कैंडलस्टिक पैटर्न प्रमुख टूल है, जिससे ट्रेडर्स को बाजार के रुझान को समझने में मदद मिलती है। इन पैटर्न में एन्गल्फ़िंग पैटर्न विशेष रूप से बनता है और इसे संभावित ट्रेंड रिवर्सल का सबसे भरोसेमंद संकेतक माना जाता है। यह अक्सर कीमत में उतार-चढ़ाव को सही ढंग से बताता है। इसलिए इसे नए और अनुभवी दोनों तरह के ट्रेडर्स पसंद करते हैं।
आप एन्गल्फ़िंग पैटर्न की पहचान करने और ट्रेडिंग में इसका इस्तेमाल करने के बारे में जानेंगे। कैंडलस्टिक एनालिसिस के बारे में जानें और सफल ट्रेडिंग के लिए नई रणनीतियां अपनाएं!
इस आर्टिकल में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
- अहम जानकारी
- एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है?
- एंगल्फ कैंडलस्टिक पैटर्न किस तरह का है
- बुलिस और बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न में क्या अंतर है
- ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीतियों में एनगल्फ कैंडल इस्तेमाल करने का तरीका
- एनगल्फिंग पद्धति से ट्रेड की संभावित शुरुआत और बिक्री का संकेत
- एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न पर ट्रेडिंग करने का तरीका
- एनगल्फिंग पैटर्न पर ट्रेडिंग करने से जुड़े सुझाव
- एनगल्फिंग पैटर्न पर ट्रेडिंग करने के फायदे
- एनगल्फिंग पैटर्न की सीमाएं
- निष्कर्ष
- एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अहम जानकारी
- एन्गल्फ़िंग पैटर्न दो-कैंडलस्टिक वाला पैटर्न है, जिससे रुझान में संभावित उतार-चढ़ाव का संकेत मिलता है, जिसमें दूसरी कैंडलस्टिक पूरी तरह से पहली कैंडलस्टिक के बॉडी को ढक लेती है।
- बुलिश एन्गल्फ़िंग पैटर्न डाउनट्रेंड के दौरान बनता है, जबकि बियरिस एन्गल्फ़िंग पैटर्न अपट्रेंड के दौरान बनता है, जिससे बाजार के रुझान में बदलाव का संकेत मिलता है।
- इस पैटर्न की पुष्टि करना ज़रूरी है, क्योंकि कम उतार-चढ़ाव के समय गलत संकेत भी मिल सकते हैं।
- अगर इसकी पुष्टि वॉल्यूम, इंडिकेटर्स या मुख्य सपोर्ट/रज़िस्टेंस लेवल के अनुसार होती है, तो इसकी विश्वसनीयता बढ़ जाती है।
- इस पैटर्न का इस्तेमाल स्पष्ट स्टॉप-लॉस और टेक-प्रॉफिट लेवल लगाकर ट्रेड खोलने के लिए किया जाता है।
- यह जानना कि एन्गल्फिंग पैटर्न कैसे काम करता है, ट्रेडर को चार्ट का विश्लेषण करने और मुनाफे वाली रणनीति बनाने में कैसे मदद मिल सकती है।
एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है?
एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न एक जापानी कैंडलस्टिक पैटर्न है, जिसमें बुलिश और बियरिश दो कैंडलस्टिक्स होते हैं। इस पैटर्न की प्रकृति के आधार पर, कीमत में आगामी बदलाव के बारे में बाजार सहभागियों को चेतावनी मिलता है।
एनगल्फिंग पैटर्न का इस्तेमाल अक्सर फ़ॉरेक्स के साथ-साथ स्टॉक, क्रिप्टोकरेंसी और कमोडिटी मार्केट में भी किया जाता है।
पैटर्न जिस समय अवधि में दिखता है, वह जितनी बड़ी होगी, उतना ही मजबूत बदलाव का संकेत मिलेगा। इसके अलावा, अगर अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न या तकनीकी इंडीकेटर एनगल्फिंग पैटर्न की पुष्टि करते हैं, तो कीमत में बदलाव की संभावना बढ़ जाती है।
एंगल्फ कैंडलस्टिक पैटर्न किस तरह का है
इस सेक्शन में, आप बाजार में मौजूद पैटर्न के प्रकार के बारे में जानेंगे। इस पैटर्न के दो प्रकार हैं: बुलिस और बियरिस एनगल्फिंग।
इस पैटर्न को रिवर्सल पैटर्न से अलग करना अत्यंत ज़रूरी है।
इस पैटर्न में, पहली कैंडल दूसरी को घेर लेती है, लेकिन यह पैटर्न रिवर्सल पैटर्न नहीं है। यह बाजार में थोड़े समय के लिए मंदी की चेतावनी है। इसके अलावा, रिवर्सल पैटर्न एक सिंगल-कैंडल पैटर्न है। यह पैटर्न या तो तेजी या मंदी वाला हो सकता है।
बुलिस एनगल्फिंग पैटर्न
बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न ऐसा पैटर्न है, जिसमें दूसरी आरोही कैंडल पहली मंदी वाली कैंडल को पूरी तरह ढक लेती है। खरीदार बड़ी खरीदारी करके अपने आत्मविश्वास का परिचय देते हैं, जिससे परिसंपत्ति की कीमत में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।
गिरावट के बाद बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न कम कीमतों के स्तर पर बनता है। इस पैटर्न से निचले स्तर पर कीमत में उलटफेर का संकेत मिलता है। H4 जैसे उच्च समय सीमा पर, इस पैटर्न से रुझान में उलटफेर का मजबूत संकेत मिलता है।
H1 तक की समय-सीमा पर, पैटर्न मुख्य रूप से मूल्य सुधार के दौरान बनता है। अक्सर, छोटे टाइमफ़्रेम पर, यह पैटर्न डाउनट्रेंड के बीच में या स्थानीय शीर्ष पर देखा जा सकता है। यह बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण होता है। इससे चार्ट पर गलत पैटर्न बनते हैं, जिससे ट्रेडर भ्रमित हो सकते हैं।
एनगल्फिंग का इस्तेमाल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए किया जा सकता है। हालांकि, अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न या तकनीकी इंडीकेटर का इस्तेमाल करके पैटर्न की पुष्टि करना ज़रूरी है।
बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न से ट्रेडर को क्या संकेत मिलता है?
चार्ट में बुलिस एनगल्फिंग पैटर्न के बनने से यह संकेत मिलता है कि कीमत निचले स्तर पर पहुंच गई है और तेजी वाले रुझान में बदलाव होने की संभावना है।
बुलिश एनगल्फिंग कैंडल को कीमत में संभावित बदलाव की पुष्टि के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होगी:
- बुलिस एनगल्फिंग पैटर्न को विशिष्ट डाउनट्रेंड से पहले होना चाहिए;
- सबसे पहले, बियरिश कैंडल बननी चाहिए। यह पूरी बॉडी वाली या ऊपर और नीचे छोटी विक्स वाली हो सकती है।
- दूसरी कैंडल की शुरुआती कीमत पहली कैंडल की समापन कीमत से कम होनी चाहिए। जिससे नीचे की ओर कीमत में अंतर हो;
- दूसरी कैंडल के अंत तक, समापन कीमत पहली कैंडल के शुरुआती कीमत से ज्यादा होनी चाहिए। इस स्थिति में, एबजॉर्बिंग कैंडल की शैडो की अनुमति है।
इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि बुलिश एनगल्फिंग सिग्नल को प्रभावी बनाया जा सकता है, यदि:
- नीचे की ओर बहुत ज्यादा अंतर हो गया है। दूसरी कैंडल का समापन बहुत उच्च स्तर पर हुआ।
- लंबी बुलिश एनगल्फिंग कैंडल बन गई है। इस तरह, रुझान में बदलाव की संभावना बढ़ जाती है।
- एनगल्फिंग कैंडल पहले की कई कैंडलों को पूरी तरह से ढक लेती है।
- Tएनगल्फिंग कैंडल की कोई शैडो नहीं है।
- एनगल्फिंग कैंडल न सिर्फ़ पहली कैंडल के बॉडी बल्कि उसकी शैडो को भी ढक लेती है।
- बुलिश एनगल्फिंग कैंडल बनने पर, ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ जाता है।
बुलिस एनगल्फिंग पैटर्न के उदाहरण
आइए Nvidia दैनिक टाइमफ्रेम पर बुलिस एनगल्फिंग पैटर्न पर करीब से नज़र डालें।
चार्ट में लंबी गिरावट के बाद रिवर्सल बुलिश एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न की श्रृंखला दिखाई गई है। ये पैटर्न वैश्विक मूल्य उलटफेर और दीर्घकालिक तेजी के रुझान की शुरुआत का संकेत दे रहे हैं।
बुलिश एनगल्फिंग कैंडल का एक और उदाहरण नीचे XAUUSD दैनिक चार्ट में देखा जा सकता है। गोल्ड पैटर्न बनने के बाद, कीमत में ऊपर की ओर बढ़ोतरी हुई और 5 महीनों में 43% से ज्यादा का इजाफा हुआ।
बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न
बियरिश एनगल्फिंग पैटर्न में दो कैंडल होती है, जिनमें से पहली तेजी वाली होनी चाहिए और दूसरी मंदी वाली होनी चाहिए। दूसरी कैंडल एक एनगल्फिंग कैंडल है और ऊपर की ओर रुझान के बाद, कीमत में तेजी से उलटफेर की चेतावनी मिलती है। पहले कैंडल की बॉडी जितना छोटी होगी और एनगल्फिंग कैंडल की बॉडी जितनी लंबी होगी, बियरिश रिवर्सल की संभावना उतनी ही ज़्यादा होगी। अगर पहली कैंडल के बॉडी के अलावा उसकी शैडो को भी एनगल्फिंग कैंडल ढक ले, तो इसका प्रभाव बढ़ जाता है और उलटफेर की संभावना बढ़ जाती है।
बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न से आपको क्या संकेत मिलता है
बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न उच्च-मूल्य क्षेत्र में शीर्ष पर बनता है। इस पैटर्न से कीमत में नीचे की ओर तेजी से बदलाव होने का संकेत मिलता है। लंबी अवधि की ऊपर की ओर रुझान से पहले, बियरिस एनगल्फिंग कैंडल बनता है। पहला बुलिस कैंडल बनते समय, ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो जाता है। इस स्थिति में, कैंडल की बॉडी का आकार मायने नहीं रखता।
दूसरी कैंडल खुलने पर, ऊपर की ओर कीमत में अंतर दिखने लगता है, जिससे ऊपर की ओर रुझान जारी रहने का संकेत मिलता है। हालांकि, चयनित समय अवधि के अंत तक, कीमत पहली कैंडल की शुरुआती कीमत से नीचे गिर जाती है। यानी, दूसरी कैंडल की बॉडी पहली कैडल की बॉडी को पूरी तरह से ढक लेती है और इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ना शुरू हो जाता है।
इस समय, खरीदार अपने पोजीशन को मुनाफ़े के साथ बंद करना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा, विक्रेता बाजार में लाभदायक एंट्री पॉइंट की तलाश करते हैं और शॉर्ट ट्रेड शुरू करते हैं।
अगर निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हैं, तो रुझान में उलटफेर का संकेत मजबूत होता है:
- एनगल्फिंग बियरिश कैंडल की बॉडी जितनी लंबी होगा और बुलिश कैंडल की बॉडी जितनी छोटी होगी, नीचे की ओर रुझान में उलटफेर का संकेत उतना ही मजबूत होगा;
