वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) इंडीकेटर स्टैण्डर्ड मूविंग एवरेज का एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि मूविंग एवरेज काफ़ी लोकप्रिय और व्यापक रूप से उपलब्ध है और कई ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म और इंडीकेटर्स (जैसे बोलिंजर बैंड) का आधार बनते हैं, फिर भी इनमें कुछ सीमाएं होती हैं। मूविंग एवरेज सिर्फ समय अवधि के आधार पर औसत मूल्य की गणना करते हैं, लेकिन ट्रेडिंग वॉल्यूम को ध्यान में नहीं रखते, जिससे सटीकता कम हो सकती है।
विश्लेषण की सटीकता को बेहतर बनाने की ज़रूरत ने एक्सपोनेंशियल और वेटेड एवरेज (LWMA, WMA) जैसे विकल्पों के विकास को प्रेरित किया। इस लेख में VWAP की परिभाषा, उसके लाभ और सीमाएं और उसके व्यावहारिक उपयोग की समीक्षा की गई है।
इस आर्टिकल में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
अहम जानकारी
- VWAP इंडीकेटर या वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस का इस्तेमाल किसी एसेट की औसत कीमत की गणना करने के लिए किया जाता है, जिसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम को ध्यान में रखा जाता है।
- इस इंडीकेटर से रुझानों को तय करने और सपोर्ट व रजिस्टेंस लेवल की पहचान करने में मदद मिलती है।
- इस इंडीकेटर का फायदा यह है कि इसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम को ध्यान में रखा जाता है और रियल-टाइम डेटा के साथ ज़्यादा सटीक काम करता है।
- इसका नुकसान यह है कि यह इंडीकेटर अक्सर देर से प्रतिक्रिया करता है और जब मार्केट साइडवेज़ (एक ही दायरे में) चलता है, तब गलत सिग्नल मिल सकता है।
- VWAP इंडीकेटर का कैसे इस्तेमाल करना है, यह समझने के लिए ट्रेडर आम तौर पर यह देखते हैं कि कीमत इंडीकेटर लाइन से कितना ऊपर या नीचे गया है, उसी के हिसाब से वे ट्रेड खोलते या बंद करते हैं।
वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) क्या है: परिभाषा
वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) इंडीकेटर की परिभाषा समझाने से पहले, आइए जानें कि मूविंग एवरेज क्या है।
मूविंग एवरेज एक सांख्यिकीय माप है, जिससे किसी तय समय में किसी स्टॉक या एसेट का औसत दाम निकाला जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी को किसी स्टॉक का 12 हफ़्तों का मूविंग एवरेज निकालना हो, तो उसे पिछले 12 हफ़्तों के हर ट्रेडिंग दिन के कीमत को जोड़कर 12 से भाग देना होगा। जो संख्या मिलेगी, वही उस स्टॉक का 12 हफ़्तों का मूविंग एवरेज कहलाएगा। मूविंग एवरेज से डेटा को संतुलित करने में मदद मिलती है और कुल मिलाकर बाज़ार के रुझानों की झलक मिलती है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी स्टॉक की कीमत लगातार अपने मूविंग एवरेज से ऊपर रहता है, तो समझा जा सकता है कि यह अपट्रेंड (ऊपर की दिशा) में है। वहीं अगर कीमत लगातार अपने मूविंग एवरेज से नीचे रहती है, तो इसका मतलब है कि यह डाउनट्रेंड (नीचे की दिशा) में है। मूविंग एवरेज का इस्तेमाल सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल की पहचान करने के लिए भी किया जाता है। मूविंग एवरेज के कई प्रकार होते हैं, जिनमें सबसे आम सिंपल मूविंग एवरेज (SMA), एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और मूविंग एवरेज कनवर्जेंस/डाइवर्जेंस (MACD) हैं।
VWAP इंडीकेटर की परिभाषा
वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस VWAP ऐसा तरीका है, जिससे पता चलता है कि किसी स्टॉक की औसत कीमत कितनी रही, लेकिन इसमें दाम के साथ-साथ यह भी देखा जाता है कि उस कीमत पर कितना वॉल्यूम ट्रेड हुआ था। सीधे शब्दों में कहें तो, इससे पता चलता है कि अगर आप पूरे दिन में धीरे-धीरे छोटे-छोटे हिस्सों में कोई एसेट खरीदते हैं, तो कुल मिलाकर उसकी औसत लागत कितनी होती। VWAP इंडीकेटर का इस्तेमाल किसी भी टाइम फ्रेम पर किया जा सकता है, लेकिन आम तौर पर इसका इस्तेमाल इंट्राडे प्राइस चार्ट (यानि एक ही दिन के चार्ट) पर किया जाता है।
VWAP इंडीकेटर की गणना और इसका फार्मूला
VWAP की गणना करने के लिए, आपको सिर्फ हरेक ट्रेड की कीमत को उसके वॉल्यूम से गुणा करना होगा और फिर उस राशि को कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम से भाग देना होगा। VWAP का फॉर्मूला इस प्रकार है:
आइए अब फ़ॉर्मूला के हर हिस्से पर थोड़ा ध्यान से नज़र डालते हैं।
कीमत किसी एसेट की किसी निश्चित अवधि में औसत कीमत को दिखाता है। गणनाओं में, तीन अलग-अलग प्रकार की औसत कीमतें देखने को मिल सकती हैं:
औसत कीमत - (उच्च + निम्न) / 2
सामान्य कीमत - (उच्च + निम्न + समापन) / 3
भारित कीमत - (उच्च + निम्न + शुरुआती + समापन) / 4
- वॉल्यूम उस अवधि में ट्रेड की गई मात्रा की कुल संख्या को दिखाता है।
- कुल या संचयी मात्रा पूरी अवधि में ट्रेड की गई मात्रा की कुल संख्या है।
VWAP लैगिंग इंडीकेटर है, यानी यह पुराने डेटा पर आधारित होता है। इसलिए इसका इस्तेमाल लिक्विडिटी मापने या संभावित सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल की पहचान करने के लिए किया जा सकता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि लैगिंग इंडीकेटर से हमेशा भावी कीमतों की सटीक जानकारी नहीं मिलती, इसलिए बेहतर यही है कि VWAP को दूसरे तकनीकी टूल्स के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाए।
यह समझने के लिए कि VWAP कैसे काम करता है, आइए इन उदाहरण को देखते हैं।
मान लीजिए कि आप किसी स्टॉक के लिए एक दिन के VWAP की गणना करना चाहते हैं। पहला कदम हरेक ट्रेड के लिए मूल्य और मात्रा की गणना करना है। नीचे दी गई तालिका में इन मानों को दिखाया गया है:
समय | वॉल्यूम (शेयर) | सामान्य कीमत | भारित कीमत |
09:30 | 100 | $50 | $5000 |
09:45 | 200 | $49 | $9800 |
11:00 | 300 | $48.50 | $14,550 |
12:30 | 400 | $47.75 | $19,100 |
14:15 | 500 | $46.50 | $23,250 |
अगला चरण सभी ट्रेड के भारित कीमत और मात्राओं का योग करना है। इससे हमें कुल 1500 शेयर प्राप्त होते हैं जिनका भारित कीमत 71,700 डॉलर है।
आख़िर में, VWAP निकालने के लिए कुल भारित कीमत को कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम से भाग देना जरूरी होता है:
VWAP = 71700 / 1500 = $47.8
हालांकि, VWAP की मैन्युअल गणना करना थोड़ा झंझट भरा काम हो सकता है, खासकर जब आप इसे कई एसेट पर लागू करने की कोशिश कर रहे हों। अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर चार्टिंग सॉफ्टवेयर पैकेज में वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस इंडीकेटर पहले से ही मौजूद रहता है, इसलिए आपको इसकी गणना करने की जरूरत नहीं पड़ती।
Excel शीट पर VWAP की गणना करने का तरीका
चार्ट पर संकेतक मानों की सटीकता की जांच करने के लिए Excel में VWAP की गणना करना जरुरी है। उदाहरण के तौर पर, अगर आपने किसी अज्ञात स्रोत से VWAP का कोई वर्जन डाउनलोड किया है और कोड समझ नहीं पाए हैं, तो Excel में गणना करें और मानों की वास्तविक मानों से तुलना करें:
