स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न एक न्यूट्रल तकनीकी विश्लेषण पैटर्न होता है, जो संभावित ट्रेंड रिवर्सल या कंटिन्यूएशन का संकेत दे सकता है।

यह पैटर्न कैंडलस्टिक के सेंटर में स्थित छोटी बॉडी और लंबी, ऊपरी और निचली शैडो को दिखाता है। यह कैंडलस्टिक पैटर्न मार्केट की अस्थिरता को दिखाता है, जहाँ न तो खरीदारों और न ही विक्रेताओं का स्पष्ट फायदा होता है।

लंबे समय तक लगातार अपवर्ड या डाउनवर्ड मूवमेंट के बाद स्पिनिंग टॉप का बनना कीमत की दिशा में संभावित बदलाव का संकेत हो सकता है। इस पैटर्न की पुष्टि अन्य सिग्नल्स के ज़रिए भी की जानी चाहिए।

स्पिनिंग टॉप पैटर्न बनने के बाद अगर कोई मज़बूत ट्रेंड नहीं होता है, तो यह मार्केट में कंसोलिडेशन का सिग्नल हो सकता है। इस स्थिति में, ट्रेडर्स को आगे की स्पष्ट स्थिति का इंतज़ार करना चाहिए। इस पैटर्न को नज़रअंदाज़ करना ट्रेडिंग के दौरान गलतियों का कारण बन सकता है।

आइए स्पिनिंग टॉप पैटर्न की मूल प्रकृति, इसके सिग्नल्स और ट्रेडिंग के तरीकों को पूरी जानकारी के साथ एक्सप्लोर करें:

इस आर्टिकल में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:


मुख्य बिंदु

  • स्पिनिंग टॉप एक सामान्य कैंडलस्टिक पैटर्न है, जो बताता है कि मार्केट में अनिश्चितता है। इसमें कैंडल का बीच वाला हिस्सा छोटा होता है और ऊपर-नीचे लंबी शैडो होती हैं, जो ये इशारा कर सकती हैं कि ट्रेंड रिवर्सल हो सकता है।
  • स्पिनिंग टॉप का प्रभाव आमतौर पर मध्यम होता है। यह संभावित ट्रेंड रिवर्सल या कंसोलिडेशन का सिग्नल देता है और इसकी पुष्टि अन्य इंडिकेटर्स से करनी चाहिए।
  • विशेषताएँ: एक छोटी बॉडी (प्राइज़ में वास्तविक बदलाव) और लंबी शैडो(एक ट्रेडिंग पीरियड में अस्थिरता), जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता को दिखाती हैं।
  • स्पिनिंग टॉप पैटर्न पर ट्रेड करते समय, यह ज़रूरी है कि आप अनुमानित ट्रेंड दिशा में ट्रेड ओपन करने से पहले अन्य सिग्नल्स या इंडिकेटर्स से पुष्टि का इंतज़ार करें।
  • सबसे बेहतर ट्रेडिंग रणनीति, स्पिनिंग टॉप को सपोर्ट/रेज़िस्टेंस लेवल्स, MACD, RSI, स्टोकास्टिक, बोलिंगर बैंड्स , OBV, MFI, और अन्य इंडिकेटर्स के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना शामिल है। इसके अलावा, यह सलाह दी जाती है कि इस पैटर्न का इस्तेमाल अन्य कैंडलस्टिक और चार्ट पैटर्न्स जैसे हैमर/हैंग्ड मैन, स्टार पैटर्न के प्रकार, एंगल्फ़िंग आदि के साथ मिलाकर किया जाए।
  • स्पिनिंग टॉप सभी मार्केट्स में दिखाई देता है और सभी टाइम फ़्रेम्स पर पाया जा सकता है। हालाँकि, यह H1 से पुराने टाइम फ़्रेम्स पर सबसे ज़्यादा प्रभावी होता है।
  • एक टेक-प्रॉफ़िट ऑर्डर नज़दीकी रेज़िस्टेंस/सपोर्ट लेवल पर सेट करना चाहिए, जबकि स्टॉप-लॉस ऑर्डर स्पिनिंग टॉप के निचले/ऊपरी लेवल के ठीक नीचे/ऊपर रखा जाना चाहिए, जो भी प्रचलित ट्रेंड हो।

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है?

