मल्टीबैगर स्टॉक ऐसे शेयर होते हैं, जिनकी कीमत कम समय में कई गुना बढ़ जाती है और शेयर बाज़ार में अपने सेक्टर के औसत रुझान से कहीं आगे निकल जाते हैं। ये ऐसी कंपनियाँ होती हैं, जिनका कारोबार मज़बूत और विविध होता है, वित्तीय स्थिति अच्छी होती है और जिनके उत्पाद या बिज़नेस मॉडल उन्हें अपनी ही तरह की दूसरी कंपनियों से आगे रखते हैं। सबसे ज़रूरी बात यह है कि मल्टीबैगर स्टॉक को जल्दी पहचानें और उनकी ग्रोथ की शुरुआत में ही उन्हें खरीद लें।
इस लेख में मल्टीबैगर स्टॉक्स से जुड़ी ज़रूरी जानकारी, ख़ास उदाहरण और शुरुआती स्तर पर उनकी पहचान करने के तरीके के बारे में बताया गया है।
इस आर्टिकल में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
अहम जानकारी
- मल्टीबैगर स्टॉक्स ऐसे शेयर होते हैं, जिनमें ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना होती है और जिनकी कीमत दो गुना, तीन गुना, पाँच गुना या उससे भी ज़्यादा बढ़ सकती है। जिससे लंबे समय में निवेश करने वाले निवेशकों को काफी अच्छा मुनाफ़ा मिल सकता है। मार्केट थ्योरी में इसके लिए कोई तय समय सीमा नहीं होती, लेकिन तेजी से बढ़ने वाले शेयर को मल्टीबैगर मानने की संभावना ज्यादा होती है। उदाहरण के तौर पर, टेनबैगर स्टॉक वह होता है, जिसकी कीमत दस गुना से ज़्यादा बढ़ चुकी हो।
- सिर्फ तेज़ ग्रोथ की संभावना ही काफी नहीं है, कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति होनी चाहिए, बाज़ार में उसका स्थिर पोजीशन होना चाहिए और उनके पास अपने प्रोडक्ट लाइन को बढ़ाने की क्षमता होनी चाहिए। साथ ही, कंपनी का उत्पाद यूनिक होना चाहिए, जिसकी बाज़ार में स्पष्ट मांग हो।
- जिन स्टॉक की कीमत पहले ही दोगुनी हो चुकी है, उसकी कीमत दोबारा दोगुनी होगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है, भले ही निवेशक आगे और बढ़ोतरी की उम्मीद करें। सबसे ज्यादा कीमत पर खरीदने से बचने के लिए, निवेशकों को मल्टीबैगर स्टॉक्स को उनके शुरुआती बढ़ोतरी के दौर में पहचानना चाहिए। इस प्रक्रिया में वैल्यूएशन मल्टीपल्स और इंडस्ट्री आउटलुक एनालिसिस जैसे टूल्स काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
- ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना वाले सेक्टर्स में ब्लॉकचेन, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और फार्मास्यूटिकल्स, साथ ही दूसरे उभरते हुए सेक्टर्स शामिल हैं, जिनसे निवेशकों को ज्यादा मुनाफ़ा देना वाला मल्टीबैगर शेयर मिल सकता है।
मल्टीबैगर स्टॉक क्या है? परिभाषा और इसका मतलब
मल्टीबैगर ऐसे स्टॉक्स होते हैं, जिसमें शुरुआती निवेश से कई गुना ज्यादा मुनाफ़ा हो सकता है। ऐसी कंपनियां अक्सर समय के साथ पैसे कमाने का मौका देती हैं। मल्टीबैगर शेयर की कीमत दो, तीन, पांच या उससे भी ज्यादा गुना बढ़ सकती है। वहीं, टेनबैगर ज्यादा मुनाफ़ा देने ऐसे स्टॉक्स होते हैं, जिनकी कीमत दस गुना से भी ज्यादा बढ़ चुकी हो।
तेज़ी से बढ़ने के कारण:
- मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और लगातार सकारात्मक रुझान।
- असली कीमत से कम मूल्य।
