फॉरेक्स बाजार 24 घंटे खुला रहता है, क्योंकि यह अलग-अलग टाइम-ज़ोन में स्थित एक्सचेंजों पर आधारित होता है। जब एक एक्सचेंज बंद होता है, तो दुनिया के किसी और हिस्से में स्थित दूसरा एक्सचेंज खुल जाता है। बाज़ार को आम तौर पर चार मुख्य सत्रों में विभाजित किया जाता है: प्रशांत, एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी। हरेक सत्र ट्रेडर से जुड़ी गतिविधि, ट्रेडिंग वॉल्यूम, तरलता और अस्थिरता के संबंध में अलग-अलग होता है।

इस समीक्षा के ज़रिए आप जानेंगे कि हर ट्रेडिंग सत्र की क्या खासियतें हैं और कैसे आप अलग-अलग समय मानकों —GMT, UTC, EET, AEST और EST के आधार पर बाजार समय निर्धारित कर सकते हैं। आप यह भी जानेंगे कि ट्रेडिंग सत्रों का उपयोग अपनी रणनीतियों में कैसे करें, फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए सबसे उपयुक्त समय कौन-सा है। साथ ही, फॉरेक्स ट्रेडिंग सत्रों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी पाएंगे।

इस आर्टिकल में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:


अहम जानकारी

मुख्य थीसिसनिष्कर्ष और अहम जानकारी
ट्रेडिंग सत्र क्या है?ट्रेडिंग सत्र वह समय अवधि है, जिसके दौरान एक ही भौगोलिक क्षेत्र में बैंक और एक्सचेंज सक्रिय रूप से फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में ट्रेड करते हैं। खुलने के क्रम में चार प्रमुख सत्र इस प्रकार हैं: पैसिफिक (सिडनी), एशियाई (टोक्यो), यूरोपीय (लंदन) और अमेरिकी (न्यूयॉर्क)।
फ़ॉरेक्स मार्केट का समयबाज़ार का संचालन उन एक्सचेंजों के समयानुसार होता है, जहां कीमतें तय होती है। सप्ताहांत और अंतर्राष्ट्रीय छुट्टियों को छोड़कर, करेंसी की ट्रेडिंग 24 घंटे होती है। क्रिप्टोकरेंसीज़ की ट्रेडिंग सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे किया जाता है। स्टॉक्स की ट्रेडिंग इंट्राडे शेड्यूल के अनुसार की जाती है।
पैसिफिक सेशन की विशेषताएंरविवार को GMT+0 के अनुसार रात 9 बजे ट्रेडिंग शुरू होती है। जहां कीमतें बिना तेज उछाल के धीरे-धीरे चलती हैं। ट्रेड की जाने वाली करेंसी निम्नलिखित हैं: AUD, NZD, और JPY।
एशियन सेशन की विशेषताएंयह अपेक्षाकृत धीमी रुझान वाला सेशन होता है, जिसमें ट्रेडिंग के लिए सबसे उपयुक्त करेंसी पेयर USD/JPY होती है। इसमें स्थिर सीमा बनने की संभावना रहती है। यह अगले सेशन की शुरुआत में अचानक वॉल्यूम बढ़ने के साथ "लंदन ब्रेकआउट" में बदल सकता है।
लंदन सेशन की विशेषताएंसबसे ज़्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम इसी समय दर्ज होता है। उच्चतम लिक्विडिटी के कारणEURUSD और GBPUSD पर सबसे कम स्प्रेड। सबसे ज़्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम तब दर्ज किया जाता है जब लंदन और न्यूयॉर्क के ट्रेडिंग सेशन ओवरलैप होते हैं। इनमें अक्सर तेजी वाला रुझान और ज्यादा उलटफेर देखने को मिलता है।
अमेरिकन सेशन की विशेषताएंइस समय ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत ज़्यादा होता है। अमेरिका की ज़्यादातर बड़ी आर्थिक रिपोर्ट भी इसी वक्त प्रकाशित की जाती हैं। इसका सीधा असर USD पेयर पर दिखता है।
फ़ॉरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग करने का सबसे अच्छा समय कब होता है?सबसे अच्छा ट्रेडिंग समय आपकी रणनीति, ट्रेडिंग एसेट और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। सक्रिय ट्रेडिंग के लिए, जैसे कि स्कैल्पिंग। सबसे अच्छा समय वह होता है, जब न्यूयॉर्क और लंदन सेशन ओवरलैप होते हैं। मौलिक विश्लेषण-आधारित ट्रेडिंग के लिए, न्यूयॉर्क सेशन सबसे उपयुक्त है। इंट्राडे चैनल और वेव ट्रेडिंग के लिए, सिडनी और टोक्यो फॉरेक्स सेशन उपयुक्त हैं।
मैं ट्रेडिंग सेशन और फ़ॉरेक्स मार्केट की समय की जानकारी कहां देख सकता हूं?यह ध्यान रखें कि कई देशों में समय गर्मी या सर्दी के अनुसार बदलता है, जबकि कुछ देश या तो गर्मी या सर्दी में ही बदलाव करते हैं और कुछ हमेशा एक ही समय पर चलते हैं। कन्फ़्यूज़न से बचने के लिए, वित्तीय साधन से जुड़े हर ट्रेडिंग का शेड्यूल हर महीने देखना ज़रूरी है।

फॉरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग का समय क्या होता है?

वैश्विक फ़ॉरेक्स मार्केट सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय डिसेंट्रलाइज़्ड करेंसी मार्केट है, जहां एक्सचेंज, बैंकों, ECN प्लेटफार्म या सीधे बाजार प्रतिभागियों के बीच ट्रेडिंग की जाती है। ECN प्लेटफॉर्म लेनदेन को निष्पादित करने के लिए टूल उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, मुख्य मध्यस्थ एक्सचेंज हैं, जिनके माध्यम से बैंकों, फंड, ब्रोकर क्लाइंट और अन्य की तरलता प्रवाहित होती है। एक्सचेंज करेंसी की कीमत निर्धारित करते हैं और वही रेट CFD ब्रोकर्स तक जाती है। ये ब्रोकर्स खुद करेंसी नहीं बेचते, लेकिन उसी कीमत पर ट्रेडिंग करते हैं।

चौबीसों घंटे फॉरेक्स ट्रेडिंग मुद्रा एक्सचेंजों के निरंतर संचालन से ही संभव हो पाया है। ये एक्सचेंज दुनिया के सबसे बड़े शहरों में स्थित हैं। यह अलग-अलग समय क्षेत्रों को कवर करते हैं। जब शहर में एक एक्सचेंज बंद होता है, तो दूसरा एक्सचेंज अलग टाइम-ज़ोन में खुलता है और यह सिलसिला चलता रहता है। नतीजतन, हमेशा कम से कम एक फॉरेक्स ट्रेडिंग सेशन खुला रहता है। हालांकि कुछ समय ऐसे भी आते हैं, जब मार्केट स्थिर रहती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी गिरा होता है।