स्पिनिंग टॉप एक न्यूट्रल कैंडलस्टिक पैटर्न है जो मार्केट में अनिश्चितता का संकेत देता है। इसमें एक छोटी बुलिश (सफेद या हरी) या बेयरिश (काली या लाल) बॉडी होती है, जिसके साथ लंबी ऊपरी और निचली शैडो होती है। बॉडी, पूरी कैंडलस्टिक की कुल लंबाई की तुलना में काफ़ी छोटी होनी चाहिए, जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच संतुलन की पुष्टि करती है

पैटर्न की लंबी शैडो एक ट्रेडिंग सेशन के दौरान मार्केट में तेज़ गतिविधि को दिखाती हैं। हालाँकि, ओपनिंग और क्लोज़िंग प्राइज़ लगभग समान लेवल पर होते हैं, जो यह सुझाव देता है कि न तो खरीदारों और न ही विक्रेताओं का नियंत्रण है।

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक अक्सर एक अपट्रेंड या डाउनट्रेंड के बाद दिखाई देती है और भविष्य में प्राइज़ रिवर्सल या कंसोलिडेशन का सिग्नल देती है। यह एक स्वतंत्र सिग्नल नहीं होता और इसे अगली कैंडलस्टिक्स से पुष्टि करनी चाहिए।

किसी अपट्रेंड के बाद स्पिनिंग टॉप का बनना यह सिग्नल दे सकता है कि बुलिश मूमेंटम कमज़ोर पड़ रही है, जबकि डाउनट्रेंड के बाद यह दिखा सकता है कि बेयरिश का दबाव कमज़ोर हो रहा है।

स्पिनिंग टॉप का विश्लेषण पूरे चार्ट की समग्र स्थिति के संदर्भ में करना काफ़ी ज़रूरी है, और किसी भी ट्रेडिंग फैसले से पहले इस संकेत की पुष्टि के लिए अतिरिक्त इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करना चाहिए।

लाइटफाइनेंस: स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है?

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक कैसे बनता है?

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न मार्केट में अनिश्चितता को दिखाता है, जो अक्सर एक साइडवेज़ ट्रेंड या कंसोलिडेशन फ़ेज के दौरान दिखाई देता है।

ट्रेडिंग के दौरान क्लोज़िंग और ओपनिंग प्राइज़ के बीच छोटा अंतर होता है, जिससे एक छोटी कैंडलस्टिक बॉडी बनती है। लंबी ऊपरी और निचली शैडो बुल्स और बेयर्स के बीच बड़े संघर्ष को दिखाती हैं।

स्पिनिंग टॉप आमतौर पर एक मज़बूत ट्रेंड के दौरान बनता है और यह या तो ट्रेंड के जारी रहने या संभावित रिवर्सल का सिग्नल दे सकता है। सिग्नल्स को सही तरीके से समझने के लिए तकनीकी सिग्नल्स की जाँच करना और मुख्य विश्लेषण करना ज़रूरी है।

स्पिनिंग टॉप पैटर्न के सिग्नल्स

स्पिनिंग टॉप पैटर्न तब दिखाई देता है जब कैंडलस्टिक का मुख्य भाग इसके लाइन के मुकाबले अपेक्षाकृत छोटा होता है, जो मार्केट में अस्थिरता को दिखाता है। स्पिनिंग टॉप खुद एक मज़बूत रिवर्सल सिग्नल नहीं है, लेकिन यह मार्केट की भावना में संभावित बदलाव का सिग्नल देता है।

पैटर्न की लंबी शैडो यह दिखाती हैं कि खरीदारों और विक्रेताओं ने एक ट्रेडिंग अवधि के दौरान नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी पक्ष लाभ बनाए रखने में सक्षम नहीं हो सका।