- बियरिश कैंडल में छोटी शैडो या उनकी अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि विक्रेताओं का दबाव प्रबल है और डाउनट्रेंड तेजी से विकसित हो रहा है;
- कैंडलों के बीच अधिक बड़ा अंतराल उलटफेर के संकेत को और प्रभावी बनाता है;
- अगर बियरिस कैंडल न सिर्फ़ बुलिस कैंडल की बॉडी को ढकती है, बल्कि उसकी शैडो को भी ढकती है।
बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न के उदाहरण
Adidas AG स्टॉक चार्ट नीचे मंदी के दौर को दिखाता है। ऊपर की ओर रुझान के बाद, प्रमुख रजिस्टेंस ज़ोन में एसेट की कीमत में गिरावट का संकेत मिलता है।
खरीदारों ने सपोर्ट लेवल से कीमत को बहाल करने की कोशिश की, लेकिन इस क्षेत्र में मंदी के एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न की श्रृंखला बन गई। पहले और दूसरे दोनों आंकड़ों में ऊपरी विक्स की अनुपस्थिति से रुझान में उलटफेर का संकेत मिला। पहली कैंडल के बनने के दौरान वॉल्यूम में कमी और एनगल्फिंग कैंडल के बनने के दौरान वॉल्यूम में बढ़ोतरी का संकेत मिला।
पहले सपोर्ट लेवल को पार करने के बाद, यह शॉर्ट ट्रेड शुरू करने के लिए अंतिम पुष्टि संकेत था, जिसके बाद कीमत में सक्रिय रूप से गिरावट शुरू हो गई।
आइए EURUSD प्रति घंटा चार्ट में बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न पर विचार करें।
फॉरेक्स ट्रेडिंग करते समय, आप कीमत में अंतर के बिना एनगल्फिंग पैटर्न देख सकते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सप्ताहांत को छोड़कर करेंसी पेयर बिना किसी रुकावट के ट्रेड किए जाते हैं। इस स्थिति में, कुछ मूलभूत कारकों के कारण कीमत में अंतर हो सकता है।
बियरिस एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न के दिखने के बाद, कीमत में गिरावट आई और यह सक्रिय रूप से गिरने लगी। मंदी के रुझान को दो रिवर्सल पैटर्न, हैमर और इन्वर्टेड हैमर के अनुसार रोका गया।
बुलिस और बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न में क्या अंतर है
बुलिस और बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत होते हैं।
हालांकि, इन दोनों से रुझान में उलटफेर का संकेत मिलता है और बाजार सहभागियों को मजबूत संकेत प्रदान करते हैं।
इन पैटर्नों के बीच अंतर के बारे में ज्यादा विस्तार से जानकारी नीचे दी गई है।
बुलिस एनगल्फिंग पैटर्न | बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न |
गिरावट के बाद, सपोर्ट ज़ोन में बनता है। | ऊपरी रुझान के बाद, रजिस्टेंस ज़ोन में बनता है। |
कीमत में ऊपर की ओर बदलाव का संकेत मिलता है। | कीमत में नीचे की ओर बदलाव का संकेत मिलता है। |
बुलिश एनगल्फिंग कैंडल कीमत में अंतर के साथ नीचे खुलती है और अवधि के अंत तक, यह पिछले कैंडल की शुरुआती कीमत से ऊपर बंद होती है। | बुलिश एनगल्फिंग कैंडल कीमत में अंतर के साथ ऊपर खुलती है और अवधि के अंत तक, यह पिछले कैंडल की शुरुआती कीमत से नीचे बंद होती है। |
ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीतियों में एनगल्फ कैंडल इस्तेमाल करने का तरीका
किसी भी अन्य तकनीकी विश्लेषण पैटर्न की तरह, एनगल्फिंग पैटर्न से भी ख़ास चेतावनी संकेत मिलता है। नीचे एनगल्फिंग ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीतियों की विश्लेषणात्मक समीक्षा की गई है।
एनगल्फिंग कैंडल रिवर्सल से जुड़ी रणनीति