सेशन को इस आधार पर वर्गीकृत किया जाता है कि कौन सा वित्तीय केंद्र किसी निश्चित समय पर क्लाइंट लेनदेन को संसाधित करता है। चार प्रमुख फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग सत्र हैं: प्रशांत - सिडनी, एशियाई - टोक्यो, यूरोपीय - लंदन और अमेरिकी - न्यूयॉर्क।

ट्रेडिंग सेशन के शेड्यूल में तीन ज़रूरी सवालों का जवाब मिलता है।

  • फॉरेक्स मार्केट सबसे ज़्यादा अनिश्चित कब होती है? (वीकेंड के बाद के शुरुआती घंटे में।)
  • मार्केट सबसे ज्यादा एक्टिव कब होती है? (जब यूरोपीय और अमेरिकी सेशन ओवरलैप होते हैं।)
  • मार्केट सबसे कम एक्टिव कब होता है? (पैसिफिक सेशन के दौरान और वीकेंड से ठीक पहले।)

सफल ट्रेडर बनने के लिए, यह समझना ज़रूरी है कि सही समय पर ट्रेडिंग करना सबसे अहम बातों में से एक है। तकनीकी इंडीकेटर तब सबसे ज़्यादा असरदार होते हैं, जब मार्केट या तो बहुत तेज़ चलता है या बिलकुल स्थिर होता है, जिनकी पहचान अलग-अलग ट्रेडिंग सेशन में रणनीति अपनाकर की जा सकती है।

ट्रेडिंग सेशन के बीच अहम फ़र्क:

  • अलग-अलग टाइम-ज़ोन का कवरेज: चार सेशन में सभी 24 टाइम-ज़ोन को कवर किया जाता है। हरेक सेशन नौ घंटे तक चलता है, इसलिए वे आंशिक रूप से ओवरलैप होते हैं।
  • ट्रेडिंग से जुड़ी अलग-अलग गतिविधि: अमेरिकी और यूरोपीय सेशन आंशिक रूप से ओवरलैप होते हैं। यूरोप और अमेरिका में ट्रेडर की संख्या सबसे ज्यादा होती है, इसलिए जब दोनों सेशन एक ही समय पर खुले होते हैं, तो ट्रेडिंग वॉल्यूम सबसे ज्यादा होता है।
  • अलग-अलग अस्थिरता और तरलता: यही वजह है कि यूरोपीय सेशन में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, जबकि पैसिफिक सेशन में स्थिरता बनी रहती है।
  • अलग-अलग प्रमुख एसेट: उदाहरण के तौर पर, जब एशियाई बाज़ार खुले होते हैं, तब अमेरिका में रात होती है, येन ट्रेडर्स सबसे ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। वहीं यूरोपीय सेशन में EUR/USD पेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम सबसे ज्यादा होता है।

लाइटफाइनेंस: फॉरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग का समय क्या होता है?

क्या डेलाइट सेविंग टाइम का फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग के समय पर असर पड़ता है?

हां, टाइम-ज़ोन में बदलाव के कारण डेलाइट सेविंग टाइम का नियमित फ़ॉरेक्स बाज़ार के संचालन घंटों पर असर पड़ता है। हालांकि, सभी देश डेलाइट सेविंग टाइम का पालन नहीं करते हैं, जिससे कुछ विशिष्ट ट्रेडिंग सेशन अलग-अलग तरीके से प्रभावित होते हैं।

उदाहरण के तौर पर:

  • टोक्यो में डेलाइट सेविंग टाइम का पालन नहीं किया जाता है।
  • लंदन में सर्दियों के दौरान समय GMT+0 होता है। मार्च के आखिरी रविवार को समय एक घंटा आगे कर दी जाती हैं, जिससे लंदन का गर्मियों का समय GMT+1 हो जाता है।
  • न्यूयॉर्क में डेलाइट सेविंग टाइम मार्च के दूसरे रविवार से शुरू होता है।
  • दूसरी ओर, सिडनी अप्रैल में सर्दियों के समय पर लौट आता है और समय एक घंटा पीछे कर दिया जाता है।

आमतौर पर GMT+3 के अनुसार ट्रेडिंग सेशन की समय-सारणी इस तरह दिखती है:

1. ग्रीष्मकालीन सत्र (खुलने और बंद होने का समय):

सेशनस्थानीय समयGMT+3
सिडनी

07:00 – 16:00

00:00 – 09:00

टोक्यो

09:00 – 18:00

03:00 – 12:00

लंदन

08:00 – 16:00

10:00 – 18:00

न्यूयॉर्क

08:00 – 17:00

15:00 – 00:00

2. शीतकालीन सत्र (खुलने और बंद होने का समय):

सेशनस्थानीय समयGMT+2 (समय में बदलाव को ध्यान में रखा रखा गया)
सिडनी

07:00 – 16:00

23:00 – 08:00

टोक्यो

09:00 – 18:00

03:00 – 12:00

लंदन

08:00 – 16:00

11:00 – 19:00

न्यूयॉर्क

08:00 – 17:00

16:00 – 01:00

उदाहरण के तौर पर, अगर आप मास्को में रहते हैं, जहां समय हमेशा GMT+3 होता है, तो टोक्यो सेशन (एशियाई ट्रेडिंग सेशन) गर्मियों और सर्दियों दोनों में एक ही समय पर खुलेगा, क्योंकि टोक्यो में भी डेलाइट सेविंग टाइम लागू नहीं होता।

मार्च में, लंदन और न्यूयॉर्क अपने समय को एक घंटा आगे बढ़ा देते हैं, जिससे मास्को के ट्रेडर को यह सत्र एक घंटे पहले शुरू होते दिखते हैं। इसके अलावा, जब अप्रैल में अप्रैल में सिडनी के समय में बदलाव के चलते, मॉस्को में ट्रेडर के लिए पैसिफिक सेशन एक घंटे बाद शुरू होगा।

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रजिस्ट्रेशन

फ़ॉरेक्स बाज़ार कब खुलता है: 4 प्रमुख सत्र और उनके ट्रेडिंग समय की जानकारी

अंतरराष्ट्रीय समय मानकों और स्थानीय समय के अनुसार, ट्रेडिंग सेशन का शेड्यूल कई फ़ॉर्मेट में उपलब्ध है।

समय मानक:

  • ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) वह औसत सौर समय है। यह लंदन के निकट पुराने ग्रीनविच ऑब्ज़र्वेटरी से गुजरने वाले देशांतर रेखा पर आधारित होता है। GMT+9 का मतलब होता है – स्थानीय समय GMT से 9 घंटे आगे है। लंदन का शीतकालीन समय GMT+0 होता है।
  • UTC (कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम) अंतरराष्ट्रीय समय मानक है, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर में समय और घड़ियों के संचालन के लिए किया जाता है। इसे 1972 में पुराने ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के स्थान पर लागू किया गया था।
  • EET (ईस्टर्न यूरोपियन टाइम) वह टाइम ज़ोन है, जिसका उपयोग यूरोप, उत्तर अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ देशों में किया जाता है। यह GMT+2 से मेल खाता है। गर्मियों में ईस्टर्न यूरोपियन समर टाइम (EEST) यानी GMT+3 लागू होता है।
  • EST (ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम) उत्तरी अमेरिका के पूर्वी हिस्से, जैसे अमेरिका के पूर्वी भाग, कनाडा और कैरिबियन व मध्य अमेरिका के कुछ देशों में उपयोग किया जाने वाला टाइम ज़ोन है। यह GMT-5 के अनुरूप होता है। ईस्टर्न डेलाइट टाइम में EDT (GMT-4) लागू होता है।
  • AEST (ऑस्ट्रेलियन ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम) ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी हिस्सों, जैसे कैपिटल टेरिटरी, न्यू साउथ वेल्स, तस्मानिया, विक्टोरिया और क्वींसलैंड में उपयोग किया जाने वाला टाइम ज़ोन है। यह GMT+10 के अनुरूप है और डेलाइट सेविंग टाइम में GMT+11 हो जाता है।

ख़ास जानकारी:

  • GMT और UTC प्रभावी रूप से एक समान होते हैं।
  • GMT+0 सर्दियों के दौरान लंदन का समय है। अगर आप GMT+6 समय क्षेत्र में हैं और लंदन का समय जानना चाहते हैं, तो अपने समय से 6 घंटे घटाएँ। GMT+9 ज़ोन में समय जानने के लिए, 3 घंटे जोड़ें।
  • EET = GMT+0 + 2 घंटे।
  • EST = GMT+0 - 5 घंटे।
  • AEST = GMT+0 + 10 5 घंटे।

 

सुझाव: किसी भी भ्रम से बचने के लिए, अपने क्षेत्र के ट्रेडिंग से जुड़े वित्तीय साधन की खास जानकारी में ट्रेडिंग सत्र का शेड्यूल ज़रूर देखें।

LiteFinance के क्लाइंट एरिया में ट्रेडिंग शेड्यूल खोजने के लिए आपको क्या करना चाहिए, इसके बारे में यहां बताया गया है – इसके लिए रजिस्ट्रेशन करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

1. "ट्रेड" बटन दबाकर अपनी पसंद का ट्रेडिंग एसेट चुनें।

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2. "वित्तीय साधन की जानकारी" टैब पर जाएं। शेड्यूल टाइम LiteFinance के ट्रेडिंग सर्वर के अनुसार होता है: यह गर्मियों में GMT+3 और सर्दियों में GMT+2 होता है।

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यहां Metatrader 4 और 5 प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेडिंग सेशन खोजने की प्रक्रिया दी गई है:

1. 'CTRL+M' दबाकर या मेन्यू में View > Market Watch चुनकर "मार्केट वॉच" विंडो खोलें।

2. वित्तीय साधन पर राइट-क्लिक करें और दिखने वाले टैब में "स्पेसिफिकेसन" चुनें।

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3. आपको सर्वर समय के अनुसार ट्रेडिंग सेशन का चार्ट दिखेगा।

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इस उदाहरण में, ट्रेडिंग सर्वर समय GMT+3 टाइम ज़ोन से जुड़ा है, इसलिए ट्रेडिंग सत्र रात 12:00 बजे शुरू होता है। सोमवार के शुरुआती छह मिनट का इस्तेमाल कीमतों को अपडेट करने और उन्हें ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म पर भेजने के लिए किया जाता है।

ध्यान दें! ब्रोकर अगले दिन तक ट्रेड को आगे बनाए रखने के लिए स्वैप शुल्क ले सकते हैं। ट्रेडिंग में लीवरेज का इस्तेमाल करने से स्वैप लागत बढ़ जाती है। सप्ताहांत पर, जब फ़ॉरेक्स बाज़ार बंद होता है और पोजीशन खोलना असंभव होता है, तो ब्रोकर "ट्रिपल स्वैप" शुल्क लेते हैं।

दो प्रमुख बिंदु:

  • बुधवार रात को ट्रिपल स्वैप शुल्क लिया जाता है। सभी लेनदेन का सेटलमेंट उनके निष्पादन के बाद दो व्यावसायिक दिनों में किया जाता। बुधवार से गुरुवार तक किसी ओपन पोजीशन को ट्रांसफर करते समय, एसेट की डिलीवरी शनिवार को निर्धारित की जाती है। हालांकि, शनिवार (और रविवार) गैर- व्यावसायिक दिन है, इसलिए एसेट की डिलीवरी अगले व्यावसायिक दिन यानी सोमवार तक स्थगित कर दी जाती है।
  • स्वैप शुल्क 21:00 GMT+0 पर तब तक लिया जाता है, जब तक कि ब्रोकर की ट्रेडिंग शर्तों में अन्यथा निर्दिष्ट न किया गया हो।

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अगर ट्रेडर ने ऑफ़र, विनिर्देश या ट्रेडिंग से जुड़ी शर्तों को पूरी तरह नहीं पढ़ा या समझा है, तो इसकी ज़िम्मेदारी ब्रोकर की नहीं होगी।

"फॉरेक्स मार्केट" शब्द की स्पष्ट व्याख्या:

सैद्धांतिक रूप से, फॉरेक्स बाजार, ओवर-द-काउंटर इंटरनेशनल कंरेंसी मार्केट है।

दो प्रमुख बिंदु:

  1. भले ही वित्तीय बाज़ार ओवर-द-काउंटर हो, लेकिन इसका संचालन एक्सचेंजों के ट्रेडिंग शेड्यूल पर आधारित होता है। एक्सचेंज भी लेन-देन में भागीदार होते हैं, और बैंक व संस्थागत निवेशक जैसे बाज़ार निर्माता इन्हीं के माध्यम से काम करते हैं। सप्ताहांत में एक्सचेंज बंद रहते हैं, इसलिए फ़ॉरेक्स ब्रोकर्स सिर्फ़ सीमित सेवाएं ही मुहैया कराते हैं।
  2. फॉरेक्स ब्रोकर्स CFD (कॉन्‍ट्रैक्ट्स फॉर डिफरेंस) के ज़रिए ट्रेडिंग सेवाएं मुहैया कराते हैं। इसमें ट्रेडर्स असली संपत्ति के मालिक नहीं होते, बल्कि कीमत के अंतर पर निवेश करते हैं। करेंसी के अलावा, ब्रोकर्स स्टॉक्स, इंडेक्स और क्रिप्टोकरेंसी पर भी CFD उपलब्ध कराते हैं।

