारत के अरबपति हैं और Aditya Birla Group के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन हैं। यह देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल ग्रुप में से एक है। उनका जन्म 14 जून 1967 को कोलकाता में हुआ था और उन्होंने 28 साल की उम्र में फैमिली बिजनेस संभाला।

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आज, Aditya Birla Group में 40 से ज्यादा कंपनियां हैं, जिनकी सालाना आमदनी 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा है और कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 1,30,000 है। इनके बड़े नामों में दुनिया की अग्रणी एल्यूमिनियम उत्पादक कंपनी Hindalco और दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी UltraTech Cement शामिल हैं।

कुमार बिड़ला की कुल संपत्ति 21.5 बिलियन डॉलर बताई जाती है। साल 2011 में, औद्योगिक विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाज़ा गया।

8. साइरस पूनावाला — 19.4 बिलियन डॉलर। Serum Institute of India

सायरस पूनावाला भारत के उद्यमी और Serum Institute of India के संस्थापक हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है। उनका जन्म 1941 में पुणे में हुआ था और उन्होंने 1966 में अपनी कंपनी की स्थापना की। आज, Serum Institute of India सालाना 1.5 अरब से अधिक वैक्सीन की खुराक बनाती है और अपने उत्पाद 170 से ज्यादा देशों में सप्लाई करती है।

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सायरस पूनावाला की कुल संपत्ति 20 से 25 बिलियन के बीच बताई जाती है। साल 2005 में, हेल्थकेयर सेक्टर में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय सम्मान ‘पद्म श्री’ से नवाज़ा गया।

9. राधाकिशन दमानी - 16.1 बिलियन डॉलर। Dmart

राधाकिशन दमानी एक निवेशक और DMart रिटेल चेन के संस्थापक हैं। उनका जन्म 1955 में मुंबई में हुआ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ट्रेडर के तौर पर की और बाद में शेयर मार्केट में सफलता हासिल की। साल 2000 में, उन्होंने पहला DMart स्टोर खोला, जिसमें कम कीमत वाली नीति अपनाई गई।

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आज, एवेन्यू सुपरमार्ट DMart रिटेल चेन चलाती है। भारत के 13 राज्यों में 300 से ज्यादा स्टोर चला रही है और लाखों ग्राहकों को सेवाएं मुहैया कराती है। साल 2017 में कंपनी का सफल इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) भारत के सबसे लाभकारी IPO में से एक रहा। राधाकिशन दमानी की कुल संपत्ति 16.1 बिलियन डॉलर बताई गई है।

10. उदय कोटक - 14.3 बिलियन डॉलर। Kotak Mahindra Bank

उदय कोटक Kotak Mahindra Bank के संस्थापक हैं। यह भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। उनका जन्म 27 मार्च 1959 को मुंबई में हुआ। साल 1985 में, उन्होंने Kotak Capital Management Finance की स्थापना की, जो बाद में पूर्ण सेवा देने वाला प्राइवेट सेक्टर बैंक बन गया।

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आज, Kotak Mahindra Bank 2 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं मुहैया कराती है, जिसकी सालाना आमदनी लगभग 5.5 बिलियन डॉलर है और मार्केट कैपिटलाइजेशन 35 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। यह बैंक भारत के वित्तीय क्षेत्र में लाभप्रदता और संपत्ति की गुणवत्ता के मामले में शीर्ष स्थान पर है। विशेषज्ञ अक्सर इस कंपनी के शेयरों को प्रमुख बैंकिंग स्टॉक में शामिल करते हैं।

उदय कोटक की कुल संपत्ति 14.3 बिलियन डॉलर बताई जाती है और उन्हें भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक माना जाता है और वैश्विक वित्तीय उद्योग में प्रमुख शख्सियत हैं। साल 2000 में, बैंकिंग क्षेत्र के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय सम्मान ‘पद्म श्री’ से नवाज़ा गया।

भारत में अरबपति बनाने वाले इंडस्ट्री कौन-कौन से हैं?

भारत के सबसे धनी व्यक्तियों की सूची का विश्लेषण करने पर, कई प्रमुख सेक्टर खास तौर पर दिखाई देते हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी: लॉजिस्टिक्स, एयरपोर्ट और थर्मल एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट Adani Group जैसे समूहों के लिए विकास का प्रमुख कारक बन गए हैं।

टेलीकॉम और डिजिटल समाधान: Reliance Industries ने 2016 में जियो प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया। उन्होंने पांच साल से भी कम समय में 450 मिलियन से ज्यादा ग्राहक जोड़ लिए। इसी समय, आईटी आउटसोर्सिंग क्षेत्र भी बढ़ रहा है: HCL, TCS और Infosys भारत की वैश्विक डिजिटल सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

फ़ार्मास्यूटिकल्स: भारत UNICEF प्रोग्राम के ज़रिए दुनिया के 60% से ज़्यादा वैक्सीन की सप्लाई करता है। Sun Pharma और Serum Institute जेनेरिक और इम्यूनोबायोलॉजिकल दवाओं के उत्पादन में अग्रणी हैं।

भारत में अरबों डॉलर की संपत्ति का मुख्य केंद्र रिटेल सेक्टर (DMart, Reliance Retail), बैंकिंग सेक्टर (Kotak Mahindra, HDFC) और स्टील इंडस्ट्री (ArcelorMittal, Tata Steel) जैसे क्षेत्र बने हुए हैं।

निष्कर्ष

भारत के अरबपति सही मायनों में देश की आधुनिक आर्थिक शक्ति के प्रतीक बन गए हैं; उन्होंने घरेलू व्यवसायों को बहुराष्ट्रीय साम्राज्यों में बदल दिया है। उनकी संपत्ति राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि और भारतीय कंपनियों के वैश्विक बाजारों में सक्रिय विस्तार को दिखाती है।

मुकेश अंबानी और गौतम अडानी जैसे लोग अब सफलता के प्रतीक बन गए हैं। इन उद्यमियों की गतिविधियां यह दिखाती हैं कि किस प्रकार रणनीतिक पूंजी प्रबंधन अर्थव्यवस्था की संरचना को रूपांतरित करता है और भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलती है।

भारत के सबसे अमीर लोगों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आज मुकेश अंबानी, टाटा ग्रुप के सदस्यों की तुलना में काफी धनी हैं। अंबानी की कुल संपत्ति 100 अरब डॉलर से ज्यादा है, जबकि टाटा परिवार के सदस्यों की संपत्ति काफी कम है। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा की कुल संपत्ति 1.5 अरब डॉलर बताई गई है।

नहीं। Wipro के संस्थापक अजिम प्रेमजी देश के सबसे प्रमुख उद्यमियों में से एक बने हुए हैं। हालांकि, उनकी कुल संपत्ति मुकेश अंबानी की तुलना में काफी कम है, जो भारत के सबसे अमीर अरबपति हैं।

फोर्ब्स इंडिया की सूची के अनुसार, देश में 160 से ज्यादा अरबपति हैं। इससे भारत उन देशों में शामिल हो जाता है, जहां सबसे ज्यादा अरबपति रहते हैं।

हां। भारत में अरबपतियों के मालिकाना हक वाली कई कंपनी के शेयर की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंज में की जाती है। निवेशक अंतरराष्ट्रीय बाजारों के माध्यम से Reliance Industries, Adani Group और अन्य बिजनेस ग्रुप की कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं।

भारत के सबसे अमीर आदमी कौन हैं? 10 सबसे अमीर लोगों की सूची

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