- बिज़नेस में विविधता लाना और बाज़ार में इनोवेटिव प्रोडक्ट पेश करना।
- इनोवेशन के मामले में बढ़िया इंडस्ट्री।
लंबी अवधि के निवेश में मुख्य जोखिम यह है कि अगर किसी शेयर की कीमत का बढ़ना असली कारक पर आधारित नहीं है, तो जल्दी खत्म हो सकता है, खासकर तब जब मार्केट में उतार-चढ़ाव हो या पूरी मार्केट मंदी की तरफ हो। अगर निवेशक किसी कंपनी के पिछले परफॉर्मेंस या मौजूदा सफलता का ज़्यादा अनुमान लगाते हैं, प्रोडक्ट उम्मीदों पर खरा न उतरे या प्रतियोगी सामने आ जाएं, तो ऐसे शेयर में 50% से ज्यादा गिरावट हो सकती है।
प्रसिद्ध मल्टीबैगर स्टॉक के उदाहरण
1. Nvidia (NVDA): पिछले पांच सालों में इसके शेयर की कीमत दस गुना से ज्यादा बढ़ गई है, यानी 1,460.99% की बढ़ोतरी हुई है। ये बढ़ोतरी डेटा-सेंटर चिप्स की बढ़ती मांग, क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग हार्डवेयर और AI सेक्टर में नए पार्टनरशिप की वजह से हुई।
2. MicroStrategy (MSTR): आगामी सालों के लिए सबसे भरोसेमंद कंपनियों में गिनी जाने वाली इस कंपनी ने पिछले 5 साल में +2,398.77% का रिटर्न दिया है। यह कंपनी बिज़नेस एनालिटिक्स और क्लाउड-बेस्ड सॉफ्टवेयर बनाती है। लेकिन इसका मुख्य बढ़ोतरी का कारण बिटकॉइन में निवेश है। MicroStrategy सबसे बड़ा कॉरपोरेट बिटकॉइन होल्डर है और इसे डॉलर-कॉस्ट एवरेजिंग स्ट्रैटेजी से खरीदती है।
3. Palantir Technologies (PLTR): अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी Palantir डेटा एनालिटिक्स के काम में माहिर है। अपने क्लाइंट में मिलिट्री एजेंसियां, इंटेलिजेंस सर्विस, इनवेस्टमेंट बैंक और हेज फंड शामिल हैं। साल 2003 में पूर्व PayPal कर्मचारियों की ओर से स्थापित यह कंपनी पिछले 5 वर्षों में +1,825% से ज्यादा का रिटर्न दे चुकी है। AI समाधानों की तेज़ी से बढ़ती मांग और सरकारी अनुबंधों से मिलने वाली स्थिर आमदनी के चलते Palantir विश्लेषकों और निवेशकों के बीच काफी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
मल्टीबैगर स्टॉक्स की मुख्य विशेषताएं
मल्टीबैगर स्टॉक्स की परिभाषा में यह तय नहीं किया गया है कि कीमतों को किस समय-सीमा में बढ़ना चाहिए। दरअसल, दुनिया की मार्केट कैप के हिसाब से टॉप 100 कंपनियों में से लगभग सभी इस श्रेणी में आती हैं, क्योंकि ज़्यादातर लार्ज-कैप कंपनियों ने अपने आईपीओ (IPO) के बाद लंबे समय में निवेशकों को कम से कम 2 से 3 गुना रिटर्न दिया है।
मल्टीबैगर स्टॉक्स की मुख्य विशेषताएं:
- मल्टीबैगर स्टॉक्स ऐसी कंपनियां होती हैं, जिनके स्टॉक की कीमत बेहद कम समय में अक्सर सिर्फ़ एक या दो वर्षों के भीतर असाधारण और तेज़ी से बढ़ जाती है। ऐसा तब होता है, जब कंपनी का बिज़नेस मॉडल आसानी से बड़ा हो सके और उसके प्रोडक्ट या सर्विस की डिमांड लगातार बनी रहे, जिससे यह साफ़ होता है कि कंपनी ने मार्केट में कुछ नया और खास कर दिखाया है।
- बढ़ोतरी के पीछे के कारण, यानी मौलिक कारक अहम होते हैं। एक बार की घटनाएं जैसे कि GameStop शॉर्ट स्क्वीज़ या अनुमान आधारित कीमत में हेरफेर किसी एसेट को असली मल्टीबैगर नहीं बनाती हैं। इस स्टॉक के प्रकार के लिए, किसी कंपनी की ग्रोथ को मज़बूत फंडामेंटल का सपोर्ट मिलना चाहिए: मजबूत वित्तीय परिणाम, सरकारी सहायता, नए प्रोडक्ट, सफल परीक्षण, सकारात्मक समीक्षाएं, वगैरह।