इस रणनीति में पैटर्न बनने के बाद, रुझान में बदलाव होने पर पोजीशन खोलना शामिल है। ट्रेड खोलना/बंद करना जोखिम और धन प्रबंधन के नियमों के अनुसार किया जाता है।
बुलिस कैंडल का विश्लेषण
लंबी मंदी के रुझान के बाद निचले स्तर पर बुलिश एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न के बनने से यह संकेत मिलता है कि बाद में उलटफेर हो सकता है, क्योंकि एसेट कीमत निम्न मूल्य क्षेत्र तक पहुंच चुकी है।
आइए GBPUSD करेंसी पेयर के उदाहरण के माध्यम से बुलिश एनगल्फिंग ट्रेडिंग पर विचार करें। नीचे दिया गया H4 चार्ट बुलिश एनगल्फिंग और हैमर के कई रिवर्सल पैटर्न को सपोर्ट 1.2331 के पास दिखाता है। इसके बाद, कीमत में ऊपर की ओर बदलाव हुआ और 1.2493 पर रजिस्टेंस लेवल पर पहुंच गई। इसके बाद, कीमत में सुधार हुआ।
हालांकि, यह स्पष्ट हो गया कि कीमत अपने निचले स्तर पर पहुंच गई है। इस तरह, 1.2385 स्तर पर पहला एनगल्फिंग पैटर्न दिखाई देने के बाद, लॉन्ग ट्रेड खोलना संभव था। स्टॉप लॉस 1.2304 के आसपास सपोर्ट लेवल से नीचे सेट किया गया है।
फिर, चार्ट में बुलिश एनगल्फिंग और हैमर पैटर्न की एक और श्रृंखला बनी, जिससे कीमत के निचले और उच्च स्तर में बढ़ोतरी हुई और बुलिश रिवर्सल का संकेत मिला।
लॉन्ग ट्रेड खोलने का दूसरा अवसर 1.2439 के आसपास था। स्टॉप लॉस को कम, लगभग 1.2358 पर सेट करना पड़ा। 1.2493 पर मुख्य रजिस्टेंस लेवल पार होने से हमें 1.2574 लेवल पर पहले लक्ष्य तक पहुंचने की अनुमति मिली। इस स्थिति में, 50% मुनाफा निकाला जा सकता था और बाकी को दूसरे और तीसरे लक्ष्य 1.2682 और 1.2763 के लिए छोड़ा जा सकता था।
बियरिस कैंडल का विश्लेषण
लंबे समय तक तेजी के बाद उच्च मूल्य क्षेत्र में शीर्ष पर बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न बनता है। आइए Tesla Inc के शेयरों के उदाहरण के माध्यम से बियरिस एनगल्फिंग ट्रेडिंग पर विचार करें। नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि एसेट की कीमत 310.00 तक पहुंच गई है और रजिस्टेंस लेवल को पार नहीं कर सकती।
कीमत लंबे समय तक साइड चैनल 268.00 - 310.00 में रही, जिससे रिवर्सल पैटर्न बना। रिवर्सल के लिए पहला संकेत ईवनिंग स्टार पैटर्न का बनना था, जिससे खरीदार को लॉन्ग ट्रेड बंद करने का संकेत मिला। दो और रिवर्सल कैंडलस्टिक पैटर्न, यानि हैंगिंग मैन और डार्क क्लाउड कवर, एक के बाद एक बने।
268.00 पर मुख्य सपोर्ट लेवल में अंतिम बार उलटफेर और ब्रेकआउट से पहले, चार्ट में बियरिस एनगल्फिंग पैटर्न की श्रृंखला बनी। 310.00 लेवल की फिर से जांच करने के बाद बने पैटर्न से 268.00, 226.00, 194.50, 163.00, 142.00 लक्ष्यों पर शॉर्ट ट्रेड शुरू करने का संकेत मिला। स्टॉप लॉस को 320.50 के आसपास उच्च स्तर पर सेट करना पड़ा।
ट्रेंड ट्रेडिंग के दौरान एनगल्फिंग कैंडल
एंगुल्फिंग पैटर्न को हमेशा रिवर्सल पैटर्न नहीं माना जा सकता है। मजबूत रुझान में, इन पैटर्न से रुझान जारी रहने का संकेत मिलता सकता है। आइए Apple Inc शेयरों के उदाहरण के माध्यम से इस स्थिति का ज्यादा विस्तार से अध्ययन करें।
नीचे दिए गए चार्ट में, एसेट की कीमत 22.40 के प्रमुख सपोर्ट ज़ोन में नीचे पहुंच गई है, जहां डबल बॉटम मूल्य पैटर्न बना। इसकी पुष्टि बुलिश एनगल्फिंग रिवर्सल पैटर्न से की गई है, जिसके बाद 27.20 के लाभ लक्ष्य के साथ 24.00 के आसपास लॉन्ग ट्रेड शुरू करना संभव था। स्टॉप लॉस 23.20 पर एनगल्फिंग कैंडल के निचले स्तर से नीचे सेट किया गया है।