- MT4 से कोट्स डाउनलोड करें। "सर्विस/कोट्स आर्चिव"। खुलने वाले विंडो में, अपनी पसंद का करेंसी पेयर और टाइमफ्रेम चुनें।
- “एक्सपोर्ट” पर क्लिक करके CSV फॉर्मेट में फाइल सेव करें।
- फाइल को Excel में खोलें और उसमें बदलाव करें। अपलोड किया गया डेटा संख्याओं का एक कॉलम है, जिसे कॉमा से अलग किया गया है। हरेक लाइन तिथि से संबंधित होता है।
मैं गणना के लिए औसत कीमत का इस्तेमाल करूंगा, इसलिए मुझे सिर्फ दो तरह के उच्च/निम्न कीमत और मात्रा की जरुरत होगी। स्रोत फ़ाइल में डेटा को LEFT और RIGHT फ़ंक्शन का इस्तेमाल करके बदल सकते हैं। अगर सेल के कोने में हरा त्रिभुज दिखाई देता है, तो डेटा को संख्या में बदलना न भूलें। साथ ही, सेपरेटर “डॉट” (.) को “कॉमा” (,) से बदलना भी न भूलें।
कॉलम F में भिन्न का अंश ज्ञात कीजिए। उच्च और निम्न कीमत का औसत लेकर उसे वॉल्यूम से गुणा करें। फिर उस फॉर्मूले को नीचे तक ड्रैग कर दें।
F2: =(C2+D2)/2*E2
12 अवधि वाले VWAP की गणना करें:
G13=F13/E13
अवधि12 का मतलब है कि डेटा आख़िरी 12 कैंडल्स (सेल्स) के आधार पर निकाला जाता है। इसलिए, फ़ॉर्मूला सिर्फ G13 की 12वीं लाइन में ही डालें।
आप इस लिंक के माध्यम से टेम्पलेट डाउनलोड कर सकते हैं।
VWAP इस्तेमाल करने का तरीका
अब जबकि हम VWAP की गणना करने के सामान्य तरीकों के बारे में जान गए हैं, तो आइए इसके इस्तेमाल करने के कुछ तरीकों पर नजर डालें।
लिक्विडिटी को मांपने का पैमाना
VWAP में हर ट्रेड की कीमत और वॉल्यूम दोनों को ध्यान में रखा जाता है, इसलिए इसका इस्तेमाल अक्सर एसेट की लिक्विडिटी मापने के लिए किया जाता है। जब VWAP मौजूदा प्राइस के करीब होता है, तो इसका मतलब है कि बाज़ार में अच्छी लिक्विडिटी है, यानी खूब ट्रेडिंग हो रही है। अगर VWAP मौजूदा प्राइस से काफी दूर है, तो इससे पता चलता है कि लिक्विडिटी कम है या ट्रेडिंग ज़्यादा नहीं हो रही।
सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
VWAP का एक और आम उपयोग संभावित सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल की पहचान करना है। ये वे कीमतें हैं, जहां खरीद या बिक्री की गतिविधि बढ़ने की संभावना होती है, जिससे कीमत में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
VWAP का उपयोग इन स्तरों की पहचान करने का एक तरीका यह है कि उन अवधियों को देखें, जब कीमत VWAP के ऊपर या नीचे ट्रेड कर रही हो। जब कीमत VWAP के ऊपर होती है, तो इससे ज्यादा खरीदारी का संकेत मिलता है। इसी तरह, जब कीमत VWAP के नीचे होती है, तो इससे ज्यादा बिक्री संकेत मिलता है।
सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल की पहचान करने के लिए VWAP का उपयोग करने का एक अन्य तरीका विचलनों पर नज़र रखना है। यह तब होता है जब कीमत VWAP से काफ़ी ज़्यादा ऊपर या नीचे चली जाती है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई स्टॉक पूरे दिन लगभग 50 डॉलर के VWAP पर ट्रेड कर रहा था और अचानक बढ़कर 60 डॉलर तक पहुंच गया, तो इससे ज्यादा खरीदारी का संकेत मिल सकता है और शेयर की कीमत ऊपर बढ़ने की संभावना है। इसके विपरीत, अगर कीमत 50 से 40 डॉलर तक गिर जाती है, तो इससे इस बात का संकेत मिल सकता है कि शेयर में गिरावट जारी रहेगी।
हालांकि VWAP एक उपयोगी इंडीकेटर हो सकता है, लेकिन यह ध्यान में रखना ज़रूरी है कि इससे हमेशा भावी कीमतों की सटीक भविष्यवाणी नहीं होती। इसलिए, बाज़ार में क्या चल रहा है, इसका पूरा अंदाज़ा लगाने के लिए इसे बोलिंगर बैंड, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) जैसे अन्य तकनीकी टूल्स के साथ इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है।