छोटी रियल बॉडी यह दिखाती है कि अवधि के आखिर तक खरीद और बिक्री का दबाव संतुलित हो गया है। स्पिनिंग टॉप अक्सर यह सिग्नल देता है कि मौजूदा ट्रेंड अपने मूमेंटम खो रहा है और मार्केट अपनी आगे की दिशा तय करने के लिए रुका हुआ है।

लाइटफाइनेंस: स्पिनिंग टॉप पैटर्न के सिग्नल्स

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न को ट्रेड कैसे करें

यहाँ बताया गया है कि आप ट्रेडिंग में स्पिनिंग टॉप पैटर्न का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं:

  1. पैटर्न पहचानें। ऐसी कैंडलस्टिक्स को देखें जिनकी छोटी बॉडी बीच में हो और दोनों ओर लंबी शैडो हों। बॉडी का कलर (बुलिश या बेयरिश) बहुत ज़रूरी नहीं होता, लेकिन यह अतिरिक्त जानकारी दे सकता है। अगर स्पिनिंग टॉप एक अपट्रेंड के बाद बनता है, तो यह बेयरिश रिवर्सल का सिग्नल देता है, जबकि डाउनट्रेंड के बाद इसका बनना संभावित बुलिश रिवर्सल की ओर इशारा करता है।
  2. सिग्नल की पुष्टि करें। स्पिनिंग टॉप दिखने के तुरंत बाद ट्रेड खोलने की जल्दबाज़ी न करें। पहले पुष्टि का इंतज़ार करें। उदाहरण के लिए, जब निचली शैडो सपोर्ट को तोड़े या ऊपरी शैडो रेज़िस्टेंस को पार करे, तब सिग्नल अधिक विश्वसनीय होता है। इसके अलावा, यह जानने के लिए कि एसेट ओवरबॉट या ओवरसोल्ड स्थिति में है या नहीं, RSI, MACD और स्टोकास्टिक जैसे तकनीकी सिग्नल्स का इस्तेमाल करें।
  3. एंट्री पॉइंट्स और स्टॉप-लॉस लेवल्स तय करें। उदाहरण के लिए, अपट्रेंड के बाद शॉर्ट ट्रेड खोलने के लिए, आपको स्पिनिंग टॉप के निचले लेवल पर स्थित सपोर्ट लाइन के ब्रेकआउट की पुष्टि करनी होगी। डाउनट्रेंड के बाद लॉन्ग ट्रेड शुरू करने के लिए, आपको स्पिनिंग टॉप के उच्च लेवल पर स्थित रेजिस्टेंस लाइन के ब्रेकआउट की पुष्टि करनी चाहिए। शॉर्ट ट्रेड्स के लिए पैटर्न के उच्च लेवल के ऊपर और लॉन्ग ट्रेड्स के लिए पैटर्न के निचले लेवल के नीचे स्टॉप-लॉस ऑर्डर लगाना सही होता है। यह तरीका आपको फ़ॉल्स ब्रेकआउट्स से बचने में मदद करेगा।
  4. लाभ का लक्ष्य सेट करें। सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल्स, फ़िबोन्नाची इंडिकेटर, या अन्य तकनीकी विश्लेषण टूल्स का इस्तेमाल करके पहले से एक टेक-प्रॉफ़िट ऑर्डर प्लेस करें। कम से कम 1:2 का रिस्क/रिवॉर्ड रेशियो, या अधिकतम 1:3 का लक्ष्य रखें।
  5. जोखिम को मैनेज करें। कभी भी एक ही ट्रेड में अपने डिपॉज़िट अमाउंट का 1%–2% से ज़्यादा जोखिम न लें। याद रखें कि स्पिनिंग टॉप 100% मुनाफ़े की गारंटी नहीं देता। यह सिर्फ़ एक सिग्नल है, जिसके लिए पुष्टि और सही जोखिम मैनेजमेंट ज़रूरी होता है।

स्पिनिंग टॉप पैटर्न की पुष्टि करें

हालाँकि, स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न मार्केट में अनिश्चितता को दिखाता है, लेकिन यह पैटर्न अपने आप में भरोसेमंद नहीं होता और इसकी अन्य इंडिकेटर के साथ पुष्टि करना ज़रूरी होता है।