फिर, कीमत की पहले रजिस्टेंस लेवल 24.80 पर सफलतापूर्वक जांच की गई, इससे पहले एक और बुलिश एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न बना था। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ये पैटर्न लगभग हर नए स्तर पर बनते हैं, जिसे खरीदार ने ट्रेंड के भीतर पार किया है। उसी समय, 27.20 के स्तर पर एक बियरिश एनगल्फिंग पैटर्न बना है। यह ट्रेडर के लिए इस स्तर के महत्वपूर्ण महत्व को दर्शाता है। हालांकि, इस स्थिति को बदलने के लिए विक्रेताओं का प्रयास असफल रहा, जैसा कि बुलिश हैमर पैटर्न से संकेत मिलता है।
रुझान के अनुसार एनगल्फिंग पैटर्न पर ट्रेडिंग करने की रणनीति नए लक्ष्य स्तरों पर कीमत में लगातार बढ़ोतरी या कमी पर आधारित है, जिस पर यह पैटर्न बनता है। इस तरह के पैटर्न के बनने से पता चलता है कि कीमत में उतार-चढ़ाव स्थिर रहेगा।
इस रणनीति के माध्यम से ट्रेडर बाजार का सटीक मूल्यांकन कर सकते हैं और निश्चित लक्ष्यों के साथ अपने ट्रेड कर सकते हैं। इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि इसे मजबूत रुझान और कीमत की दिशा में बदलाव के समय लागू किया जाना चाहिए।
एनगल्फिंग पद्धति से ट्रेड की संभावित शुरुआत और बिक्री का संकेत
एनगल्फिंग पैटर्न मजबूत रिवर्सल पैटर्न है। इस चार्ट में पैटर्न के दिखने से रुझान में बदलाव का संकेत मिलता है। हालांकि, एनगल्फिंग के लिए अन्य तकनीकी इंडीकेटर या कैंडलस्टिक पैटर्न से अतिरिक्त पुष्टि की ज़रूरत होती है।
इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि एनगल्फ़िंग से H4 और उससे ऊपर के उच्च समय-सीमाओं पर ज्यादा सटीक संकेत मिलता है। कम समय-सीमाओं पर, इस पैटर्न से गलत संकेत मिल सकता है, जिससे ट्रेडर जाल में फंस सकते हैं। ऐसा बाज़ार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण होता है।
एनगल्फिंग के लिए इन शर्तों का पालन करना अनिवार्य है:
- यह पैटर्न लंबे समय तक ऊपर या नीचे की ओर रुझान के बाद क्रमशः उच्च या निम्न कीमतों के क्षेत्र में बनता है। मजबूत रुझान की स्थिति में, एनगल्फिंग से रुझान जारी रहने की पुष्टि हो सकती है।
- पैटर्न बनाने वाली दो कैंडल की दिशाएं अलग-अलग होनी चाहिए। पिछली कैंडल को एनगल्फिंग कैंडल से ढका होना चाहिए।
एनगल्फिंग कैंडल की प्रभावशीलता को बढ़ाने वाले कारक निम्नलिखित हैं:
- पहली कैंडल बनने पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी आती है और दूसरी कैंडल बनने पर वॉल्यूम में बढ़ोतरी होती है।
- एनगल्फिंग कैंडल जितनी बड़ी होगी और पैटर्न की पहली कैंडल जितनी छोटी होगी, कीमत में उलटफेर का संकेत उतना ही मजबूत होगा।
- कई पिछली कैंडल्स को एनगल्फिंग कैंडल पूरी तरह से ढक लेती है।
एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न पर ट्रेडिंग करने का तरीका
एनगल्फिंग का इस्तेमाल करके सफलतापूर्वक फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए, आप अलग-अलग तकनीकी इंडीकेटर और कैंडलस्टिक विश्लेषण इस्तेमाल कर सकते हैं।
नीचे उदाहरण के तौर पर GBPUSD करेंसी पेयर का इस्तेमाल करने के बारे में विस्तृत गाइड दी गई है।
- सबसे पहले, ट्रेडिंग के लिए वित्तीय साधन चुनने के बाद, निकटतम सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल निर्धारित करें।
- चार्ट में इन तकनीकी इंडीकेटर को जोड़ें: वॉल्यूम, RSI और MACD.