- बबल के कोई संकेत नहीं हैं, क्योंकि स्थायी बढ़ोतरी को आमतौर पर आर्थिक सुरक्षा और मज़बूत फंडामेंटल का सपोर्ट मिलता है। 1999-2000 के डॉट-कॉम बूम के दौरान, कई कंपनियों ने तेज़ी से ग्रोथ की, लेकिन इसका ज़्यादातर हिस्सा एसेट बबल या उससे भी बड़ा इकोनॉमिक बबल साबित हुआ।
खास जानकारी: मल्टीबैगर स्टॉक्स वाली कंपनियों के लिए यह जरूरी है कि उनके पास स्थिर मार्केट पोज़िशन हो, बढ़ती हुई मार्केट शेयर हो, मजबूत प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हो, नए प्रोडक्ट हों और लगातार पैसों में बढ़ोतरी होती रहे।
मजबूत वित्तीय आधार
किसी कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और सुचारु संचालन से यह संकेत मिलता है कि उनके पास लंबे समय तक लगातार रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ाने की क्षमता है। अगर लगातार बिक्री बढ़ती है, नए बाजारों में विस्तार की क्षमता दिखाती है या अपने प्रोडक्ट लाइन का विस्तार करती है, तो उसके शेयर संभावित मल्टीबैगर स्टॉक्स बन सकते हैं।
मल्टीबैगर स्टॉक्स के संकेत:
- लंबी अवधि में आय और शुद्ध मुनाफे में बढ़ोतरी।
- प्रति शेयर कमाई (EPS) में लगातार बढ़ोतरी।
- पेआउट ट्रेंड बढ़ने के साथ भरोसेमंद डिविडेंड पेमेंट।
- कर्ज बहुत कम या कर्ज-मुक्त है।
कम से कम पिछले एक से दो वर्षों के लिए मूल्यांकन गुणकों की समीक्षा करें और यह जांचें कि संकट के दौर में उनमें कैसे बदलाव आया। साथ ही, तकनीकी विश्लेषण को भी ध्यान में रखना बुद्धिमानी है।
प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और बाजार में स्थिति
मल्टीबैगर स्टॉक में ऐसी खासियत होती है, जो उन्हें उनके प्रतिस्पर्धियों से साफ़ तौर पर अलग करती हैं। कई बार कंपनियां अपने खास सेक्टर में लगभग एकाधिकार जैसी स्थिति बना लेती हैं। इनके उत्पादों या सेवाओं की मांग लंबे समय तक बनी रहती है, क्योंकि कंपनी निरंतर सुधार और नवाचार पर ध्यान देती है, चाहे वह गुणवत्ता को बेहतर बनाना हो, नए और उपयोगी आइडिया पेश करना हो या फिर उत्पादन लागत को प्रभावी ढंग से घटाना हो।
उदाहरण:
- कोई बायोटेक्नोलॉजी कंपनी ऐसी नई दवा ला सकती है, जो अपने प्रतिस्पर्धियों की दवाओं से सस्ती और ज्यादा प्रभावी हो या अभी तक बाजार में उपलब्ध ही न हो।
- टेक कंपनी AR/VR टेक्नोलॉजी ला सकती है, जिसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने लगे और लोगों के वर्चुअल और ऑगमेंटेड रियलिटी देखने-समझने के तरीके को ही बदल दे।
- ब्लॉकचेन कंपनी मार्केट में सबसे भरोसेमंद और सबसे तेज़ पेमेंट सिस्टम लॉन्च करती है, जिसे वित्तीय संस्थान तुरंत अपना लेते हैं।
मल्टीबैगर स्टॉक किसी ऐसे डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री से भी जुड़ा हो सकता है, जिसे प्रमुख सेक्टर के विस्तार का फायदा मिलता है। उदाहरण के तौर पर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती लोकप्रियता ने AI चिप्स की मांग में तेज़ी से बढ़ोतरी की है।