फॉरेक्स ब्रोकर्स अपना ट्रेडिंग शेड्यूल एक्सचेंज के समय-सारणी के अनुसार तय करते हैं। इसलिए हर वित्तीय साधन का अलग-अलग ट्रेडिंग सत्र निर्धारित होता है।

  • करेंसी: ट्रेडिंग सप्ताह के पांच दिन, 24 घंटे चलती है। छुट्टियों और वीकेंड पर कोई ट्रेडिंग नहीं होती है।

लाइटफाइनेंस: फ़ॉरेक्स बाज़ार कब खुलता है: 4 प्रमुख सत्र और उनके ट्रेडिंग समय की जानकारी

  • क्रिप्टोकरेंसी पर CFD ट्रेडिंग बाज़ार में 24 घंटे खुला रहता है, इसमें न कोई छुट्टी और न कोई वीकेंड होता है। आप कभी भी ट्रेड कर सकते हैं। हालांकि, ब्रोकर की ट्रेडिंग से जुड़ी शर्तों के अनुसार वीकेंड में थोड़ी देर के लिए ट्रेडिंग रोक सकते हैं।

लाइटफाइनेंस: फ़ॉरेक्स बाज़ार कब खुलता है: 4 प्रमुख सत्र और उनके ट्रेडिंग समय की जानकारी

  • CFD के ज़रिए शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग होती है। इसकी अवधि देश के हिसाब से अलग-अलग होती है। उदाहरण के तौर पर, अमेरिका में यह अवधि प्री और पोस्ट-मार्केट के समय को छोड़कर 9:30 से 16:00 (GMT-4) तक मानी जाती है।

लाइटफाइनेंस: फ़ॉरेक्स बाज़ार कब खुलता है: 4 प्रमुख सत्र और उनके ट्रेडिंग समय की जानकारी

अन्य उपयोगी टूल सूचना संकेतक है। यह प्राइस चार्ट पर हर ट्रेडिंग सत्र को अलग-अलग रंग में दिखाता है।

फ़ायदे:

  • आप कीमत में पिछले उतार-चढ़ाव का आसानी से विश्लेषण कर सकते हैं। हर कलर-कोडेड ज़ोन उस अवधि की अधिकतम-न्यूनतम कीमत, अस्थिरता, अधिकतम गिरावट, कैंडलस्टिक बॉडी का आकार और ट्रेडिंग वॉल्यूम को दिखाता है।
  • हर पल समय पर लगातार नज़र रखने की ज़रूरत नहीं है। जब गति या स्केलिंग ज़रूरी हो, तो कलर-कोडेड ज़ोन का इस्तेमाल करना ज़्यादा सुविधाजनक होता है।
  • आप इंडीकेटर पैरामीटर को अपने पसंदीदा समय मानक के अनुसार कस्टमाइज़ कर सकते हैं।

MT4/MT5 के लिए ऐसा ही इंडीकेटर i-सेशन है।

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कृपया ध्यान दें: अलग-अलग स्रोतों में खुलने और बंद होने के समय अलग-अलग हो सकता है। इसलिए नीचे दिए गए समय GMT+0 के अनुसार हैं।

सिडनी सेशन

फॉरेक्स बाजार की शुरुआत सिडनी ट्रेडिंग सत्र से होती है। वैश्विक फॉरेक्स मार्केट में सबसे पहले पैसिफिक या सिडनी ट्रेडिंग सेशन खुलता है। यह सेशन GMT+0 के अनुसार रात 9:00 बजे शुरू होकर सुबह 6:00 बजे बंद होता है। यह विस्तारित ट्रेडिंग अवधि को दिखाता है।

शीतकालीन सत्र के दौरान, सिडनी का टाइम ज़ोन GMT+10 होता है। सिडनी सेशन स्थानीय समयानुसार 07:00 बजे खुलता है और स्थानीय समयानुसार 16:00 बजे बंद होता है। वेलिंगटन भी इसमें शामिल है, जहां GMT के आधार पर समय में बदलाव होता है।

 

खुलने का समयबंद होने का समय
कॉर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम, UTC (यह GMT से मेल खाता है)।

21:00

6:00

ईस्टर्न स्टैण्डर्ड टाइम, EST

16:00

1:00

ऑस्ट्रेलियन ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम, AEST

7:00

16:00

ईस्ट यूरोपियन टाइम, EET

23:00

8:00

स्थानीय समय

7:00

16:00

टोक्यो सेशन

एशियाई या टोक्यो ट्रेडिंग सेशन GMT+0 के अनुसार 00:00 बजे खुलता है और 09:00 बजे बंद होता है। टोक्यो का टाइम ज़ोन GMT+9 समय होता है। स्थानीय समय के अनुसार, फॉरेक्स ट्रेडिंग सेशन सुबह 09:00 बजे शुरू होकर शाम 18:00 बजे समाप्त होता है। इसमें डेलाइट सेविंग टाइम में कोई बदलाव नहीं होता। हांगकांग और सिंगापुर भी इस सेशन में शामिल हैं, जिनके समय GMT के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।

 

खुलने का समयबंद होने का समय
कॉर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम, UTC (यह GMT से मेल खाता है)।

0:00

9:00

ईस्टर्न स्टैण्डर्ड टाइम, EST

19:00

4:00

ऑस्ट्रेलियन ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम, AEST

10:00

19:00

ईस्ट यूरोपियन टाइम, EET

2:00

11:00

स्थानीय समय

9:00

18:00

लंदन सेशन

यूरोपीय या लंदन ट्रेडिंग सेशन 07:00 बजे खुलता है और 15:00 GMT+0 पर बंद होता है। शीतकालीन स्तर के दौरान, लंदन GMT+0 टाइम ज़ोन में संचालित होता है। फ़ॉरेक्स बाज़ार स्थानीय समयानुसार 07:00 बजे खुलता है और 15:00 बजे बंद होता है। इस सत्र की अवधि 8 घंटे होती है। हालांकि कुछ स्रोत इसकी अवधि 9 घंटे बता सकते हैं। फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख और पेरिस भी इसमें शामिल होते हैं, जिनका समय GMT के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

 

खुलने का समयबंद होने का समय
कॉर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम, UTC (यह GMT से मेल खाता है)।