VWAP ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीतियां
आइए अब कुछ ऐसी ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीतियों पर नजर डालें, जिनमें वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) इंडीकेटर का इस्तेमाल किया जाता है।
इंट्राडे ट्रेडिंग
इंट्राडे ट्रेडिंग में VWAP इंडीकेटर का इस्तेमाल खरीद और बिक्री के संकेतों की पहचान करने के लिए किया जा सकता है। अगर एसेट VWAP के ऊपर ट्रेड हो रहा है, तो कुछ ट्रेडर इसे बेचने के लिए अच्छा संकेत मान सकते हैं। वहीं, अगर एसेट की कीमत VWAP से नीचे है, तो यह खरीदारी करने का अच्छा संकेत माना जा सकता है।
पेयर ट्रेड
इस रणनीति में आप अपने VWAP से नीचे ट्रेड करने वाले स्टॉक को खरीदते हैं और VWAP से ऊपर ट्रेड करने वाले स्टॉक को बेचते हैं। इसका मकसद यह होता है कि दोनों स्टॉक्स आख़िरकार अपने VWAP के करीब वापस आ जाएं, यानि कीमतों में धीरे-धीरे संतुलन बन जाए।
ट्रेलिंग स्टॉप
इस रणनीति का मतलब है कि ट्रेडर तब खरीदारी या बिक्री करेंगे, जब कीमत VWAP से तय प्रतिशत ऊपर या नीचे चली जाए। उदाहरण के तौर पर, निवेशक ट्रेलिंग स्टॉप को प्लस या माइनस पांच प्रतिशत पर सेट कर सकते हैं।
VWAP सुधार रणनीति
यह VWAP इंडीकेटर का इस्तेमाल करके ट्रेड करने का आसान और प्रभावी तरीका है। इस पद्धति में यह माना जाता है कि अगर कोई स्टॉक किसी दिशा में तेज़ी से बढ़ गया है, तो वह आगे बढ़ने से पहले कुछ समय के लिए VWAP स्तर तक वापस आता है। इस VWAP रणनीति से ट्रेड करने के लिए, सबसे पहले ट्रेडर को ऐसे स्टॉक की पहचान करनी होती है जिसने हाल ही में बड़ी चाल चली हो। इसके बाद, वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) की गणना करनी होती है और यह इंतज़ार करना होता है कि स्टॉक इस स्तर तक वापस आए। जैसे ही स्टॉक VWAP स्तर तक लौटता है, ट्रेडर मूल चाल की दिशा के अनुसार लॉन्ग या शॉर्ट पोज़िशन ले सकता है। इस पुलबैक रणनीति के लिए स्टॉप लॉस, पोजीशन के आधार पर, VWAP के ठीक नीचे या ऊपर लगाया जाना चाहिए।
VWAP बैंड
वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) इंडीकेटर के साथ ट्रेड करने का एक और तरीका VWAP बैंड का इस्तेमाल करना है। इसमें इंडीकेटर के चारों ओर एक बैंड बनाना और कीमत के ऊपरी या निचले बैंड की ओर बढ़ने का इंतज़ार करना शामिल है। बैंड की चौड़ाई कई अलग-अलग घटकों पर निर्भर हो सकती है, लेकिन आमतौर पर इसे प्लस या माइनस दो स्टैंडर्ड डिविएशन पर सेट किया जाता है। यह बैंड इतना चौड़ा और संतुलित होता है कि दिनभर कीमत में होने वाला उतार-चढ़ाव इसी दायरे के भीतर सीमित रहती हैं। । जब कीमत ऊपरी या निचले बैंड पर पहुँच जाती है, तो ट्रेडर कीमत की दिशा के आधार पर लॉन्ग या शॉर्ट पोजीशन ले सकते हैं। इस रणनीति के लिए स्टॉप लॉस VWAP बैंड के ठीक बाहर लगाया जाना चाहिए।
VWAP आधारित सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
जैसा कि पहले बताया गया है, वॉल्यूम भारित औसत मूल्य (VWAP) इंडीकेटर का इस्तेमाल सपोर्ट और रजिस्टेंस के रूप में किया जा सकता है। किसी प्रतिभूति (एसेट) का निश्चित समयावधि में औसत मूल्य लेकर, इस टूल की मदद से संभावित प्रवेश और निकास बिंदुओं की पहचान की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर, अगर एसेट की कीमत VWAP रेखा से नीचे है, तो इससे इस बात का संकेत मिल सकता है कि उसका मूल्यांकन कम है और खरीदारी के लिए उपयुक्त अवसर हो सकता है। इसी प्रकार, अगर एसेट की कीमत VWAP रेखा से ऊपर है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि प्रतिभूति का मूल्यांकन ज्यादा है और बेचने का अवसर हो सकता है। अगर एसेट की कीमत VWAP रेखा के करीब पहुंच रही है, तो वर्तमान बाजार संतुलित होता है। ऐसी स्थिति में यह संभावित संकेत होता है कि रुझान जारी रह सकता है या इसमें उलटफेर हो सकता है।