आगामी कैंडल स्पिनिंग टॉप सिग्नल की पुष्टि करती है। अगर बुलिश स्पिनिंग टॉप के उच्चतम लेवल का ब्रेकआउट होता है, तो यह संभावित अपट्रेंड का सिग्नल देता है, जबकि निचले लेवल का ब्रेकआउट बेयरिश ट्रेंड का सिग्नल देता है।

इसके अलावा, आप ट्रेंड की मज़बूती की पुष्टि के लिए RSI या MACD जैसे तकनीकी टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ब्रेकआउट के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी एक मज़बूत पुष्टि का सिग्नल होता है। साथ ही, आप स्पिनिंग टॉप की पुष्टि रिवर्सल कैंडलस्टिक पैटर्न्स के ज़रिए भी कर सकते हैं, जैसे कि एंगल्फ़िंग, पियर्सिंग लाइन / डार्क क्लाउड कवर, या हैमर / हैंगिंग मैन।

इन सभी कारकों का एक साथ विश्लेषण करना स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न के साथ ट्रेडिंग की प्रभाव को बेहतर बनाने में मदद करता है।

लाइटफाइनेंस: स्पिनिंग टॉप पैटर्न की पुष्टि करें

स्पिनिंग टॉप प्राइज़ का लक्ष्य और स्टॉप लॉस लेवल्स

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक्स पर ट्रेड करते समय लाभ लक्ष्य तय करने के लिए, आपको मार्केट की स्थिति का विश्लेषण करना ज़रूरी है।

अगर एक स्पिनिंग टॉप अपट्रेंड के बाद बनता है, तो संभावित लक्ष्य पिछले ट्रेंड के सपोर्ट लेवल पर हो सकता है। डाउनट्रेंड में, लक्ष्य रेज़िस्टेंस लेवल होगा। एक ज़्यादा सही नज़रिया यह सुझाव देता है कि ट्रेड में एंट्री पॉइंट से स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक की ऊँचाई तक एक टेक-प्रॉफ़िट ऑर्डर प्लेस किया जाए, जो अनुमानित मूमेंटम की दिशा में हो।

एक स्टॉप- लॉस ऑर्डर आमतौर पर स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक के उच्च या निम्न लेवल के बाहर सेट किया जाता है —लॉन्ग ट्रेड्स के लिए निम्न लेवल के नीचे और शॉर्ट पोज़िशंस के लिए उच्च लेवल के ऊपर। इसके अलावा, मार्केट की अस्थिरता को ध्यान में रखना ज़रूरी है, क्योंकि आपको कभी-कभी स्टॉप-लॉस ऑर्डर को थोड़ी दूरी पर रखना पड़ सकता है, ताकि मार्केट नॉइस के कारण ट्रेड को जल्दबाजी में बंद होने से रोका जा सके।

लाइटफाइनेंस: स्पिनिंग टॉप प्राइज़ का लक्ष्य और स्टॉप लॉस लेवल्स

स्पिनिंग टॉप चार्ट पैटर्न का उदाहरण

आइए, Nvidia Corp. स्टॉक के एक घंटे के चार्ट पर स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न का एक उदाहरण देखें।

लाइटफाइनेंस: स्पिनिंग टॉप चार्ट पैटर्न का उदाहरण

प्राइज़ गिरने और एक बड़ी बेयरिश Marubozu कैंडलस्टिक के बनने के बाद हरे और लाल स्पिनिंग टॉप्स की एक सीरीज़ बनती है।

इस स्थिति में, स्पिनिंग टॉप पैटर्न मार्केट में अनिश्चितता का सिग्नल देते हैं, जिसका मतलब है कि प्राइज़ आगे गिर भी सकता है या ऊपर की दिशा में बदल भी सकता है।