7:00

15:00

ईस्टर्न स्टैण्डर्ड टाइम, EST

3:00

11:00

ऑस्ट्रेलियन ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम, AEST

18:00

2:00

ईस्ट यूरोपियन टाइम, EET

10:00

18:00

स्थानीय समय

7:00

15:00

न्यूयार्क सेशन

अमेरिकी या न्यूयॉर्क ट्रेडिंग सेशन 12:00 बजे खुलता है और 21:00 GMT+0 पर बंद होता है। शीतकालीन सत्र के दौरान, न्यूयॉर्क GMT-5 टाइम ज़ोन में संचालित होता है। न्यूयॉर्क सेशन स्थानीय समयानुसार 08:00 बजे से खुलता है और स्थानीय समयानुसार 17:00 बजे बंद होता है। शिकागो भी इसमें शामिल है, जिनका समय GMT के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

 

खुलने का समयबंद होने का समय
कॉर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम, UTC (यह GMT से मेल खाता है)।

12:00

21:00

ईस्टर्न स्टैण्डर्ड टाइम, EST

8:00

17.00

ऑस्ट्रेलियन ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम, AEST

23:00

8:00

ईस्ट यूरोपियन टाइम, EET

15:00

0:00

स्थानीय समय

8:00

17.00

नीचे दी गई चीज़ों को ध्यान में रखें:

  • ट्रेडिंग का समय क्षेत्र के शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन समय में बदलाव के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
  • ग्रीष्म और शीतकालीन समय अलग-अलग देशों में अलग महीनों में शुरू होता है, जिससे फॉरेक्स ट्रेडिंग सेशन के समय पर असर पड़ता है।
  • कई बार किसी एक देश के भीतर भी अलग-अलग टाइम ज़ोन होते हैं।
  • कानूनी बदलावों के कारण ग्रीष्म और शीतकालीन समय में बदलाव रद्द किया जा सकता है।
  • एक देश ग्रीष्मकालीन समय अपना सकता है, जबकि दूसरा देश शीतकालीन समय अपना सकता है।

हरेक एसेट का सेशन कॉन्ट्रैक्ट स्पेसिफिकेशन में देखें। ट्रेडिंग समय में बदलाव की जानकारी ब्रोकर्स आमतौर पर न्यूज़लेटर या वेबसाइट पर समाचार के ज़रिए देते हैं।

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फ़ॉरेक्स मार्केट 24 घंटे क्यों खुला रहता है?

फॉरेक्स 24 घंटे संचालित होता है, क्योंकि:

  • फॉरेक्स दुनिया का सबसे बड़ा विकेंद्रीकृत वित्तीय बाज़ार है। इसमें एक भी ट्रेडिंग सेंटर नहीं है, जहां लेन-देन किए जाते हैं और नियंत्रित किए जाते हैं या जहाना ट्रेडिंग वॉल्यूम रिकॉर्ड की जाती है। बाज़ार के प्रतिभागी बैंकों की मदद से, ECN प्लेटफ़ॉर्म पर या सीधे एक-दूसरे से (OTC मार्केट - ओवर द काउंटर) अलग-अलग एक्सचेंज पर करेंसी खरीदते और बेचते हैं।

रोचक तथ्य: फॉरेक्स में अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर बिना किसी केंद्रीय व्यवस्था से जुड़े हुए लेन-देन करने की सुविधा ही आर्बिट्रेज ट्रेडिंग रणनीति की मूल अवधारणा है। हर प्लेटफ़ॉर्म का अपना मूल्य निर्धारण स्रोत और कीमत अपडेट करने की प्रक्रिया होती है, जिससे थोड़े समय के लिए एसेट की कीमतों में अंतर हो सकता है। आर्बिट्राज ट्रेडर्स इन्हीं अंतरों से मुनाफ़ा कमाने की कोशिश करते हैं।

  • हमारी पृथ्वी 24 टाइम ज़ोन में बटी है। औसतन, करेंसी एक्सचेंज सेशन की अवधि 8 घंटे होती है। वैश्विक वित्तीय केंद्र दुनिया भर में स्थित हैं। जब एक क्षेत्र में बाज़ार बंद होता है, तो दूसरे क्षेत्र में बाज़ार खुलता है। यही वजह है कि चार मुख्य ट्रेडिंग सत्र बनते हैं, इससे चार प्रमुख व्यापारिक सत्र बनते हैं। यह "नेटवर्क से जुड़ने" के कारण ओवरलैप होते हैं।

उदाहरण के तौर पर, Currenex ECN प्लेटफॉर्म 70 से ज्यादा बैंकों और एक्सचेंज से जुड़ा हुआ है, जिससे हर ट्रेडर किसी भी समय सभी करेंसी पेयर को एक्सेस कर सकते हैं। अधिकांश करेंसी उन सेशन में अधिक सक्रिय रूप से ट्रेड की जाती हैं, जो उनके संबंधित देशों से मेल खाते हैं।

ट्रेडिंग सेशन के अनुसार ओवरलैप चार्ट

सेशन का ओवरलैप आमतौर पर ट्रेडिंग वॉल्यूम और तरलता में बढ़ोतरी को दिखाता है, जिससे उतार-चढ़ाव भी हो सकता है। यह स्थिति तब बनती है, जब एक क्षेत्र के ट्रेडर अब भी सक्रिय होते हैं, जबकि दूसरे क्षेत्र के ट्रेडर पहले ही वित्तीय बाजार में ट्रेडिंग शुरू कर चुके हैं। ऐसे समय में कीमतों में तेजी और बढ़े हुए वॉल्यूम को अक्सर ट्रेंड-आधारित रणनीतियों में इस्तेमाल जाता है। ख़ास तौर पर जब दो सत्रों की अवधि एक-दूसरे से ओवरलैप होती है, तब फॉरेक्स बाजार में अधिकतम गतिविधि देखी जाती है।

ट्रेडिंग समय का आपसी ओवरलैप (GMT/UTC+0):

सेशनओवरलैप टाइम (GMT/UTC)
सिडनी/टोक्यो

00:00-07:00

टोक्यो/लंदन

07:00-08:00

लंदन/न्यूयार्क

12:00-16:00

न्यूयार्क/सिडनी

21:00-22:00

 फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में अवकाश

फॉरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग की छुट्टियां तब होती हैं, जब दुनिया भर के सभी प्रमुख एक्सचेंज एक साथ बंद होते हैं। इन छुट्टियों में शनिवार, रविवार और नए साल का दिन और कैथोलिक क्रिसमस जैसी अंतरराष्ट्रीय छुट्टियां शामिल होती हैं। क्षेत्रीय छुट्टियां भी होती हैं, जिसके दौरान विशिष्ट क्षेत्रों में एक्सचेंज बंद रहते हैं। इससे ट्रेडिंग वॉल्यूम और ब्रोकर्स कामकाजी घंटों पर आंशिक रूप से असर पड़ सकता है। लिक्विडिटी कम हो जाती है और बाज़ार में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग की छुट्टियों की जानकारी हॉलिडे कैलेंडर में मिलती है। यह LiteFinance की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ब्रोकर के फॉरेक्स हॉलिडे कैलेंडर के माध्यम से लगभग सभी देशों के 365 दिन पहले तक के ट्रेडिंग शेड्यूल उपलब्ध हैं। इससे आप अलग-अलग क्षेत्रों में बाज़ार के खुलने और बंद होने का समय आसानी से जान सकते हैं।