विस्तार योग्य बिजनेस मॉडल
विस्तार योग्य बिजनेस मॉडल वह मॉडल होता है, जिससे कंपनी को लागत और संसाधनों में समानुपाती बढ़ोतरी के बिना उत्पादन, बिक्री और मुनाफ़ा बढ़ाने की अनुमति मिलती है। इसका मतलब है कि कंपनी उत्पादकता या दक्षता को प्रभावित किए बिना ही उच्च मांग और भारी काम को आसानी से प्रबंधित कर सकती है। अगर कोई कंपनी उत्पादन बढ़ाती है और उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं, तो उनके शेयर मल्टीबैगर स्टॉक्स माने जा सकते हैं।
मल्टीबैगर स्टॉक्स पहचान करने का तरीका
मल्टीबैगर शेयरों में ट्रेडिंग की रणनीति यह है कि जब शेयर बढ़ने लगें, तभी उन्हें खरीदें, और ऐसी कंपनियों पर ध्यान दें, जिनकी फंडामेंटल मजबूत हों। अन्यथा, आप शेयर को उनके उच्चतम कीमत पर खरीदने का जोखिम उठा सकते हैं, इससे पहले कि फिर से गिरावट हो। मल्टीबैगर शेयर की पहचान करने के लिए अच्छी तरह से रिसर्च करना जरूरी है। हरेक कंपनी का अलग से विश्लेषण करना ज़रूरी है। साथ ही, पूरे उद्योग की स्थिति को भी समझना चाहिए, क्योंकि मजबूत उद्योग अक्सर लंबी अवधि तक विकास बनाए रखते हैं।
सबसे पहले, मूल्यांकन गुणकों, उनकी अन्य कंपनियों और उद्योग के औसत के सापेक्ष स्थिति पर ध्यान दें। साथ ही, यह अनुमान लगाने की कोशिश करें कि कंपनी का उत्पाद भविष्य में कितना आकर्षक हो सकता है और उसे किस संभावित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
वित्तीय अनुपात का विश्लेषण
नीचे दिए गए वैल्यूएशन मल्टीपल्स से आपको उन कंपनियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जिनमें मल्टीबैगर स्टॉक बनने की क्षमता है:
- P/E अनुपात: मल्टीबैगर बनने की संभावना वाले शेयरों में अक्सर P/E अनुपात ज्यादा होता है, क्योंकि निवेशक भविष्य में ज़्यादा कमाई बढ़ने की उम्मीद में प्रीमियम कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं।
- P/S अनुपात: अगर सेल्स के मुकाबले शेयर का दाम कम है, तो शेयर सस्ता लग सकता है। और अगर यह अनुपात ज्यादा है, तो समझिए कि निवेशकों को आगे चलकर बिक्री बढ़ने की अच्छी उम्मीद है।
- D/E अनुपात: अगर कंपनी का कर्ज़ इक्विटी के मुकाबले कम है (यानी D/E 1 से नीचे है), तो मंदी या खराब आर्थिक हालात में कंपनी पर दबाव कम पड़ता है और वह ज़्यादा सुरक्षित मानी जाती है।
- सकल मार्जिन: अगर कंपनी का ग्रॉस मार्जिन लगातार ज्यादा रहता है (करीब 40–50% से ऊपर), तो इसका मतलब है कि कंपनी के पास मजबूत बढ़त है। इसी वजह से वह अपने प्रोडक्ट या सर्विस के लिए ज्यादा कीमत तय कर पाते हैं।
- कंपनी की आंतरिक कीमत।
अन्य मौलिक विश्लेषण गुणक में ROA (रिटर्न ऑन एसेट), ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी), ऑपरेटिंग मार्जिन, प्रॉफिट मार्जिन, प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ रेट, रेवेन्यू मल्टीपल्स और रिटर्न ऑन कैपिटल शामिल हैं। ये जोखिम प्रबंधन के लिए मुख्य फाइनेंशियल इंडीकेटर हैं।
इंडस्ट्री और सेक्टर का विश्लेषण