- अगर कोई बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न देखा जाता है, तो तकनीकी इंडीकेटर और अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न का इस्तेमाल करके इस पैटर्न की पुष्टि की प्रतीक्षा करें।
बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न के बनने के बाद, चार्ट में एक और एनगल्फिंग पैटर्न और एक हैमर रिवर्सल पैटर्न बनता है। हैमर ज़ोन में, MACD इंडिकेटर नीचे से ऊपर की ओर शून्य सीमा को पार कर गया है और सकारात्मक क्षेत्र में बढ़ने लगा। इसके अलावा, RSI ने 50 का स्तर पार कर लिया है, जिससे तेजी से उलटफेर का संकेत मिलता है।
- ऐसी पुष्टि के बाद ही हम कह सकते हैं कि बढ़ोतरी शुरू हो गई है। कीमत के पहले रजिस्टेंस लेवल से ऊपर स्थिर होने के बाद, आपको लॉन्ग ट्रेड शुरू करने की ज़रूरत होती है। इस स्थिति में, लाभ लक्ष्य दूसरे और तीसरे रजिस्टेंस के स्थानीय स्तर पर आधारित थे।
- स्टॉप लॉस को पहले रजिस्टेंस से नीचे सेट किया जाना चाहिए। इस स्थिति में, जोखिम प्रबंधन के अनुसार, स्टॉप ऑर्डर को एनगल्फिंग कैंडल्स के ऊपरी क्षेत्र में सेट किया गया। अगर इसे और नीचे सेट किया गया तो गलत अनुमान के कारण ट्रेडर को भारी नुकसान हो सकता है।
एनगल्फिंग पैटर्न पर ट्रेडिंग करने से जुड़े सुझाव
ट्रेडिंग में एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न का इस्तेमाल करने के बारे में नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं:
- उच्च समय सीमा पर एनगल्फिंग का इस्तेमाल करने का प्रयास करें, जिस पर मजबूत संकेत दिखाई देते हैं। इससे रुझान में उलटफेर होने या इसके जारी रहने का संकेत मिलता है। इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए, H1 टाइमफ्रेम का इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
- पैटर्न की जांच करने के लिए, इंडीकेटर का इस्तेमाल करें, जिससे बाजार के जाल में फंसने से बचा जा सके।
- पोजीशन खोलने से पहले अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न और तकनीकी इंडीकेटर का इस्तेमाल करके एनगल्फिंग की पुष्टि की करना सुनिश्चित करें।
- सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल का इस्तेमाल करें, ताकि लाभ लक्ष्य सेट किया जा सके।
- बाजार अप्रत्याशित है, इसलिए अपनी जमा राशि के नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए स्टॉप लॉस निर्धारित करें।
एनगल्फिंग पैटर्न पर ट्रेडिंग करने के फायदे
बुलिश और बियरिश एनगल्फिंग शुरुआती और अनुभवी दोनों तरह के ट्रेडर के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। यह पैटर्न ट्रेडिंग के लिए प्रभावी क्यों माना जाता है?
नीचे एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न के फ़ायदे के बारे में बताया गया हैं:
- इस पैटर्न को प्राइस चार्ट पर आसानी से देखा जा सकता है। इसमें दो कैंडल्स होती हैं, जिनकी दिशाएं अलग-अलग होती हैं। इनमें से दूसरी कैंडल चार्ट में साफ़ दिखाई देती है।
- एनगल्फिंग पैटर्न किसी भी वित्तीय बाजार में किसी भी समय सीमा में देखा जा सकता है।
- आकर्षक जोखिम और लाभ अनुपात। रुझान के आधार पर, एनगल्फिंग स्टॉप लॉस को एनगल्फिंग कैंडल के निम्न या उच्च स्तर से थोड़ा नीचे या ऊपर सेट किया जाता है।
एनगल्फिंग पैटर्न की सीमाएं
- ट्रेडर्स अक्सर एनगल्फिंग पैटर्न और प्राइस रोलबैक को लेकर भ्रमित होते हैं। यह प्रमुख रजिस्टेंस और सपोर्ट लेवल में दिखाई देता है। साथ ही, दूसरी कैंडल बनाते समय वॉल्यूम पर ध्यान दें। अगर दूसरी कैंडल का वॉल्यूम पहले की तुलना में कम है, तो कीमत के रोलबैक होने की ज्यादा संभावना है। इसके अलावा, एन्गल्फिंग पैटर्न को मारुबोज़ू पैटर्न समझ लेना आसान है। इससे रुझान जारी रहने का संकेत मिलता है और इसमें एक लंबी बॉडी होती है।