इसके बाद हैमर और इनवर्टेड हैमर जैसे रिवर्सल पैटर्न का बनना यह पुष्टि करता है कि मार्केट में बुलिश सेंटीमेंट हावी हो रही है। इसलिए, लॉन्ग ट्रेड्स पर विचार किया जा सकता है, जिनका लक्ष्य नज़दीकी रेज़िस्टेंस लेवल्स पर रखा जा सकता है। स्टॉप-लॉस ऑर्डर हैमर पैटर्न की निचली शैडो के नीचे लगाया जाना चाहिए, ताकि जोखिम को सीमित किया जा सके।

डबल स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक

डबल स्पिनिंग टॉप एक रेयर लेकिन ज़रूरी सिग्नल होता है जो प्राइज़ चार्ट पर दिखाई देता है। यह तब होता है जब दो स्पिनिंग टॉप कैंडल्स लगातार दिखाई देती हैं।

पहली कैंडलस्टिक मार्केट में अनिश्चितता और बुल्स और बेयर्स के बीच संघर्ष को दिखाती है, जबकि दूसरी कैंडलस्टिक इस अनिश्चितता को और बढ़ा देती है।

आपको इस तरह के पैटर्न से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि यह संभावित ट्रेंड रिवर्सल या लंबी कंसोलिडेशन का सिग्नल देता है। सीधे पोज़िशन खोलने से बचें। बेहतर होगा कि आप पुष्टि के सिग्नल का इंतज़ार करें।

एक ज़रूरी सपोर्ट या रेड़िस्टेंस लेवल का ब्रेकआउट पुष्टि के रूप में काम कर सकता है और लंबे या शॉर्ट ट्रेड खोलने के बारे में सूचित फैसला लेने में मदद कर सकता है।

नीचे स्क्रीनशॉट में एक डबल स्पिनिंग टॉप पैटर्न दिखाया गया है, जिसमें ऊपर की ओर गैप्स हैं, जो एक मज़बूत पियर्सिंग लाइन रिवर्सल पैटर्न की पुष्टि करता है।

लाइटफाइनेंस: डबल स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक

स्पिनिंग टॉप का इस्तेमाल करने की सीमाएँ:

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न के कई नुकसान हैं। इसका मुख्य नुकसान है कि इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। यह सिर्फ़ उतार-चढ़ाव और बुल्स और बेयर्स के बीच संघर्ष को दिखाता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं करता कि कौन जीतेगा। इसलिए, सिग्नल की पुष्टि करने के लिए इसे इंडिकेटर या अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न्स के साथ मिलाना ज़रूरी है।

स्पिनिंग टॉप पर सिर्फ़ अकेले सिग्नल के रूप में ट्रेड में प्रवेश करना बहुत जोखिम से भरा है। ट्रेडर्स को गलत ब्रेकआउट्स और अचानक बदलावों से सावधान रहना चाहिए, जो पैटर्न के बनने के दौरान अक्सर कम अस्थिरता के कारण हो सकते हैं। इसके अलावा, मार्केट के कुल संदर्भ को ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है — एक स्पिनिंग टॉप जो अपट्रेंड के टॉप पर बनता है, आमतौर पर डाउनट्रेंड के निचले हिस्से में बने स्पिनिंग टॉप से ज्यादा बेयरिश होता है।

स्पिनिंग टॉप पर ट्रेड करते समय, सिग्नल की पुष्टि अगली कैंडलस्टिक से करना ज़रूरी है। अगर अगली कैंडल स्पिनिंग टॉप के भाग के ऊपर बंद होती है, तो यह संभावित अपट्रेंड का सिग्नल दे सकता है। इसके विपरीत, अगर अगली कैंडल भाग के नीचे बंद होती है, तो यह संभावित डाउनट्रेंड का संकेत हो सकता है।

स्पिनिंग टॉप और डोजी के बीच क्या अंतर है?