लाइटफाइनेंस:  फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में अवकाश

ध्यान दें: क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में छुट्टी नहीं होती। इसलिए, डिजिटल एसेट पर CFD ट्रेडिंग सप्ताहांत पर भी जारी रहती है, जब तक कि ब्रोकर की ट्रेडिंग शर्तों में अन्यथा निर्धारित न हो।

फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग सेशन के बारे में जानकारी

हरेक ट्रेडिंग सेशन की अपनी विशेषताएं होती हैं। यह टाइम ज़ोन, क्षेत्र और स्थानीय करेंसी की विशेषताओं पर आधारित होती हैं।

1. पैसिफिक सेशन।

सबसे सक्रिय क्षेत्र अमेरिका और यूरोप इस समय निष्क्रिय रहते हैं। यह सत्र सबसे स्थिर माना जाता है, जिसमें उतार-चढ़ाव (वॉलेटिलिटी) और तरलता (लिक्विडिटी) का स्तर कम होता है। इस दौरान सबसे ज्यादा ट्रेड की जाने वाली करेंसी AUD/USD, NZD/USD और USD/JPY है।

2. एशियन सेशन।

अपेक्षाकृत स्थिर ट्रेडिंग सत्र। USD/JPY पेयर इस समय के दौरान ट्रेड की जाने वाली प्राथमिक करेंसी पेयर है। यूरोपीय करेंसी में ट्रेडिंग गतिविधि कम होता है। यह सलाह दी जाती है कि M15 से M30 पर चैनल आधारित ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीति अपनाएं।

3. लंदन सेशन।

इस ट्रेडिंग सत्र में बाज़ार सबसे ज़्यादा सक्रिय रहता है। इसमें उतार-चढ़ाव सबसे ज़्यादा होता है। उच्चतम तरलता के कारण प्रमुख पेयर और क्रॉस रेट में सबसे कम स्प्रेड मिलते हैं। ट्रेंड से जुड़ी रणनीतियां, पेंडिंग ऑर्डर और स्विंग ट्रेडिंग यहां काफी असरदार साबित होती है।

लंदन ब्रेकआउट रणनीति के अनुसार, एशियाई सत्र में यूरोपीय मुद्राएं (विशेषकर यूरो और पाउंड स्टर्लिंग) एक सीमित दायरे में ट्रेड करती हैं। जैसे ही लंदन सत्र खुलता है, बाज़ार में लिक्विडिटी बढ़ जाती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम तेज़ी से बढ़ता है। अगर कीमत एशियाई सत्र के दौरान उच्चतम स्तर तक पहुंच कर इसे पार कर जाए, तो रुझान की दिशा में पोजीशन खोली जा सकती है।

4. न्यूयार्क सेशन।

लंदन और न्यूयॉर्क सत्रों के ओवरलैप होने के दौरान ट्रेडिंग से जुड़ी सबसे ज्यादा गतिविधि देखी जाती है। यह लगभग 4 घंटे तक चलता है। इस दौरान, दोनों दिशाओं में निरंतर रुझान और ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।

सेशन की विशेषताएं:

  • संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापक आर्थिक आंकड़े अक्सर इस सेशन के दौरान जारी किए जाते हैं, जिससे बाजार में गतिविधि और तेज़ हो जाती है। समाचार ट्रेडिंग से मुनाफ़ा कमाने का यह अच्छा समय है।
  • लंदन और न्यूयॉर्क सत्रों के दौरान संस्थागत निवेशक, फंड और बैंक जैसे मार्केट मेकर सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। वे ऐसे ट्रेंड सेट कर सकते हैं, जिनसे हर ट्रेडर मुनाफ़ा कमा सकते हैं।

स्कैल्पिंग और फंडामेंटल एनालिसिस के आधार पर ट्रेडिंग के लिए भी अनुकूल माना जाता है।

“थिन” मार्केट के दौरान सत्रों के बीच बदलाव की स्थिति में अपने ट्रेड पर नियंत्रण बनाए रखना तब ज़रूरी होता है, जब स्थिर मूल्य चार्ट बनाए रखने के लिए लिक्विडिटी काफी नहीं होती है। इससे कीमतों में उछाल आ सकता है, जिससे स्टॉप ऑर्डर से संरक्षित ट्रेडिंग अकाउंट पर ज्यादा असर पड़ सकता है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए सबसे सही समय कब होता है और उसका कारण क्या है?

अलग-अलग ट्रेडिंग सत्रों में ट्रेडिंग की विशेषताएं

  • सोमवार और शुक्रवार को आमतौर पर अन्य दिनों की तुलना में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होता है, जबकि अधिकतम ट्रेडिंग वॉल्यूम बुधवार और गुरुवार को देखा जाता है; इस समय तक, सप्ताहांत के बाद स्पष्ट इंट्राडे रुझान बन चुके होते हैं।
  • सोमवार के शुरुआती घंटे बेहद उतार-चढ़ाव भरे होते हैं। कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। सप्ताहांत में ऐसे मौलिक कारक सामने आए हैं, जिससे बाज़ार में काफ़ी हद तक उलटफेर हो सकता है। सोमवार को पिछले सप्ताह के नतीजों का फिर से मूल्यांकन किया जाता है और समाचार पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए निकट भविष्य के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं।
  • यूरोपीय और अमेरिकी सत्रों के ओवरलैप होने के दौरान, ट्रेडिंग सबसे ज़्यादा सक्रिय रहती है। इसी समय EUR/USD, USD/GBP जैसी सबसे अधिक लिक्विड पेयर में में ट्रेडिंग करने वाले प्रतिभागियों की संख्या सबसे ज़्यादा होती है।

लाइटफाइनेंस: फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए सबसे सही समय कब होता है और उसका कारण क्या है?