इसके अलावा, VWAP का इस्तेमाल सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि बेहतर और सोच-समझकर ट्रेडिंग से जुड़े निर्णय लिए जा सकें। उदाहरण के तौर पर, अगर वर्तमान कीमत VWAP के नीचे है और किसी अहम सपोर्ट लेवल के करीब पहुंच रही है, तो इसे खरीदारी का अवसर माना जा सकता है। इसके विपरीत, अगर वर्तमान कीमत VWAP के ऊपर है और किसी अहम रजिस्टेंस लेवल के पास पहुंच रही है, तो इसे बेचने का अवसर समझा जा सकता है।
VWAP और MVWAP
VWAP से मिलता-जुलता इंडीकेटर होता है, जिसे मूविंग VWAP (MVWAP) कहा जाता है। यह असल में वही VWAP होता है, जिसे समय के हिसाब से थोड़ा आगे बढ़ा दिया जाता है। इसे अक्सर ट्रेडिंग से जुड़े निर्णय लेने के लिए संदर्भ बिंदु के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ट्रेडर को लगता है कि किसी एसेट की कीमत MVWAP से नीचे है, तो वह इसे खरीदने का संकेत मान सकते हैं। इसके विपरीत, अगर कीमत MVWAP से ऊपर है, तो इसे बेचने का संकेत समझा जा सकता है।
VWAP और MVWAP के बीच कई मुख्य अंतर हैं, जिन्हें समझना जरुरी है।
- VWAP किसी तय समयावधि के कुल वॉल्यूम पर आधारित होता है, जबकि MVWAP उस वॉल्यूम के उप-समय पर आधारित होता है।
- VWAP स्थिर होता है, जबकि MVWAP गतिशील होता है।
- VWAP का इस्तेमाल आमतौर पर इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए मानक के तौर पर जाता है, जबकि MVWAP का इस्तेमाल अक्सर कई दिनों या हफ्तों तक ट्रेडिंग से जुड़े निर्णय लेने के संदर्भ बिंदु के रूप में किया जाता है।
एंकर्ड VWAP
VWAP का एक और प्रकार एंकर्ड VWAP है। यह ऐसा VWAP है, जिसकी गणना विशिष्ट समयावधि का इस्तेमाल करके की जाती है। उदाहरण के तौर पर, आप ट्रेडिंग के अंतिम दो घंटों का उपयोग करके एंकर्ड VWAP की गणना कर सकते हैं। ससे आपको यह अच्छी तरह समझ में आएगा कि इस अवधि के दौरान स्टॉक किस स्तर पर ट्रेड करने की संभावना रखता है। एंकर्ड VWAPS उन डे ट्रेडर्स के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जिन्हें किसी निश्चित समयावधि में स्टॉक के रुझान को समझना होता है।
MT4 के लिए VWAP इंडीकेटर
अगर आप मेटाट्रेडर प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप अपने ट्रेडिंग चार्ट में VWAP जोड़ने की सुविधा भी पा सकते हैं। इस इंडीकेटर का मुफ्त वर्जन डाउनलोड करने के लिए, इन लिंक (MT4 के लिए VWAP इंडीकेटर) पर क्लिक करें। इंडीकेटर डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद, आपको सिर्फ इसे अपने चार्ट से जोड़ना होगा। है। इसके लिए आपको MT4 मेनू पैनल में जाना होगा, “फ़ाइल/ओपन डेटा फोल्डर” पर क्लिक करना होगा, फिर इंडीकेटर फ़ोल्डर में VWAP इंडीकेटर फ़ाइल डालनी होगी। प्लेटफ़ॉर्म को रीस्टार्ट करते ही, VWAP अन्य टूल्स की तरह आपके चार्ट के “इन्सर्ट/इंडीकेटर” सेक्शन में दिखाई देगा।
VWAP इस्तेमाल करने की सीमाएं
हालांकि VWAP प्रभावी टूल है, लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह पूर्णतः सही नहीं है। इसके कुछ सबसे प्रमुख नुकसान इस प्रकार हैं।