जिस उद्योग में आगे बढ़ने की अच्छी संभावनाएं होती हैं, वहां काम करने वाली कंपनी आमतौर पर तेज़ी से बढ़ती है, जबकि स्थिर सेगमेंट वाली कंपनी में ऐसा कम देखने को मिलता है। हालांकि, किसी उद्योग को लेकर बना उत्साह या आशावाद अस्थायी भी हो सकता है।
साल 2020 से 2023 के बीच इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की बिक्री को ही देख लीजिए। सरकारी प्रोत्साहनों और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर वैश्विक रुझान के चलते, लिथियम-आयन बैटरियों से चलने वाले EV की मांग तेज़ी से बढ़ी। इसका नतीजा यह हुआ कि दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम उत्पादक कंपनी Albemarle Corporation के शेयर की कीमत सिर्फ दो साल में पांच गुना से भी ज़्यादा बढ़ गई।
लेकिन फिर माहौल बदल गया: लिथियम की आपूर्ति मांग से ज्यादा हो गई। EV की बिक्री उम्मीदों के मुताबिक़ नहीं रही और उद्योग की रफ्तार धीमी पड़ गई।
प्रबंधन गुणवत्ता मूल्यांकन
इन बातों पर ध्यान दें:
- कंपनी की विकास योजनाएं, आने वाले समय में आमदनी और बिक्री बढ़ने की उम्मीद और नए क्षेत्रों और बाजारों में विस्तार।
- वैश्विक संकट के दौरान प्रबंधन की नीति। यह देखें कि वे संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाते हैं और इसका असर बिक्री और आमदनी पर कैसे पड़ता है।
- मैनेजमेंट और बिज़नेस मॉडल कितनी बार बदलते रहते हैं।
Microsoft बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे सही कॉरपोरेट रणनीति और मजबूत वित्तीय प्रबंधन कंपनी की सफलता में बड़ा रोल निभाते हैं। नवंबर 2023 में, कंपनी ने ChatGPT बनाने वाली OpenAI के सीईओ को नियुक्त किया, जिससे सिर्फ एक ही दिन में उनके शेयर की कीमत में 2.74% की बढ़ोतरी हुई। इस बढ़त का श्रेय सिर्फ इस अहम नियुक्ति को नहीं, बल्कि कंपनी की प्रभावी रणनीतियों को भी जाता है, जिन्होंने कुल मिलाकर प्रदर्शन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
मल्टीबैगर स्टॉक्स की पहचान करने के लिए सबसे अच्छे सेक्टर
सबसे बेहतरीन सेक्टर वे हैं, जिनसे तकनीकी विकास और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलता है:
- AI टेक्नोलॉजी और एप्लिकेशन बनाने वाली कंपनियां।
- क्रिप्टोकरेंसी स्टार्टअप्स विकसित करने वाली ब्लॉकचेन कंपनियां।
- इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और माइक्रोचिप बनाने वाली सेमीकंडक्टर कंपनियां।
- सब्सक्रिप्शन आधारित क्लाउड समाधान मुहैया कराने वाली B2B SaaS और क्लाउड सॉफ़्टवेयर कंपनियां।
- साइबर सुरक्षा।
- फिनटेक और पेमेंट सिस्टम।
- बायोटेक्नोलॉजी और फार्मास्यूटिकल्स।
निष्कर्ष
ज्यादा रिटर्न देने वाले मल्टीबैगर स्टॉक्स में निवेश करने वाले निवेशकों के कुछ प्रमुख सवाल होते हैं।
- क्या मौजूदा बढ़ोतरी लंबी अवधि के रुझान का हिस्सा है या सिर्फ़ बबल है या बाजार निर्माताओं की ओर से प्रेरित अस्थायी तेजी है, जिसके बाद गिरावट आएगी?
- स्टॉक बेचने का सही समय कब है? क्या 100% बढ़ोतरी के बाद भी स्टॉक की कीमत बढ़ती रहेगी?
- स्टॉक खरीदने का सही समय कब है? या क्या इसकी खरीदारी करने में देर हो जाएगी और आप उन्हें उनके सबसे उच्चतम कीमत पर खरीद लेंगे?