GMT+3 टाइम ज़ोन में, लंदन और न्यूयॉर्क सत्र 15:00 से 19:00 (ग्रीष्मकालीन समय) तक एक-दूसरे से ओवरलैप होते हैं। उपरोक्त EUR/USD चार्ट से पता चलता है कि इस अवधि में दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम सबसे ज़्यादा होता है।

इस अवधि की पहचान चार्ट पर दिखाई देने वाली तेज रुझानों से होती है। पहला परिदृश्य ऊपर की ओर स्पष्ट रुझान दिखा सकता है, वहीं दूसरे में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुछ ही घंटों में कीमतें 25 प्वाइंट से ज़्यादा ऊपर-नीचे हो सकती हैं। इसलिए, लंदन और न्यूयॉर्क सत्र ओवरलैप होने पर उन ट्रेडर्स के लिए सुनहरा अवसर मिलता है, जो तेज़ी से रुझान की दिशा निर्धारित कर सकें और संभावित उच्च मुनाफ़ा कमाने के लिए जोखिम उठाने के लिए तैयार हो।

शुक्रवार के अंत में, ट्रेडिंग वॉल्यूम आमतौर पर घट जाते हैं, क्योंकि अधिकांश ट्रेडर सप्ताहांत से पहले अपनी पोज़िशन बंद कर देते हैं। शुक्रवार के दूसरे चरण में, रुझान की दिशा अक्सर स्थिर सीमा (फ्लैट रेंज) में बदल जाती है। यह नीचे दिए गए चार्ट में स्पष्ट रूप से दिखता है।

लाइटफाइनेंस: फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए सबसे सही समय कब होता है और उसका कारण क्या है?

गुरुवार, 10 अप्रैल को अमेरिकी मुद्रास्फीति से जुड़ा नकारात्मक डेटा सामने आने पर EUR/USD की दर में 120 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई। यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि किस तरह मौलिक कारकों से ट्रेडिंग सत्रों की तुलना में कहीं ज्यादा असर पड़ सकता है। शुक्रवार को 15:00–15:30 (GMT+3, मास्को समय) के बाद, चार्ट में स्पष्ट रूप से क्षैतिज सीमा में बदलाव दिखता है। साथ ही, कैंडल बॉडी का आकार और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी घटता है।

फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग सेशन में अस्थिरता की निर्भरता के संबंध में, हर करेंसी पेयर में उतार-चढ़ाव का स्तर अलग-अलग होता है। ट्रेडर आमतौर पर अपनी स्थानीय मुद्रा में ही ट्रेड करना पसंद करते हैं, क्योंकि क्योंकि उन्हें आंतरिक मौलिक कारकों की बेहतर समझ होती है। उदाहरण के तौर पर, USD/JPY एशियाई सत्र में ज्यादा अस्थिर होता है, जबकि पैसिफिक सेशन में AUD/USD और NZD/USD ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखाते हैं।

नीचे दी गई तालिका में हर फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग सत्र के अनुसार प्रमुख करेंसी पेयर्स और क्रॉस रेट में अंकों के आधार पर उतार-चढ़ाव दिखाया गया है।

 

सिडनीटोक्योलंदनन्यूयार्क

EUR/USD

32

28

56

34

GBP/USD:

49

44

81

43

AUD/USD:

41

35

55

29

NZD/USD

41

33

52

27

USD/CHF:

36

31

58

38

USD/JPY

90

68

87

55

USD/CAD:

35

33

66

32

GBP/JPY

99

63

91

52

EUR/CHF

24

19

39

25

EUR/GBP

20

18

30

20

यह औसत कीमत है और अलग-अलग टाइम-फ्रेम में अस्थिरता अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा, ट्रेडिंग सत्र शेड्यूल से संबंधित नहीं होने वाले विशिष्ट मौलिक कारक से भी अस्थिरता पर असर पड़ सकता है। नतीजतन, आंकड़ों का इस्तेमाल सटीक कीमत के बजाय संदर्भ के रूप में किया जाना चाहिए।

इस तालिका से पता चलता है कि लंदन सत्र सबसे सक्रिय होता है। हालांकि, उदाहरण के तौर पर, जापानी येन में सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम सिडनी सत्र के दौरान होता है। इसलिए फ़ॉरेक्स में ट्रेडिंग का सबसे उपयुक्त समय आपकी रणनीति और जोखिम सहनशीलता पर निर्भर करता है।

निष्कर्ष

  • CFD ब्रोकर एक्सचेंज की कीमत पर अपनी रणनीति तय करते हैं। इसलिए, करेंसी पेयर पर CFD की ट्रेडिंग सोमवार से शुक्रवार 24 घंटे की जाती है, जबकि क्रिप्टोकरेंसी पर CFD की ट्रेडिंग 24/7 किया जा सकता है। हालांकि, विशिष्ट ट्रेडिंग घंटे अभी भी किसी विशेष फ़ॉरेक्स ब्रोकर की ओर से निर्धारित शर्तों पर निर्भर हो सकते हैं। शेयरों पर आधारित CFD की ट्रेडिंग दिन के भीतर ही होती है।
  • ट्रेडिंग सत्र के अनुसार ट्रेडिंग वॉल्यूम, उतार-चढ़ाव और तरलता में अंतर होता है। अन्य अहम कारकों में फॉरेक्स बाजार के खुलने-बंद होने का समय और ट्रेडिंग सत्रों का ओवरलैप होना भी शामिल है।
  • ट्रेडिंग सत्र का समय निर्धारण जटिल हो सकता है, क्योंकि अलग-अलग देश अलग समय पर डेलाइट सेविंग लागू करते हैं और अलग-अलग समय मानक (GMT, EET, EST आदि) का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, हर एसेट के लिए सत्र का समय पहले से कॉन्ट्रैक्ट स्पेसिफिकेशन में देख लेना ज़रूरी होता है, जिसमें ब्रोकर की शर्तें भी शामिल होती हैं।

भले ही, फॉरेक्स मार्केट पर मूलभूत कारकों और संस्थागत निवेशकों का प्रभाव होता है, लेकिन ट्रेडिंग सत्र का शेड्यूल समझने से आपको बाजार की गतिविधि, उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी के आधार पर प्रभावी ट्रेडिंग सिस्टम बनाने की अनुमति मिल सकती है।

फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग की टाइमिंग से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फ़ॉरेक्स मार्केट सप्ताह में पांच दिन, दिन में 24 घंटे खुला रहता है। वीकेंड और छुट्टियों से पहले बाज़ार बंद हो जाता है और पहले कार्य दिवस की शुरुआत में खुलता है। ट्रेडिंग शुरू होने का समय रविवार को 21.00 (GMT+0) है। सिडनी में पैसिफ़िक सत्र में ट्रेडिंग शुरू होती है, जहां स्थानीय समय 07.00 (GMT+10) है। अगर आपका टाइम-ज़ोन GMT+3 है, तो ट्रेडिंग सोमवार को 00.00 बजे शुरू होगी। ब्रोकर और ग्रीष्मकालीन/शीतकालीन समय के आधार पर, 1-2 घंटे का समय बदलाव हो सकता है। स्टॉक पर CFD के लिए, सत्र 6.5 घंटे तक चलता है। क्रिप्टोकरेंसी पर CFD की ट्रेडिंग छुट्टियों और वीकेंड के बिना चौबीसों घंटे की जाती है।

चार मुख्य ट्रेडिंग सत्र होते हैं: पैसिफिक (सिडनी), एशियन (टोक्यो), यूरोपियन (लंदन), अमेरिकन (न्यूयॉर्क)।