- यह लैगिंग इंडीकेटर है। इसका मतलब है कि यह पिछले प्राइस एक्शन पर आधारित होता है और हमेशा मौजूदा मार्केट की स्थिति को सही तरीके से नहीं दिखा सकता। यह जरूरी नहीं कि खराब हो, लेकिन इसे ध्यान में रखना चाहिए।
- इसमें ऑर्डर साइज को ध्यान में नहीं रखा जाता। उदाहरण के तौर पर, यदि 100 शेयरों के लिए दो ऑर्डर दिए गए हैं, तो VWAP वैसा ही होगा जैसा कि 200 शेयरों के लिए केवल एक ऑर्डर दिए जाने पर होता है। इससे कभी-कभी गलत संकेत मिल सकते हैं, इसलिए VWAP का इस्तेमाल करने से पहले इसके बारे में जानना जरूरी है।
- VWAP अल्पकालिक और मध्यम अवधि की रणनीतियों के लिए ज्यादा उपयुक्त है। लंबी अवधि में इससे कभी-कभी गलत संकेत मिल सकता है।
- VWAP के कई वर्ज़न मौजूद हैं, जो हर बार थोड़े अलग डेटा का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इसके नतीजे कभी-कभी अलग दिख सकते हैं, इससे ट्रेडर्स को कंफ्यूजन हो सकता है।
इन सीमाओं के बावजूद, VWAP बढ़िया इंडीकेटर है। यह ट्रेडिंग में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, ट्रेडर्स को इसे अन्य इंडीकेटर के साथ इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है, ताकि बेहतर परिणाम मिल सकें।
फायदे और नुकसान
आइए नीचे की तालिका में VWAP के उपयोग के फायदे और नुकसान को संक्षेप में देखें।
फायदा | नुकसान |
सपोर्ट और रजिस्टेंस की पहचान करने में मदद मदद मिलती है | लैगिंग इंडीकेटर |
ट्रेंड-फॉलोइंग इंडीकेटर | ज्यादा ऑर्डर के लिए सटीक नहीं है |
सापेक्ष रूप से आसानी से गणना की जा सकती है | ऑर्डर साइज को ध्यान में नहीं रखा जाता |
शॉर्ट-टर्म से जुड़ी रणनीति (M1-M5-M15) के लिए सटीक है | VWAP के कई ऐसे वर्ज़न हैं, जिससे ट्रेडर्स को कंफ्यूजन हो सकता है। |
पूरा वर्जन सशुल्क है |
निष्कर्ष
VWAP इंडीकेटर सभी स्तर के ट्रेडर्स के लिए उपयोगी टूल है। इसका इस्तेमाल संभावित एंट्री और एग्जिट पॉइंट और सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल की पहचान करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, इसमें कई अलग-अलग सेटिंग और समयावधि हैं, जिन्हें किसी भी ट्रेडर की जरूरत के अनुसार लागू किया जा सकता है। इसे आज़माएँ और देखें कि यह आपके लिए कैसे काम करता है। अपने ट्रेडिंग स्टाइल के हिसाब से सबसे अच्छी सेटिंग खोजने के लिए अलग-अलग सेटिंग के साथ इस्तेमाल करें। हालांकि, संभावित जोखिम कम करने और बेहतर परिणाम पाने के लिए, VWAP को Bollinger Bands, RSI, SMA जैसे अन्य तकनीकी विश्लेषण टूल्स के साथ इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है।
VWAP से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
VWAP इंडीकेटर किसी एसेट की वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस को किसी खास समयावधि में मापता है। इसकी गणना इस तरह की जाती है कि उस अवधि में होने वाले सभी लेन-देन की कीमतों को जोड़ा जाता है और फिर कुल लेन-देन की संख्या से भाग दिया जाता है। ट्रेडर्स VWAP का इस्तेमाल संभावित खरीद और बिक्री बिंदु की पहचान करने के लिए कर सकते हैं। साथ ही, इससे मार्केट की सामान्य दिशा समझने में भी मदद मिलती है।
ट्रेडर्स VWAP का इस्तेमाल कई अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं, लेकिन कुछ आम तरीकों में इसे मुनाफ़ा कमाने के लिए लक्ष्य या सपोर्ट/रजिस्टेंस लेवल के रूप में इस्तेमाल करना शामिल है। VWAP का इस्तेमाल ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर के रूप में भी किया जा सकता है, जिससे एसेट की कीमत VWAP लेवल के नीचे जाने पर इसे अपने आप बेच दिया जाता है। कुल मिलाकर, VWAP बहुमुखी टूल है, जिससे अलग-अलग तरीकों से ट्रेडर्स को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है।