स्टॉक में निवेश करना हमेशा जोखिम-भरा होता है। इसलिए, मल्टीबैगर स्टॉक को वैल्यू स्टॉक के साथ मिलाकर अपने रिस्क को डाइवर्सिफाई करें, जिनमें ज़्यादा लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलती है, जिससे आपके पोर्टफोलियो में अच्छा मैनेजमेंट और बैलेंस बना रहता है।
मल्टीबैगर स्टॉक से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ के साथ-साथ P/E और P/S अनुपात जैसे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर भी ध्यान दें, क्योंकि इससे पता चलता है कि कोई स्टॉक अंडरवैल्यूड है या नहीं। इसके अलावा, कंपनी और इंडस्ट्री की खबरों पर भी नजर रखें, जिसमें मर्जर और एक्विजिशन, नए प्रोडक्ट लॉन्च और सेक्टर परफॉर्मेंस शामिल हैं, क्योंकि इन कारकों की वजह से संभावित बढ़ोतरी हो सकती है।
मल्टीबैगर स्टॉक्स की कीमत थोड़े ही समय में दो, तीन या पांच गुना तक बढ़ सकती है, इसलिए इन्हें अक्सर हाई ग्रोथ वाला स्टॉक माना जाता है। ये आमतौर पर टेक्नोलॉजी, बायोटेक या अन्य हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में होते हैं। लेकिन, इनकी कीमत में उतनी ही तेजी से गिरावट भी हो सकती है, जितनी तेजी से बढ़ती है। इसके अलावा, वैल्यू स्टॉक्स की कीमत आमतौर पर धीरे-धीरे और स्थिर रूप से बढ़ती है और इनके चार्ट पर अचानक बड़ी गिरावट कम देखने को मिलती है।
मल्टीबैगर कोई भी ऐसा स्टॉक है, जिसकी कीमत कई गुना बढ़ गई हो। टेन-बैगर एक खास तरह का मल्टीबैगर है, जिसकी कीमत कम से कम दस गुना बढ़ चुकी हो। इस शब्द को मशहूर निवेशक पीटर लिंच ने अपनी किताब One Up on Wall Street में लोकप्रिय बनाया। लिंच के अनुसार, यह किसी भी समयावधि (जैसे कि IPO के बाद से) के लिए लागू हो सकता है।
जिस तेजी से कोई स्टॉक बढ़ता है और मार्केट की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता है, उतनी ही ज्यादा संभावना होती है कि इसमें अचानक गिरावट आए। मज़बूत ग्रोथ अक्सर किसी कंपनी के फंडामेंटल को लेकर निवेशक के उत्साह से आती है, जिसे कभी-कभी ज़्यादा आंका जा सकता है। अटकलों पर आधारित ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर उच्चतम कीमत पर अपनी पोजीशन बंद कर सकते हैं, जिससे रुझान में उलटफेर हो सकता है और कीमत नीचे जा सकती है।
जोखिम प्रबंधन के विशिष्ट नियम से यह सुझाव मिलता है कि आपके पोर्टफोलियो का कुल जोखिम 7% से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। अगर किसी स्टॉक की कीमत में 7% से ज़्यादा गिरावट होती है, तो उसे बेच देना चाहिए। अगर आपको अभी भी ग्रोथ की संभावना दिखती है, तो बेहतर होगा कि बाद में फिर से तब निवेश करें, जब कीमत अपने निचले स्तर से वापस ऊपर आ जाए।

इस लेख की सामग्री, लेखक की राय को दिखाती है और यह लाइटफाइनेंस के ब्रोकर की आधिकारिक स्थिति को जरूरी नहीं दिखाती। इस पेज पर पब्लिश सामग्री सिर्फ़ सूचना के उद्देश्यों के लिए प्रदान की गई है और इसे निर्देश 2014/65/EU के उद्देश्यों के लिए निवेश की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
कॉपीराइट कानून के हिसाब से, यह लेख बौद्धिक संपत्ति माना जाता है, जिसमें इसकी बिना अनुमति के कॉपी करना और वितरण पर पाबंदी है।