यह आपकी ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीति, जोखिम सहनशीलता और ट्रेडिंग शैली पर निर्भर करता है। स्कैल्पिंग, फंडामेंटल ट्रेडिंग और ट्रेंड रणनीतियों के लिए यूरोपीय और न्यूयॉर्क सत्र सबसे उपयुक्त होते हैं। जबकि वहीं रणनीति को आज़माने और सीखने के लिए पैसिफिक और एशियन सत्रों को बेहतर माना जाता है।

देर रात रविवार से सोमवार की सुबह के बीच का समय (पैसिफिक सत्र के खुलने और एशियाई सत्र के आरंभ के बीच की अवधि) न्यूयॉर्क और लंदन सत्रों के अहम मेलजोल का समय होता है। इसके अलावा, अमेरिकी सत्र पर मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों के प्रकाशन का भी असर पड़ता है।

ट्रेड करने के उपयुक्त समय के संबंध में कोई निश्चित दिशानिर्देश नहीं होता है। उपयुक्त ट्रेडिंग रणनीति इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कौन-सी रणनीति चुनी है, किस संपत्ति में ट्रेड कर रहे हैं, और बाजार में ट्रेड को कितनी देर तक होल्ड करके रखा है। उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी रणनीति दीर्घकालिक है, तो किसी विशेष ट्रेडिंग दिन का पालन करना ज़रूरी नहीं है। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए मुख्य सुझाव यह है कि सोमवार सत्र के खुलने के बाद पहले 2-3 घंटों में तेज उतार-चढ़ाव से बचें। इसके अलावा, छुट्टियों और वीकेंड से पहले के अंतिम कुछ घंटों में लिक्विडिटी की कमी और बाज़ार में स्थिर रुझान की संभावना को ध्यान में रखना ज़रूरी है।

यह देखते हुए कि कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का अधिक हिस्सा, लगभग 28-35%, EUR/USD करेंसी पेयर पर आधारित है और अतिरिक्त 11-13% की ट्रेडिंग GBP/USD पर की जाती है। यह स्पष्ट है कि अमेरिकी और यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले होते हैं और इनमें ट्रेडिंग वॉल्यूम भी ज्यादा होता है।

यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र सबसे ज्यादा सक्रिय होता है, क्योंकि EUR/USD, GBP/USD और USD/CHF जैसे लगभग आधे प्रमुख करेंसी पेयर्स की ट्रेडिंग इसी प्रमुख सत्र के दौरान की जाती है। अमेरिकी सत्र दूसरा सबसे सक्रिय ट्रेडिंग सत्र है। यह यूरोपीय सत्र के समाप्त होने के बाद शुरू होता है। ट्रेडिंग सत्रों का ओवरलैप होना वह अवधि होती है, जब बाज़ार में सबसे ज्यादा सक्रिय ट्रेडिंग होती है।

यूरोपीय करेंसी वाले करेंसी पेयर में अस्थिरता में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। पैसिफिक और एशियन सत्रों के दौरान, यूरोपीय करेंसी की मांग अपेक्षाकृत कम होती है। नतीजतन, लंदन (यूरोपीय) सत्र की पहचान स्थिरता की अवधि के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी से होती है। यही वो समय होता है, जहां रुझान बनते हैं और प्रमुख स्तर पर ब्रेकआउट की संभावना ज्यादा होती है। लंदन ब्रेकआउट रणनीति इसी विशेष प्रभाव का फायदा उठाने के लिए बनाई गई है।

अमेरिकी सत्र 21.00 GMT/UTC+0 पर बंद होता है। GMT+3 टाइम ज़ोन में, यह सत्र आधी रात को 00.00 बजे बंद होता है।

जब यूरोपीय सत्र अच्छी तरह चल रहा होता है, तो अमेरिकी सत्र शुरू होता है। इन दोनों के क्रॉस करने पर, तरलता प्रवाह के कारण बाजार में अधिकतम ट्रेडिंग वॉल्यूम देखने को मिलता है और यूरोपीय पेयर तथा क्रॉस दरों पर स्प्रेड सबसे कम हो जाते हैं।

सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) का टाइम-ज़ोन GMT/UTC+10 है, जबकि न्यूयॉर्क (USA) का टाइम-ज़ोन GMT/UTC-4 है। इस प्रकार, समय अंतराल 14 घंटे का होता है। जब न्यूयॉर्क में मंगलवार को सुबह के 11:00 बजते हैं, तब सिडनी में बुधवार को सुबह के 01:00 बजते हैं।

फॉरेक्स मार्केट सप्ताह में 5 दिन, 24 घंटे खुला रहता है। ट्रेडिंग सत्र प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों के खुलने के समय के अनुसार चलते हैं, जिससे लगातार ट्रेडिंग संभव होती है।

ट्रेडिंग करने के लिए सबसे अच्छा समय तब होता है, जब यूरोपीय और अमेरिकी सत्र ओवरलैप होते हैं। गर्मियों में यह समय 15:00 से 19:00 (GMT+3) होता है। बुधवार और गुरुवार को भी ट्रेडिंग करने का सुझाव दिया जाता है, क्योंकि इन दिनों ट्रेडिंग वॉल्यूम सबसे ज्यादा होता है, जिससे ट्रेडिंग करने के बेहतर अवसर मिलते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज सुबह जल्दी खुलता है। लेकिन टाइम ज़ोन के अंतर के कारण उनकी खुलने की प्रक्रिया दिनभर चलती रहती है।

  • ऑस्ट्रेलियन स्टॉक एक्सचेंज रात 9:00 बजे (GMT+0) के अनुसार खुलता है;
  • टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज रात 12:00 बजे (GMT+0) के अनुसार खुलता है;
  • लंदन स्टॉक एक्सचेंज सुबह 7:00 बजे (GMT+0) के अनुसार खुलता है;
  • न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज दोपहर 12:00 बजे (GMT+0) के अनुसार खुलता है।

अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र दोपहर 12:00 बजे (GMT+0) के अनुसार खुलता है। इस समय अमेरिकी डॉलर पेयर में सबसे ज़्यादा ट्रेडिंग होती है और प्रमुख समाचार व रिपोर्ट भी इसी समय जारी की जाती हैं, जिससे कीमत में ज्यादा उतार-चढ़ाव हो सकता है।

लंदन स्टॉक एक्सचेंज सुबह 07:00 बजे (GMT+0) के अनुसार खुलता है। इस समय यूरो, स्विस फ्रैंक और ब्रिटिश पाउंड की ट्रेडिंग सबसे ज्यादा की जाती है।

रीयल टाइम मोड में EURUSD का मूल्य चार्ट

फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग करने का सबसे बेहतर समय: अपनी ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीति को सुधारना।

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