VWAP का मुख्य इस्तेमाल ट्रेडर्स बेंचमार्क या ट्रेडिंग से जुड़े निर्णय लेने के टूल के रूप में करते हैं, लेकिन कुछ निवेशक इसका इस्तेमाल स्टॉक की वैल्यू समझने के लिए करते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी स्टॉक का लंबे समय तक लगातार VWAP से नीचे ट्रेड हो रहा है, तो निवेशक इसे अंडरवैल्यूड मान सकते हैं और इसे खरीदने की संभावना बढ़ सकती है। इसके विपरीत, अगर कोई स्टॉक लंबे समय तक VWAP से ऊपर ट्रेड कर रहा है, तो निवेशक इसे ओवरवैल्यूड मान सकते हैं और इसे खरीदने से बच सकते हैं।
VWAP की गणना करने के लिए, सबसे पहले आपको उस अवधि में हुए सभी ट्रेड का कुल एसेट वैल्यू पता करना होगा। इसका इस्तेमाल इस तरह किया जा सकता है कि ट्रेड की गई एसेट की संख्या को हर ट्रेड की कीमत से गुणा करें। कुल वैल्यू पता करने के बाद, इसे कुल ट्रेड की गई एसेट की संख्या से भाग देना जरूरी है।
Thinkorswim पर VWAP सेट करने के लिए, सबसे पहले "चार्ट" टैब पर जाएं। इसके बाद, "स्टाइल" ड्रॉपडाउन मेन्यू पर क्लिक करें और "एरिया" चुनें। इसके बाद ड्रॉपडाउन मेन्यू में "स्टडी" चुनें और "स्टडी संपादित करें" पर क्लिक करें। "स्टडी संपादित करें" विंडो में, "स्टडी जोड़ें" बटन पर क्लिक करें। नई विंडो पॉप खुलेगी। इस विंडो में, सूची में से "वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस" चुनें। इसके बाद, "OK" बटन पर क्लिक करें। अब आपका VWAP चार्ट पर दिखाई देगा।
VWAP ट्रेडर के लिए उपयोगी संकेतक है, क्योंकि इसमें सिर्फ कीमत ही नहीं बल्कि वॉल्यूम को भी ध्यान में रखा जाता है, जिससे बाजार गतिविधियों की तस्वीर अधिक सटीक रूप में मिलती है। VWAP इंडीकेटर का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है। सबसे आम तरीका यह है कि ट्रेडर इसका इस्तेमाल सपोर्ट और रजिस्टेंस के रूप में करते हैं। इस स्थिति में, अगर किसी एसेट की कीमत VWAP से नीचे है, तो निवेशक इसे यह संकेत मानते हैं कि बाजार कम मूल्यांकन वाला है और यह खरीदारी का अच्छा अवसर हो सकता है। इसके विपरीत, अगर एसेट की कीमत VWAP से ऊपर ट्रेड कर रही है, तो इसे अधिक मूल्यांकित माना जा सकता है, और यह बिक्री का लाभदायक अवसर माना जा सकता है।
वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस का इस्तेमाल ट्रेडर अक्सर अलग-अलग तरीकों से मानक के रूप में करते हैं। उदाहरण के तौर पर, कुछ निवेशक इसे खरीदने या बेचने का संकेत मान लेते हैं– अगर किसी एसेट की कीमत VWAP से नीचे है, तो वे इसे खरीद सकते हैं और अगर इसकी कीमत VWAP से ऊपर है, तो वे इसे बेच सकते हैं। कुछ ट्रेडर्स VWAP को स्टॉप-लॉस लगाने के लिए भी गाइड की तरह इस्तेमाल करते हैं।
Excel में VWAP इंडीकेटर की गणना करने के लिए, सबसे पहले MT4 ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म खोलें। फिर टूल मेन्यू में जाएं और हिस्ट्री सेंटर टैब चुनें। वहां आपको सही एसेट और टाइमफ्रेम सेट करना होगा। इसके बाद, डेटा को CSV फॉर्मेट में एक्सपोर्ट करें। जब आप डाउनलोड की हुई फाइल Excel में खोलें, तो जरूरी बदलाव करें और VWAP इस फॉर्मूला से निकालें: VWAP = Sum of (Price * Volume) / Total Volume।