- एनगल्फिंग पैटर्न की पुष्टि अतिरिक्त कैंडलस्टिक पैटर्न और तकनीकी इंडीकेटर का इस्तेमाल करके की जानी चाहिए। इसलिए, ट्रेडिंग से पहले, कैंडलस्टिक विश्लेषण में अन्य रिवर्सल पैटर्न का अध्ययन करना ज़रूरी है।
निष्कर्ष
ट्रेडिंग में एनगल्फिंग पैटर्न की विशेष भूमिका होती है। चार्ट में यह पैटर्न बनने से बाजार में रुझान में उलटफेर होने का संकेत मिलता है। यह पैटर्न वित्तीय बाजारों में आम है और इसे पहचानना आसान है। उच्च समय-सीमा पर यह पैटर्न बनने से वैश्विक रुझान में उलटफेर होने का संकेत मिलता है।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, जिस समय पैटर्न बनता है, उस समय बड़ी संख्या में पोजीशन बंद होने की वजह से पिछला ट्रेंड कमजोर हो जाता है। उसी समय, वैकल्पिक ट्रेंड मजबूत होता है, जिसके परिणामस्वरूप, विपरीत दिशा में ट्रेड खुलते हैं।
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एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एनगल्फिंग कैंडल या तो तेजी या मंदी वाला हो सकता है। तेजी वाला पैटर्न लंबी मंदी की रुझान के अंत में बनता है, जबकि मंदी वाला कैंडलस्टिक अपट्रेंड के अंत में बनता है।
अन्य कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह, एनगल्फिंग की 100% सफलता की गारंटी नहीं मिल सकती। हालांकि, यह पैटर्न ट्रेडिंग में प्रमुख रिवर्सल पैटर्न में से एक है और कई ट्रेडर्स इसका इस्तेमाल करते हैं।
इस पैटर्न की सटीकता इस बात पर निर्भर करती है कि इसे किस टाइम-फ्रेम में बनाया गया था और क्या इसकी पुष्टि करने वाले कैंडलस्टिक पैटर्न हैं। इस आंकड़ा से पुराने टाइम-फ्रेम में ट्रेंड रिवर्सल की ज्यादा सटीकता का संकेत मिलता है।
नहीं, एनगल्फिंग कैंडल को पिछली कैंडल की विक को ढकने की ज़रूरत नहीं होती है। एक महत्वपूर्ण शर्त पिछली कैंडल की बॉडी को पूरी तरह से ढकना चाहिए। जब वर्तमान कैंडलस्टिक पिछली कैंडलस्टिक की शैडो (छाया) को पूरी तरह से ढक लेती है, तो उलटफेर का संकेत मजबूत होता है।
चार्ट में पैटर्न की पहचान करना आसान है। सपोर्ट या रजिस्टेंस के पास इसके दिखने का इंतज़ार करें या देखें। इस पैटर्न को चार्ट में दृश्यात्मक रूप से दिखाया जाता है, क्योंकि कैंडल की अलग-अलग दिशाओं को ध्यान में रखते हुए दूसरी कैंडल पहली कैंडल को पूरी तरह से ढक लेती है।
इस पैटर्न का इस्तेमाल H1 से कम समय-सीमा में करना सबसे बेहतर होता है। कम समय-सीमा पर, बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है। इससे ट्रेडर्स भ्रमित हो जाते हैं और गलत पोजीशन खोलने का जोखिम रहता है।
कोई सबसे भरोसेमंद पैटर्न नहीं है। किसी भी कैंडलस्टिक पैटर्न के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि बाजार अलग-अलग कारकों के कारण अप्रत्याशित रूप से व्यवहार कर सकता है। चार्ट के तकनीकी विश्लेषण के अलावा, ट्रेडिंग करते समय मौलिक विश्लेषण का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
नहीं, एनगल्फिंग कैंडल बनाते समय विक (शैडो) का ख़ास महत्व नहीं होता। विक (शैडो) सिर्फ़ निश्चित अवधि के लिए न्यूनतम और अधिकतम कीमत को दिखाता है।
जब दूसरी कैंडल ऊपर या नीचे की ओर खुलती है और कीमत तदनुसार पहली कैंडल से नीचे या ऊपर बंद होती है, तो उसे एनगल्फिंग कहा जाता है।
रिवर्सल कैंडल का इस्तेमाल अन्य प्राइस पैटर्न या तकनीकी इंडीकेटर के साथ किया जाना चाहिए, उन्हें मौलिक विश्लेषण के साथ जोड़ना चाहिए। रिवर्सल पैटर्न बनने से नए रुझान पर ट्रेड खोलने का संकेत मिलता है।

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