स्पिनिंग टॉप और डोजी कैंडल्स जापानी कैंडलस्टिक पैटर्न्स हैं, जो संभावित प्राइज़ रिवर्सल का सिग्नल देते हैं।

मुख्य अंतर कैंडलस्टिक्स के मुख्य भाग में होता है। एक स्पिनिंग टॉप का मुख्य भाग छोटा लेकिन प्रमुख होता है, और इसके ऊपर और नीचे लंबी शैडो होती हैं। यह पैटर्न खरीदारों और विक्रेताओं के बीच संघर्ष को दिखाता है।

डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न में मुख्य भाग बिल्कुल नहीं या बहुत कम होता है, और ओपनिंग और क्लोज़िंग प्राइज़ समान या बहुत करीब होते हैं। इसकी लंबी शैडो मार्केट में अनिश्चितता को दिखाती हैं, यह दिखाती हैं कि खरीदारों और विक्रेताओं की ताकत लगभग बराबर है और बदलाव संभव हो सकते हैं।

लाइटफाइनेंस: स्पिनिंग टॉप और डोजी के बीच क्या अंतर है?

निष्कर्ष

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न तकनीकी विश्लेषण के लिए एक महत्वपूर्ण टूल है, जो अक्सर ट्रेंड रिवर्सल या जारी रहने का सिग्नल देता है। जब इसे अन्य सिगनल्स और पैटर्न के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो यह कैंडलस्टिक ट्रेडर्स को बेहतर फैसले लेने में मदद कर सकता है।

ज़रूरी बात यह है कि स्पिनिंग टॉप पैटर्न को अकेले नहीं इस्तेमाल करना चाहिए — इसे अगली कैंडल्स, तकनीकी सिग्नल्स और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के ज़रिए पुष्टि की ज़रूरत होती है। इस पैटर्न के सही तरीके से इस्तेमाल की समझ ट्रेडिंग की रणनीति की प्रभावशीलता को महत्वपूर्ण रूप से सुधार सकता है।

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स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्पिनिंग टॉप एक मार्केट की अस्थिरता की स्थिति को दिखाता है। इसका छोटा मुख्य भाग और लंबी लाइनें यह दिखाती हैं कि खरीदारों और विक्रेताओं के बीच मुकाबला चल रहा है, और कोई भी पक्ष स्पष्ट रूप से हावी नहीं है। यह पैटर्न यह सिग्नल देता है कि एक ट्रेंड रिवर्सल या कंसोलिडेशन हो सकता है।

स्पिनिंग टॉप खुद एक न्यूट्रल पैटर्न होता है, मतलब यह न तो बुलिश होता है और न ही बेयरिश । इसका रंग सिर्फ़ संभावित मूवमेंट का सिग्नल देता है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि यह पैटर्न प्राइज़ चार्ट पर किस संदर्भ में दिखाई देता है। साथ ही, अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न्स और तकनीकी सिगनल्स से मिलने वाले अतिरिक्त सिग्नल ज़्यादा मायने रखते हैं।

जब आप एक बुलिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक का ट्रेड कर रहे हों, तो आपको पुष्टि का इंतज़ार करना चाहिए। अगर इस पैटर्न के बाद एक बुलिश कैंडलस्टिक बनती है, तो एक लॉन्ग ट्रेड के बारे में सोचें और स्टॉप-लॉस को स्पिनिंग टॉप के लो के नीचे सेट करें। प्राइज़ लक्ष्य निकटतम रेसिस्टेंस लेवल होना चाहिए।

एक बेयरिश स्पिनिंग टॉप के बाद एक डाउनट्रेंड शुरू हो सकता है, खासकर अगर इसके बाद एक बेयरिश कैंडलस्टिक बनती है। हालाँकि, आपको हमेशा इस सिग्नल्स की पुष्टि अन्य इंडिकेटर्स और पैटर्न्स से करनी चाहिए।

एक बुलिश स्पिनिंग टॉप आमतौर पर हरा या सफेद होता है, जो यह दिखाता है कि क्लोज़िंग प्राइज़ ओपनिंग प्राइज़ से ज़्यादा है। हालाँकि, पैटर्न की मुख्य विशेषताएँ इसकी छोटे भाग और शैडो की लंबाई और स्थिति हैं। जबकि कैंडल का कलर सिग्नल को मज़बूत कर सकता है, यह 100% प्राइज़ गिरावट की गारंटी नहीं देता।

स्पिनिंग टॉप कैंडल पैटर्न क्या है?

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