VWAP से जुड़ी रणनीति ट्रेडिंग करने तरीका है, जिसका मकसद लेनदेन लागत को कम करना होता है। इसमें एसेट की कीमत को वॉल्यूम-वेइटेड एवरेज प्राइस के आसपास ट्रेड किया जाता है। इसके लिए निवेशक अक्सर दिन की शुरुआत में VWAP का बेंचमार्क सेट करते हैं और उसी के आसपास ट्रेड करने की कोशिश करते हैं। कुछ ट्रेडर्स VWAP को इंट्राडे टारगेट के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ इसका इस्तेमाल स्टॉप-लॉस ऑर्डर लगाने के लिए करते हैं। कुल मिलाकर, VWAP स्ट्रेटेजी का लक्ष्य होता है कि ज्यादा वॉल्यूम वाले समय में कम कीमतों का फायदा उठाया जाए और कम वॉल्यूम वाले समय में बेहतर कीमतों पर ट्रेड किया जाए।
VWAP लोकप्रिय इंडीकेटर है, जिसका इस्तेमाल ट्रेडर्स एसेट की मार्केट वैल्यू समझने के लिए करते हैं। किसी भी इंडीकेटर की तरह, इसके भी फायदे और नुकसान होते हैं। वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस एक ट्रेंड-फॉलोइंग इंडीकेटर है, जिससे ट्रेडर्स को सही एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट की पहचान करने में मदद मिलती है और सपोर्ट और रजिस्टेस लेवल सेट करने में भी काम आता है। यह शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग से जुड़ी रणनीति के लिए काफी सटीक माना जाता है। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह लैगिंग टूल है, इसलिए भावी कीमतों का सही अनुमान लगाने में ज्यादा कारगर नहीं है। इसके अलावा, इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है और बड़े ऑर्डर्स के लिए यह कभी-कभी गलत सिग्नल भी मिल सकता है।
VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस) और VWMA (वॉल्यूम वेटेड मूविंग एवरेज) दोनों टेक्निकल इंडीकेटर हैं, जिसमें वॉल्यूम डेटा का इस्तेमाल किसी एसेट की औसत कीमत निकालने के लिए करते हैं। इन दोनों इंडीकेटर से लगभग समान जानकारी मिलती है, लेकिन इनके बीच कुछ मुख्य अंतर हैं। VWAP स्टैटिक इंडीकेटर है, जिसकी गणना समापन कीमत के आधार पर की जाती है है। वहीं, VWMA डायनामिक इंडीकेटर है, जिसे नई जानकारी उपलब्ध होने पर लगातार अपडेट किया जाता है। इसके अलावा, VWAP की गणना आमतौर पर VWMA की तुलना में छोटे टाइमफ्रेम में की जाती है, इसलिए यह डे ट्रेडिंग के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।
अपनी ट्रेडिंग स्टाइल और यह ध्यान में रखते हुए कि आप किस तरह की जानकारी चाहते हैं, आप VWAP सेट करने के अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं। सबसे पहला कदम यह है कि अपने चुने हुए ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म के लिए VWAP इंडीकेटर ढूंढें। ज्यादातर प्लेटफ़ॉर्म पर कम से कम एक VWAP टूल उपलब्ध होगा। इंडीकेटर ढूंढने के बाद, आपको उसे अपने चार्ट में जोड़ना होगा। ऐसा करने के लिए, टूलबार में "इंडीकेटर" टैब पर क्लिक करें और सूची में से VWAP इंडीकेटर चुनें। इंडीकेटर आपके चार्ट में जोड़े जाने के बाद, आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से पैरामीटर को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
VWAP इंडीकेटर बनाने वाले व्यक्ति का नाम पीटर स्टाइडलमायर है । वे मार्केट एनालिसिस के जानकार और मार्केट प्रोफाइल थ्योरी के फाउंडर हैं। स्टाइडलमायर ने VWAP इसलिए बनाया, ताकि बड़ी कंपनियों की ट्रेडिंग एक्टिविटी को देखा जा सके और संभावित सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल की पहचान की जा सके। भले ही इसका इस्तेमाल ज्यादातर ट्रेडर्स करते हैं, लेकिन निवेशकों और पोर्टफोलियो मैनेजर्स के बीच भी यह काफी लोकप्रिय टूल है।

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